कामाख्या देश कामाख्या देवी,
जहॉं बसे इस्माइल जोगी,
इस्माइल जोगी ने लगाई फुलवारी,
फूल तोडे लोना चमारी,
जो इस फूल को सूँघे बास,
तिस का मन रहे हमारे पास,
महल छोडे, घर छोडे, आँगन छोडे,
लोक कुटुम्ब की लाज छोडे,
दुआई लोना चमारी की,
धनवन्तरि की दुहाई फिरै।’
