ध्यान लगाने से पहले इन 5 गलतियों से बचें

क्या आपने कभी ध्यान लगाने की कोशिश की और महसूस किया कि आपका दिमाग और भी ज्यादा भटक रहा है? या शायद आपने कुछ दिन करने के बाद छोड़ दिया क्योंकि लगा कि यह काम नहीं कर रहा? अगर हाँ, तो आप अकेले नहीं हैं। ध्यान एक शक्तिशाली उपकरण है, लेकिन अधिकतर लोग इसे सही तरीके से शुरू नहीं कर पाते। और इसका कारण होता है कुछ छोटी-छोटी लेकिन बड़ी गलतियां। आज हम बात करेंगे उन 5 गलतियों के बारे में जो आप शायद ध्यान लगाने से पहले कर रहे हैं। इन्हें ठीक करके आप अपने ध्यान के अनुभव को बिल्कुल बदल सकते हैं।

गलती नंबर 1: बहुत ज्यादा उम्मीदें लेकर बैठना

हम में से ज्यादातर लोग ध्यान लगाना शुरू करते हैं तो उनके दिमाग में बहुत बड़ी उम्मीदें होती हैं। हम सोचते हैं कि एक ही बैठक में हमारा दिमाग पूरी तरह शांत हो जाएगा। या फिर हम चाहते हैं कि तनाव तुरंत गायब हो जाए। लेकिन यही उम्मीदें हमारे लिए सबसे बड़ी दीवार बन जाती हैं।

ध्यान एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें नतीजे धीरे-धीरे आते हैं। अगर आप हर सत्र में कुछ खास महसूस करने की उम्मीद करेंगे तो निराशा होगी। और निराशा होने पर आप ध्यान करना छोड़ देंगे।

इसलिए अपनी उम्मीदों को कम करें। बस इतना सोचें कि आप अपने दिमाग को थोड़ा आराम देने बैठ रहे हैं। अगर कुछ अच्छा हुआ तो बोनस है।

गलती नंबर 2: बैठने की गलत मुद्रा

एक बहुत आम गलती जो लोग करते हैं वो है बैठने की गलत मुद्रा। कई लोग ध्यान के लिए जमीन पर लेट जाते हैं या फिर बहुत ढीले होकर कुर्सी पर बैठ जाते हैं। इससे नींद आने का खतरा बढ़ जाता है।

ध्यान के लिए सबसे अच्छी मुद्रा होती है वो जिसमें आपकी रीढ़ की हड्डी सीधी हो और सिर थोड़ा झुका हुआ हो। आप जमीन पर पैर तह करके बैठ सकते हैं या फिर कुर्सी पर बैठे लेकिन जमीन पर अपने पैर टिकाए रखें।

याद रखें कि आपका शरीर सीधा और जागरूक होना चाहिए। ऐसी मुद्रा जिसमें आप आराम से बैठ सकें लेकिन नींद न आए।

गलती नंबर 3: ध्यान के लिए गलत समय चुनना

कई लोग ध्यान लगाने का समय ऐसा चुनते हैं जो उनके लिए सही नहीं होता। जैसे कि रात को सोने से पहले जब आप बहुत थके हुए हों। या फिर सुबह उठते ही जब आपका दिमाग अभी पूरी तरह जागा नहीं है।

सबसे अच्छा समय होता है वो जब आप थोड़े जागरूक हों लेकिन बहुत ज्यादा ऊर्जा न हो। ज्यादातर लोगों के लिए यह समय होता है सुबह के 7 से 9 बजे के बीच या फिर शाम के 5 से 7 बजे के बीच।

अपने दिनचर्या के हिसाब से सही समय चुनें। और एक बार चुन लेने के बाद उसी समय रोजाना बैठें। आदत बनने में इससे मदद मिलेगी।

गलती नंबर 4: ध्यान के दौरान फोन या डिवाइस को पास रखना

यह शायद सबसे बड़ी गलती है। हम ध्यान लगाने बैठते हैं और हमारा फोन हमारे पास ही पड़ा रहता है। और फिर अचानक नोटिफिकेशन आता है और हमारा ध्यान तोड़ दिया जाता है।

ध्यान के लिए एक शांत और विचलन-मुक्त जगह चुनें। अपना फोन साइलेंट या ऑफ करके किसी दूसरी जगह रख दें। अगर आप टाइमर लगाना चाहते हैं तो घड़ी या एलार्म क्लॉक का इस्तेमाल करें।

याद रखें कि ध्यान तभी असरदार होता है जब आप विचलित न हों। और फोन सबसे बड़ा विचलन है।

गलती नंबर 5: बहुत ज्यादा टाइम से डरना

कई लोगों को लगता है कि ध्यान लगाने के लिए उन्हें कम से कम 30 मिनट या 1 घंटा बैठना पड़ेगा। और फिर वो डर जाते हैं कि उनके पास इतना टाइम कहां से आएगा।

लेकिन सच तो यह है कि ध्यान का फायदा 5 मिनट में भी मिलता है। जी हां, बस 5 मिनट। आपको शुरुआत में 30 मिनट या 1 घंटा बैठने की जरूरत नहीं है।

शुरुआत 5 मिनट से करें। जैसे-जैसे आप आदत डालेंगे तो आप खुद बढ़ाएंगे। लेकिन शुरुआत में टाइम के बारे में बहुत ज्यादा डरना बेकार है।

ध्यान में सफलता के लिए कुछ आसान टिप्स

अब जब आप इन 5 गलतियों के बारे में जान गए हैं तो यहां कुछ आसान टिप्स हैं जिन्हें अपनाकर आप ध्यान में असरदारी पा सकते हैं।

  • हर रोज एक ही समय पर बैठें।
  • अपनी सांस पर ध्यान दें।
  • अपने दिमाग में आने वाले विचारों को बिना जज किए देखें।
  • अगर आपका ध्यान भटक जाए तो घबराएं नहीं, बस वापस अपनी सांस पर लाएं।
  • खुद पर बहुत ज्यादा दबाव न डालें।

निष्कर्ष

ध्यान लगाना एक ऐसी प्रक्रिया है जिसका फायदा हर कोई उठा सकता है। लेकिन इसके लिए आपको कुछ छोटी-छोटी गलतियों से बचना होगा। बहुत ज्यादा उम्मीदें, गलत मुद्रा, गलत समय, फोन का विचलन और टाइम का डर। इन्हें दूर करके आप अपने ध्यान के अनुभव को बिल्कुल बदल सकते हैं।

तो अब आपकी बारी है। क्या आपने इनमें से कोई गलती की है? कमेंट में बताएं। और अगर आपको यह लेख पसंद आया हो तो हमारे न्यूज़लेटर में सब्सक्राइब करें ताकि आपको ऐसे ही जानकारी भेजी जा सके।

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