लक्षण एवं शांति के उपाय

sign of evil

अशुभ की निशानी – शनि ग्रह प्रभाव | Sign of evil – shani grah prabhaav

  * शनि के अशुभ प्रभाव के कारण मकान या मकान का हिस्सा गिर जाता है या क्षतिग्रस्त हो जाता है या मकान बिक जाता है। * घर में लड़ाई-झगड़े के कारण परिवार में फूट पड़ जाती है। * अंगों के बाल तेजी से झड़ जाते हैं। * घर में अचानक आग लग सकती है। […]

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son of noun saturn

संज्ञा के पुत्र शनि – शनि ग्रह प्रभाव | Son of noun saturn – shani grah prabhaav

  एक दिन संज्ञा के पुत्र शनि को तेज भूख लगी, तो उसने स्वर्णा से भोजन मांगा। तब स्वर्णा ने कहा कि अभी ठहरो, पहले मैं भगवान्‌ का भोग लगा लूं और तुम्हारे छोटे भाई – बहनों को खिला दूं, फिर तुम्हें भोजन दूंगी। यह सुनकर शनि को क्रोध आ गया और उन्होंने माता को

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how would saturn be spoiled

कैसे होता शनि खराब – शनि ग्रह प्रभाव | How would Saturn be spoiled – shani grah prabhaav

  * घर की वायव्य दिशा के खराब होने से शनि भी खराब हो जाता है। * जुआ-सट्टा खेलना, शराब पीना, ब्याजखोरी करना। * परस्त्रीगमन करना, अप्राकृतिक रूप से संभोग करना। * झूठी गवाही देना। * निर्दोष लोगों को सताना, किसी के पीठ पीछे उसके खिलाफ कोई कार्य करना। * चाचा-चाची, माता-पिता, सेवकों और गुरु

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speed ​​of shani dev

शनिदेव की गति – शनि ग्रह प्रभाव | Speed ​​of Shani Dev – shani grah prabhaav

  शनिदेव की गति अन्य सभी ग्रहों से मंद होने का कारण इनका लंगड़ाकर चलना है। वे लंगड़ाकर क्यों चलते हैं, इसके संबंध में सूर्यतंत्र में एक कथा है – एक बार सूर्य देव का तेज सहन न कर पाने की वजह से संज्ञा देवी ने अपने शरीर से अपने जैसी ही एक प्रतिमूर्ति तैयार

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effects of shani

शनि का प्रभाव – शनि ग्रह प्रभाव | Effects of Shani – shani grah prabhaav

  यदि सूर्य और चन्द्र को छोड़कर बात करें तो बड़े और प्रभावशील ग्रहों में वैसे गुरु के बाद शनि को रखा जाना चाहिए, लेकिन हमने शुक्र को रखा, क्योंकि उसका प्रभाव धरती पर सबसे ज्यादा रहता है और शनि का प्रभाव निश्चित दिनों और माह में होता है। हालांकि जब शनि अपने प्रभाव में

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why the color of shani dev is black

शनिदेव का रंग काला क्यो हैं – शनि ग्रह प्रभाव | Why the color of Shani Dev is black – shani grah prabhaav

  शनिदेव का रंग काला क्यो हैं, इस बारे में एक कथा प्रचलित है, जब शनिदेव माता के गर्भ में थे, तब शिव भक्तिनी माता ने घोर तपस्या की, धूप-गर्मी की तपन में शनि का रंग काला हो गया। लेकिन मां के इसी तप ने उन्हे आपार शक्ति दी।

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ways to avoid saturn's wrath

शनि के प्रकोप से बचने के उपाय – शनि ग्रह प्रभाव | Ways to avoid Saturn’s wrath – shani grah prabhaav

  शनि न्याय के देवता माने जाते हैं, न्याय का नाता धर्म के पालन से है और अच्छे-बुरे कर्म न्याय का आधार होते हैं। मान्यता है कि शनि प्रत्येक मनुष्य को उसके पाप-पुण्य और कर्मों के आधार पर ही कृपा करते हैं एवं दण्डित भी। सरल उपाय 1 शनिवार, मंगलवार को हनुमानजी को चमेली के

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cyanosis

शनैश्चर की शरीर-कान्ति – शनि ग्रह प्रभाव | Cyanosis – shani grah prabhaav

  शनैश्चर की शरीर-कान्ति इन्द्रनीलमणि के समान है। इनके सिर पर स्वर्ण मुकुट गले में माला तथा शरीर पर नीले रंग के वस्त्र सुशोभित हैं। इनका वर्ण कृष्ण, वाहन गीध तथा रथ लोहे का बना हुआ है। शनि भगवान्‌ सूर्य तथा संज्ञा (प्रजापति की पुत्री) के पुत्र हैं। शनि के अधिदेवता प्रजापति ब्रह्मा और प्रत्यधिदेवता

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saturn's seven and a half

शनि की साढ़ेसाती – शनि ग्रह प्रभाव | Saturn’s seven and a half – shani grah prabhaav

  जन्म राशि (चन्द्र राशि) से गोचर में जब शनि द्वादश, प्रथम एवं द्वितीय स्थानों में भ्रमण करता है, तो साढ़े -सात वर्ष के समय को शनि की साढ़ेसाती कहते हैं। एक साढ़ेसाती तीन ढ़ैया से मिलकर बनती है। क्योंकि शनि एक राशि में लगभग ढ़ाई वर्षों तक चलता है। प्रायः जीवन में तीन बार

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saturn is the main form in human body

शनि मनुष्य के शरीर में मुख्य रूप – शनि ग्रह प्रभाव | Saturn is the main form in human body – shani grah prabhaav

  शनि मनुष्य के शरीर में मुख्य रूप से वायु तत्व का प्रतिनिधित्व करते हैं तथा ज्योतिष की गणनाओं के लिए ज्योतिषियों का एक र्वग इन्हें तटस्थ अथवा नपुंसक ग्रह मानता है जबकि ज्योतिषियों का एक अन्य वर्ग इन्हें पुरुष ग्रह मानता है। तुला राशि में स्थित होने से शनि को सर्वाधिक बल प्राप्त होता

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