ब्रह्मचर्य के नियम

best brahmacharya yoga in vrat

व्रतों में श्रेष्ठ ब्रह्मचर्य योग – ब्रह्मचर्य विज्ञान | Best Brahmacharya Yoga in Vrat – brahmacharya vigyan

  अष्टांग योग के प्रथम अंग यम का चतुर्थ चरण है ब्रह्मचर्य (brahmacharya yoga)। सिद्धि या सफलता प्राप्त करने के लिए यह अति आवश्यक है। ब्रह्मचर्य का पालन करना सर्वाधिक कठिन माना गया है। ब्रह्मचर्य का अर्थ भी व्यापक है। आमतौर पर गुप्तेंद्रियों पर संयम रखना ही ब्रह्मचर्य माना जाता है जबकि ब्रह्मचर्य का शाब्दिक […]

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how to follow brahmacharya?

ब्रह्मचर्य का पालन कैसे करें? – ब्रह्मचर्य विज्ञान | How to follow Brahmacharya? – brahmacharya vigyan

  क्या आपको चोरी करना पसंद है? क्या आपको झूठ बोलना अच्छा लगता है? क्या आपको हत्या करना अच्छा लगता है? नहीं? तो फिर इस विषय में ऐसा क्या है कि आप इसें पसंद करते हैं। ये मात्र गलत मान्यता के कारण है। लोगों ने कहा इसलिए आपने विश्वास किया कि विषय में सुख है,

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remedies for celibacy

ब्रह्मचर्य रक्षा के उपाय – ब्रह्मचर्य विज्ञान | Remedies for celibacy – brahmacharya vigyan

  ► परिचय उपर्युक्त प्रकार के मैथुन के त्याग के अतिरिक्त निम्नलिखित साधन भी ब्रह्मचर्य की रक्षा में सहायक हो सकते हैं ► भोजन में उत्तेजक पदार्थों का सर्वथा त्याग कर देना भोजन में उत्तेजक पदार्थों का सर्वथा त्याग कर देना चाहिए | मिर्च, राई, गरम मसाले, अचार, खटाई, अधिक मीठा और अधिक गरम चीजें

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8 types of copulation

8 प्रकार के मैथुन के त्याग – ब्रह्मचर्य विज्ञान | 8 types of copulation – brahmacharya vigyan

  ► स्मरण किसी सुन्दर युवती स्त्री के रूप-लावण्य अथवा हाव, भाव, कटाक्ष एवं श्रृंगार का स्मरण करना, कुत्सित पुरुषों की कुत्सित क्रियाओं का स्मरण करना, अपने द्वारा पूर्व में घटी हुई मैथुन आदि क्रिया का स्मरण करना, भविष्य में किसी स्त्री के साथ मैथुन करने का संकल्प अथवा भावना करना, माला, चन्दन, इत्र, फुलेल,

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vanaprastha rite

वानप्रस्थ संस्कार – ब्रह्मचर्य विज्ञान | Vanaprastha rite – brahmacharya vigyan

  गृहस्थाश्रम में अक्षमता के स्तर पर अस्तित्व पहचान संकट पैदा होने पर प्रदत्तीकरण (डेलीगेषन) तथा यम, नियम, वियम, संयम (यम-लोक) योगाभ्यास साधना द्वारा आत्मिक क्षमतावृद्धि करना वानप्रस्थ आश्रम है। विवाह से सुसन्तानोत्पत्ति करके, पूर्ण ब्रह्मचर्य से, पुत्र के विवाह उपरान्त पुत्र की भी एक सन्तान हो जाए, तब व्यक्ति को वानप्रस्थ अर्थात् वन में

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dandruff

बाल्यावस्था में कुटेव – ब्रह्मचर्य विज्ञान | Dandruff – brahmacharya vigyan

  जिन विद्यार्थियों को बाल्यावस्था में कुटेव की बान पड़ जाती है जिन विद्यार्थियों को बाल्यावस्था में कुटेव की बान पड़ जाती है, या जो बुरी संगत में पड़कर अपना आचरण बिगाड़ लेते हैं और फिर अच्छी शिक्षा पाने पर आचरण सुधारने का प्रयत्‍न करते हैं, परन्तु सफल मनोरथा नहीं होते, उन्हें भी निराश न

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wedding ceremony

विवाह संस्कार – ब्रह्मचर्य विज्ञान | Wedding ceremony – brahmacharya vigyan

  विद्या, विनय, शील, रूप, आयु, बल, कुल, शरीरादि का परिमाण यथायोग्य हो जिन युवक युवती का उनका आपस में सम्भाषण कर माता-पिता अनुमति से गृहस्थ धर्म प्रवेश विवाह है। अर्थात् पूर्ण ब्रह्मचर्यव्रत विद्या बल को प्राप्त करके, सब प्रकार के शुभगुण-कर्म-स्वभावों में तुल्य, परस्पर प्रीतियुक्त हो, विधि अनुसार सन्तानोत्पत्ति और अपने वर्णाश्रमानुकूल उत्तम कर्म

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observing celibacy fast

ब्रह्मचर्य व्रत का पालन – ब्रह्मचर्य विज्ञान | Observing celibacy fast – brahmacharya vigyan

  परिचय वर्तमान समय में इस देश की कुछ ऐसी दुर्दशा हो रही है कि जितने धनी तथा गणमान्य व्यक्ति हैं उनमें 99 प्रतिशत ऐसे हैं जो अपनी सन्तान-रूपी अमूल्य धन-राशि को अपने नौकर तथा नौकरानियों के हाथ में सौंप देते हैं। उनकी जैसी इच्छा हो, वे उन्हें बनावें ! मध्यम श्रेणी के व्यक्‍ति भी

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inclusion ceremony

समावर्तन संस्कार – ब्रह्मचर्य विज्ञान | Inclusion ceremony – brahmacharya vigyan

  परिणीत युवक, परिणीता युवती, नव्य-नव्य युवक, नव्या-नव्या युवती जो ब्रह्ममय, वेदमय उदात्त विचारों के आधुनिकतम सन्दर्भों के आध्यात्मिक, आधिभौतिक, आधिदैविक विज्ञानों में निष्णांत हों उनके लिए यह संस्कार किया जाता है। 24 वर्ष के वसु ब्रह्मचारी अथवा 36 वर्ष के रुद्र ब्रह्मचारी या 48 वर्ष के आदित्य ब्रह्मचारी जब सांगोपांग वेदविद्या, उत्तम शिक्षा, और

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ways-to-live-celibate-life

ब्रह्मचर्य जीवन जीने के उपाय – ब्रह्मचर्य विज्ञान | Ways to live celibate life – brahmacharya vigyan

► परिचय ब्रह्मचर्य जीवन जीने के उपाय- शरीर के अन्दर विद्यमान ‘वीर्य’ ही जीवन शक्ति का भण्डार है। शारीरिक एवं मानसिक दुराचर तथा प्राकृतिक एवं अप्राकृतिक मैथुन से इसका क्षरण होता है। ► कामुक चिंतन आने पर निम्र उपाय करें जिस प्रकार गन्ने का रस बाहर निकल जाने के पश्चात ‘छूछ’ कोई काम का नहीं

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