gharelu upchar

sevaadal

सेवादल – घरेलू उपचार – sevaadal – gharelu upchar

एक सेवफ़ल के रस में दो चम्मच शहद मिलाकर नित्य पीने से खून की कमी दूर होती है। टमाटर और सेवफ़ल का रस प्रत्येक २०० मिलिलिटर मिश्रण करके रोज सुबह लेने से रक्ताल्पता में आशातीत लाभ होता है। सेवादल – sevaadal – घरेलू उपचार – gharelu upchar

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taja salad

ताजा सलाद – घरेलू उपचार – taja salad – gharelu upchar

ताजा सलाद खाने और शहद से शरीर में हेमोग्लोबिन बढकर एनिमिया का निवारण होता है। विटमिन बी१२, फ़ोलिक एसिड,और विटामिन सी ग्रहण करने से हेमोग्लोबिन की वृद्धि होती है। दूध,मांस,गुर्दे और कलेजी में प्रचुर विटामिन बी१२ पाया जाता है। ताजा सलाद – taja salad – घरेलू उपचार – gharelu upchar

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mathe kee sabjee

मेथी की सब्जी – घरेलू उपचार – mathe kee sabjee – gharelu upchar

मैथी की सब्जी कच्ची खाने से लोह तत्व मिलता है। किशोरावस्था की लडकियों में होने वाली खून की कमी में मैथी की पत्तियां उबालकर उपयोग करने से बहुत फ़ायदा होता है। मैथी के बीज अंकुरित कर नियमित खाने से रक्ताल्पता का निवारण होता है। मेथी की सब्जी – mathe kee sabjee – घरेलू उपचार –

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garbhpat ke baad ki kashti mein

गर्भपात के बाद के कष्टों में – घरेलू उपचार – garbhpat ke baad ki kashti mein – gharelu upchar

चिकित्सा:1. सोंठ: सोंठ दरदरी कूटकर, खरबूजे के बीज 10 ग्राम, गोखरू दरदरे कूटे 5 ग्राम को 250 मिलीलीटर पानी में उबालें जब यह एक चौथाई रह जाए तो इसे छानकर इसमें खाण्ड मिलाकर सुबह-शाम को पीना चाहिए। इससे गर्भपात के बाद होने वाले सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। गर्भपात के बाद के कष्टों में

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garbhpat na ho aur putra utpann ho

गर्भपात न हो और पुत्र उत्पन्न हो – घरेलू उपचार – garbhpat na ho aur putra utpann ho – gharelu upchar

चिकित्सा: 1. गुलाब: लड़की को अपना मासिक-धर्म शुरू होने पर 3 दिन तक लगातार सुबह-शाम सफेद गुलाब के फूलों का गुलकंद बनाकर 125 ग्राम की मात्रा में खाने से और ऐसे ही लगातार 3 दिन में 750 ग्राम गुलकंद खाने से उसको होने वाली संतान लड़के के रूप में होती है। 2. लौकी: जिन महिलाओं

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mahwari ka adhik aana

माहवारी का अधिक आना – घरेलू उपचार – mahwari ka adhik aana – gharelu upchar

चिकित्सा: 1. लोध्र: 10 ग्राम पिसी हुई लौध्र में खांड 10 ग्राम की मात्रा में मिलाकर रख लें। इसे 2-2 ग्राम की मात्रा में सुबह-शाम पानी से सेवन करने से माहवारी के अधिक आने की समस्या समाप्त हो जाती है। 2. धाय: धाय के बीज 20 ग्राम को पीसकर रख लें, फिर इसे 5-6 ग्राम

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garbh nivarak yog

गर्भनिवारक योग – घरेलू उपचार – garbh nivarak yog – gharelu upchar

परिचय: प्रसवकाल में यदि पेट में दर्द बहुत अधिक हो, बच्चे को जन्म होने में देर हो तो निम्नलिखित प्रयोग करना चाहिए। चिकित्सा: 1. ऊंटकटेरी: ऊंटकटेरी को पीसकर स्त्री के सिर, तालु में लेप करें इससे बच्चे का जन्म तुरंत हो जाता है। बच्चा होने के तुरंत बाद इस दवा को तुरंत निकालकर फेंक देना

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garbhvati stree ko bukhar

गर्भवती स्त्री का बुखार – घरेलू उपचार – garbhvati stree ko bukhar – gharelu upchar

परिचय: गर्भवती स्त्री को ज्वर (बुखार) के अतिरिक्त सूजन, उल्टी, अतिसार, सिर दर्द आदि अनेक कष्ट हो सकते हैं। अत: उनकी चिकित्सा बहुत अधिक सावधानी से करनी चाहिए। यदि गर्भवती स्त्रियों को केवल बुखार की शिकायत हो तो उसकी अग्रलिखित चिकित्सा करनी चाहिए- चिकित्सा- एरण्ड: एरण्ड की जड़, गिलोय, मजीठ, लाल चन्दन, देवदारू तथा पद्याख

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garbhashay ki sujan

गर्भाशय की सूजन – घरेलू उपचार – garbhashay ki sujan – gharelu upchar

कारण: ऋतुकालीन (माहवारी) असावधानियों का कुप्रभाव यदि गर्भाशय को प्रभावित करता है तो उसमें शोथ (सूजन) उत्पन्न हो जाती है। इसमें रोगी महिला को बहुत अधिक कष्ट उठाना पड़ता है। लक्षण: गर्भाशय की सूजन होने पर महिला को पेडू में दर्द और जलन होना सामान्य लक्षण हैं, किसी-किसी को दस्त भी लग सकते हैं तो

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garbhavastha ka bhojan

गर्भावस्था का भोजन – घरेलू उपचार – garbhavastha ka bhojan – gharelu upchar

1. नारंगी: गर्भवती स्त्री को प्रतिदिन दो नारंगी दोपहर में पूरे गर्भकाल में खिलाते रहने से होने वाला शिशु बहुत सुन्दर होता है। 2. मौसमी: मौसमी के फल में कैल्शियम अधिक मात्रा में मिलता है। गर्भवती स्त्रियों और गर्भाशय के बच्चे को शक्ति प्रदान करने के लिए इसका रस पौष्टिक होता है। 3. नारियल: नारियल

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