4. bhitari ang

4. भीतरी अंग – पुरुष रोग का योगा द्वारा उपाय – 4. bhitari ang – purush rog ka yoga dwara upaay

4. भीतरी अंगयोग के आसनों को निरंतर करते रहने से शरीर के भीतरी अंगों में जमा मल और जहर बाहर निकल जाता है जिससे कि वह पुन: सुचारू रूप से कार्य करने लगते हैं। इस क्रिया से वे लम्बे काल तक स्वस्थ बने रहते हैं। 4. भीतरी अंग – 4. bhitari ang – पुरुष रोग …

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