a similar incident occurred

एक ऐसी ही घटना घटी – पुनर्जन्म का रहस्य | A similar incident occurred – punarjanm ka rahasya

 

इस गांव के डॉ. राकेश शुक्ला के चार वर्षीय बेटे भीम ने एक दिन अचानक ही अपने माता-पिता से यह कहना शुरू कर दिया कि उसका नाम भीम नहीं है और न ही यह उसका घर है। उसके द्वारा रोज-रोज ऐसा कहने पर एक दिन उन्होंने पूछा कि बेटा तुम्हारा नाम भीम नहीं है तो क्या है और तुम्हारा घर यहां नहीं है तो कहां है? इस पर भीम ने जो उत्तर दिया उससे डॉ. शुक्ला आश्चर्यचकित रह गए। उसने जबाब दिया कि उसका असली नाम-सुक्खू है। वह जाति का चमार है एवं उसका घर बिन्दकी के पास मुरादपुर गांव में है। उसके परिवार में पत्नी एवं दो बच्चे हैं। बड़े बेटे का नाम उसने मानचंद भी बताया। आगे उसने यह भी बताया कि वह खेती-किसानी करता था। एक बार खेतों पर सिंचाई करते समय उसके चचेरे भाइयों से विवाद हो गया, जिस पर उसके चचेरे भाइयों ने उसे फावड़े से काटकर मार डाला था।

भीम द्वारा बताया गया गांव मुरादपुर, महरहा से तीन-चार किलोमीटर की दूरी पर ही है| इसलिए डॉ. शुक्ला ने एक दिन उस गांव में जाकर लोगों से सुक्खू चमार और उसके परिजनों के बारे में पूछ-ताछ की तो उन्हें भीम द्वारा बताई गई सारी जानकारी सही मिली।

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