अखंड ब्रह्मचर्य

scientific reasons for maintaining celibacy

ब्रह्मचर्य बनाए रखने के वैज्ञानिक कारण – ब्रह्मचर्य विज्ञान | Scientific reasons for maintaining celibacy – brahmacharya vigyan

  ब्रह्मचर्य का शारीरिक, मानसिक व वाचिक वैसे तीनों प्रकार से पालन न होने पर पुरुष व स्त्री दोनों के शरीर में से सेक्स होर्मोन्स बाहर निकल जाते हैं | ये सेक्स होर्मोन्स ज्यादातर लेसीथीन, फोस्फरस, नाइट्रोजन व आयोडीन जैसे जरूरी तत्त्वों से बने हैं जो जीवन, शरीर और मस्तिष्क के लिए बहुत उपयोगी हैं| […]

ब्रह्मचर्य बनाए रखने के वैज्ञानिक कारण – ब्रह्मचर्य विज्ञान | Scientific reasons for maintaining celibacy – brahmacharya vigyan Read More »

celibacy

ब्रह्मचर्य विज्ञान – ब्रह्मचर्य विज्ञान | Celibacy – brahmacharya vigyan

  ब्रह्मचर्य के दो अर्थ होते हैं। जो ज़्यादातर लोग जानते हैं वो ये होता है कि संभोग(सेक्स) नहीं करना और ये बड़ी तुच्छ बात है। तुमने तो ब्रह्म को बिल्कुल लंगोटे से बांध दिया है। ब्रह्म को क्या पड़ी है कि तुम सेक्स कर रहे हो या नहीं। ब्रह्म का वास्तविक अर्थ है, ब्रह्म

ब्रह्मचर्य विज्ञान – ब्रह्मचर्य विज्ञान | Celibacy – brahmacharya vigyan Read More »

for married young men

विवाहित युवक-युवतियों के लिए – ब्रह्मचर्य विज्ञान | For married young men – brahmacharya vigyan

  प्रत्येक नवविवाहित युवक-युवती को डॉ.कोवन की निम्न पंक्यिताँ अवश्य ध्यान में रखनी चाहिएः “नई शादी करके पुरुष तथा स्त्री विषय भोग की दलदल में जा धँसते हैं। विवाह के प्रारम्भ के दिन तो मानों व्यभिचार के दिन होते हैं। उन दिनों ऐसा जान पड़ता है, जैसे विवाह जैसी उच्च तथा पवित्र व्यवस्था भी मनुष्य

विवाहित युवक-युवतियों के लिए – ब्रह्मचर्य विज्ञान | For married young men – brahmacharya vigyan Read More »

secret of celibacy

ब्रह्मचर्य का रहस्य – ब्रह्मचर्य विज्ञान | Secret of celibacy – brahmacharya vigyan

  ► परिचय एक बार ऋषि दयानंद से किसी ने पूछाः “आपको कामदेव सताता है या नहीं ?” उन्होंने उत्तर दियाः “हाँ वह आता है, परन्तु उसे मेरे मकान के बाहर ही खड़े रहना पड़ता है क्योंकि वह मुझे कभी खाली ही नहीं पाता।” ऋषि दयानंद कार्य में इतने व्यस्त रहते थे कि उन्हें सामान्य

ब्रह्मचर्य का रहस्य – ब्रह्मचर्य विज्ञान | Secret of celibacy – brahmacharya vigyan Read More »

education to live a moderate life

संयमी जीवन जीने की शिक्षा – ब्रह्मचर्य विज्ञान | Education to live a moderate life – brahmacharya vigyan

  विद्युत शक्ति के साथ खिलवाड़ किया जाएँ तो वो झटका मार देती है परन्तु यदि नियन्त्रित कर लिया जाए तो वह वरदान बन जाती है यह बात वासना एवं ब्रह्मचर्य के विषय में भी स्टीक बैठती है इसलिए ऋषि पतंजलि समाज को संयमी जीवन जीने की शिक्षा देते है। यद्यपि भारतीय धर्मग्रन्थों में ब्रह्मचर्य

संयमी जीवन जीने की शिक्षा – ब्रह्मचर्य विज्ञान | Education to live a moderate life – brahmacharya vigyan Read More »

pusvan samskar

पुंसवन संस्कार – ब्रह्मचर्य विज्ञान | Pusvan Samskar – brahmacharya vigyan

  यह संस्कार गर्भावस्था के दूसरे व तीसरे माह में किया जाता है। इसका उदेश्य गर्भस्थ शिशु को पौरुषयुक्त अर्थात् बलवान, हृष्ट-पुष्ट,निरोगी, तेजस्वी, एवं सुन्दरता के लिए किया जाता है। चरक संहिता के अनुसार उकडूं बैठने, ऊंचे-नीचे स्थानों में फिरने, कठिन आसन पर बैठने, वायु-मलमूत्रादि के वेग को रोकने, कठोर परिश्रम करने, गर्म तथा तेज

पुंसवन संस्कार – ब्रह्मचर्य विज्ञान | Pusvan Samskar – brahmacharya vigyan Read More »

what is the need of celibacy

ब्रह्मचर्य की क्या जरूरत है – ब्रह्मचर्य विज्ञान | What is the need of celibacy – brahmacharya vigyan

  जो लोग ब्रह्मचर्य को सिर्फ पुराना और किताबी मानकर अपने मन मुखी जीवन का आनंद उठाने की ललक मे रहते हैं और अपने को वैज्ञानिक समझ वालों की श्रेणी मे समझते हैं, वे ब्रह्मचर्य की ऊर्जा के आनंद से रीते रह जाते हैं. हमारे भीतर एक जीवनी ऊर्जा शक्ति होती है, वह जब बढती

ब्रह्मचर्य की क्या जरूरत है – ब्रह्मचर्य विज्ञान | What is the need of celibacy – brahmacharya vigyan Read More »

brahmacharya sixteen rites

ब्रह्मचर्य सोलह संस्कार – ब्रह्मचर्य विज्ञान | Brahmacharya Sixteen Rites – brahmacharya vigyan

  ► गर्भाधान संस्कार स्वस्थ सुसंस्कृत युवक एवं युवती जो आयु परिपुष्ट हों सुमन, सुचित्त होकर परिवार हेतु सन्तान प्राप्ति के उद्देश्य से इस संस्कार को करते हैं। वैदिक संस्कृति में गर्भाधान को श्रेष्ठ गुण, कर्म, स्वभाववाली आत्मा को बुलाने के लिए धार्मिक पवित्र यज्ञ माना गया है। जैसे अच्छे वृक्ष या खेती के लिए

ब्रह्मचर्य सोलह संस्कार – ब्रह्मचर्य विज्ञान | Brahmacharya Sixteen Rites – brahmacharya vigyan Read More »

funeral

अन्त्येष्टि संस्कार – ब्रह्मचर्य विज्ञान | Funeral – brahmacharya vigyan

  इसका नाम नरमेध, पुरुषमेध या पुरुषयाग भी है। यह मृत्यु के पीछे उसके शरीर पर किया जाता है। संसार में प्रचलित अन्य पद्धतियों में षवदाह की वैदिक पद्धति ही सर्वश्रेष्ठ पद्धति है।विश्वभर के लोग मरने पर मृतक शरीर को पृथ्वी, जल, अग्नि व वायु इन तत्वों में से किसी एक की भेंट कर देते

अन्त्येष्टि संस्कार – ब्रह्मचर्य विज्ञान | Funeral – brahmacharya vigyan Read More »

prevention of dreams

स्वप्नदोष का निवारण – ब्रह्मचर्य विज्ञान | Prevention of dreams – brahmacharya vigyan

  वर्तमान समय में कामुकता अत्यधिक बडती जा रही हे, आज के युवा संयम का पालन नहीं कर रहें हें जिसके कारण आज गुप्त रोग अत्यधिक बड़ता जा रहा हें। काम वासना के विकार हमारें शरीर को हिलाकर रख देते हें , हमें शक्तिहीन व निस्तेज बना देतें हें , शरीर में जहर घोल देतें

स्वप्नदोष का निवारण – ब्रह्मचर्य विज्ञान | Prevention of dreams – brahmacharya vigyan Read More »

Scroll to Top