नक्षत्र

Nakshatra is the term for lunar mansion in Hindu astrology and Indian Astronomy. A nakshatra is one of 28 sectors along the ecliptic.

Pushya Nakshatra

शुभ फलदायी होता है पुष्य नक्षत्र. – गृह नक्षत्र का प्रभाव – The good fruitful flower constellation. – Pushya Nakshatra

कार्तिक अमावस्या के पूर्व आने वाले पुष्य नक्षत्र को शुभतम माना गया है। जब यह नक्षत्र सोमवार, गुरुवार या रविवार को आता है, तो एक विशेष वार नक्षत्र योग निर्मित होता है जिसका संधिकाल में सभी प्रकार का शुभ फल सुनिश्चित हो जाता है। गुरुवार को इस नक्षत्र के पड़ने से गुरु-पुष्य नामक योग का […]

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Rohini Nakshatra

रोहिणी चंद्रमा की सुंदर पत्नी – गृह नक्षत्र का प्रभाव – Rohini beautiful wife of the Moon – Rohini Nakshatra

रोहिणी नक्षत्र को वृष राशि का मस्तक कहा गया है। इस नक्षत्र में तारों की संख्या पाँच है। भूसे वाली गाड़ी जैसी आकृति का यह नक्षत्र फरवरी के मध्य भाग में मध्याकाश में पश्चिम दिशा की तरफ रात को 6 से 9 बजे के बीच दिखाई देता है। यह कृत्तिका नक्षत्र के पूर्व में दक्षिण

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nakshatra

नक्षत्रों का मानव जीवन पर प्रभाव – गृह नक्षत्र का प्रभाव – Impact on human life of stars – nakshatra

आकाश मंडल में 27 नक्षत्र और अभिजीत को मिलाकर कुल 28 नक्षत्र होते हैं। राशियों पर 27 नक्षत्रों का ही प्रभाव माना गया है। जन्म के समय हम किस नक्षत्र में जन्में हैं, उसका स्वामी कौन है व उसकी जन्म कुंडली में किस प्रकार की स्थिति है। जन्म के समय का नक्षत्र उदित है या

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krittika nakshatra

कृत्तिका नक्षत्र – गृह नक्षत्र का प्रभाव – Krittika Star – krittika nakshatra

वृभष राशि में कृत्तिका नक्षत्र के अंतिम 3 चरण होते हैं। इसमें ई, उ, ए जन्माक्षर होते हैं। नक्षत्र स्वामी सूर्य व राशि स्वामी शुक्र है। कृत्तिका के अंतिम 3 चरणों में जिनका जन्म हुआ है। वे शुक्र व सूर्य से जीवन भर प्रभावित होते रहेंगे। जन्म जिस लग्न में हो उसके स्वामी का भी

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bharani nakshatra

भरणी नक्षत्र – गृह नक्षत्र का प्रभाव – Bharani constellation – bharani nakshatra

जिस जातक का जन्म भरणी नक्षत्र में हो तो उसकी राशि मेष होगी वहीं नक्षत्र का स्वामी शुक्र होगा। इस नक्षत्र में जन्में जातक पर मंगल, शुक्र का प्रभाव जीवन भर पड़ेगा जहाँ ऊर्जा, साहस महत्वाकांक्षा देगा। वहीं शुक्र कला, सौंदर्य धन व सेक्स का कारण बनता है। भरणी में जन्म होने से जन्म के

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ashvin nakshatra

अश्विन नक्षत्र – गृह नक्षत्र का प्रभाव – Ashwin Star – ashvin nakshatra

यदि आपका जन्म अश्विन नक्षत्र में हुआ है तो आपकी राशि मेष व जन्म नक्षत्र स्वामी केतु होगा। राशि स्वामी मंगल व केतु का प्रभाव आपके जीवन पर अधिक दिखाई देगा। मेष लग्न में जन्मे हैं तो मंगल लग्न में होने से व केतु भी मेष का हो तो आप स्वभाव से जिद्दी, गुस्सैल भी

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grah nakshatra ka prabhav

नई ड्रेस और नक्षत्र ! – गृह नक्षत्र का प्रभाव – New Dress and Star! – grah nakshatra ka prabhav

हर नई चीज मन में उमंग भर देती है। नए कपड़ों के प्रति हमारा स्नेह भी कुछ इसी तरह का होता है। कई बार हमें जो ड्रेस सबसे प्यारी होती है, अक्सर वही खराब हो जाती है। समझ में नहीं आता ‍ऐसा क्यों हुआ? हमारा ज्योतिष शास्त्र नक्षत्रों के द्वारा ऐसे मसलों को बड़ी रोचकता

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