ब्रह्मचर्य अनुभव

evacuation ceremony

निष्क्रमण संस्कार – ब्रह्मचर्य विज्ञान | Evacuation ceremony – brahmacharya vigyan

  निष्क्रमण का अर्थ है बाहर निकलना। घर की अपेक्षा अधिक शुद्ध वातावरण में शिशु के भ्रमण की योजना का नाम निष्क्रमण संस्कार है। बच्चे के शरीर तथा मन के विकास के लिए उसे घर के चारदीवारी से बाहर ताजी शुद्ध हवा एवं सूर्यप्रकाश का सेवन कराना इस संस्कार का उद्देश्य है। गृह्यसूत्रों के अनुसार […]

निष्क्रमण संस्कार – ब्रह्मचर्य विज्ञान | Evacuation ceremony – brahmacharya vigyan Read More »

psychiatrist and sexual sciences

मनोचिकित्सक और यौन विज्ञान के ज्ञाता – ब्रह्मचर्य विज्ञान | Psychiatrist and sexual sciences – brahmacharya vigyan

  आज कल के मनोचिकित्सक और यौन विज्ञान के ज्ञाता जो समाज को अनैतिकता, मुक्त साहचर्य (Free Sex) और अनियंत्रित विकारी सुख भोगने का उपदेश देते हैं उनको डॉ. निकोलस की बात अवश्य समझनी चाहिए। डॉ. निकोलस कहते हैं- “वीर्य को पानी की भाँति बहाने वाले आज कल के अविवेकी युवकों के शरीर को भयंकर

मनोचिकित्सक और यौन विज्ञान के ज्ञाता – ब्रह्मचर्य विज्ञान | Psychiatrist and sexual sciences – brahmacharya vigyan Read More »

naming ceremony

नामकरण संस्कार – ब्रह्मचर्य विज्ञान | Naming ceremony – brahmacharya vigyan

  इस संस्कार का उदेश्य केवल शिशु को नाम भर देना नहीं है, अपितु उसे श्रेष्ठ से श्रेष्ठतर उच्च से उच्चतर मानव निर्माण करना है। पश्चिमी सभ्यता में निरर्थक नाम रखने का अन्धानुकरण भारत में भी बढ़ता जा रहा है। उनके लिए चरक का सन्देश है कि नाम साभिप्राय होनें चाहिएं। नाम केवल सम्बोधन के

नामकरण संस्कार – ब्रह्मचर्य विज्ञान | Naming ceremony – brahmacharya vigyan Read More »

psychology so real

मनोविज्ञान कितना यथार्थ – ब्रह्मचर्य विज्ञान | Psychology so real – brahmacharya vigyan

  पाश्चात्य मनोवैज्ञानिक डॉ. सिग्मंड फ्रायड स्वयं कई शारीरिक और मानसिक रोगों से ग्रस्त था। ‘कोकीन’ नाम की नशीली दवा का वो व्यसनी भी था। इस व्यसन के प्रभाव में आकर उसने जो कुछ लिख दिया उसे पाश्चात्य जगत ने स्वीकार कर लिया और इसके फलस्वरूप आज तक वे शारीरिक और मानसिक रोगियों की संख्या

मनोविज्ञान कितना यथार्थ – ब्रह्मचर्य विज्ञान | Psychology so real – brahmacharya vigyan Read More »

caste ritual

जातकर्म संस्कार – ब्रह्मचर्य विज्ञान | Caste ritual – brahmacharya vigyan

  शिशु के विश्व प्रवेश पर उसके ओजमय अभिनन्दन का यह संस्कार है। इसमें सन्तान की अबोध अवस्था में भी उस पर संस्कार डालने की चेष्टा की जाती है। माता से शारीरिक सम्बन्ध टूटने पर उसके मुख नाकादि को स्वच्छ करना ताकि वह श्वास ले सके तथा दूध पी सके। यह सफाई सधी हुई दाई

जातकर्म संस्कार – ब्रह्मचर्य विज्ञान | Caste ritual – brahmacharya vigyan Read More »

demarcation ceremony

सीमन्तोन्नयन संस्कार – ब्रह्मचर्य विज्ञान | Demarcation ceremony – brahmacharya vigyan

  सीमन्त शब्द का अर्थ है मस्तिष्क और उन्नयन शब्द का अर्थ है विकास। पुंसवन संस्कार शारीरिक विकास के लिए होता है तो यह मानसिक विकास के लिए किया जाता है। इस संस्कार का समय गर्भावस्था के चतुर्थ माह, चौथे में न कर पाए तो छठे, इसमें भी नहीं कर पाए तो आठवें माह में

सीमन्तोन्नयन संस्कार – ब्रह्मचर्य विज्ञान | Demarcation ceremony – brahmacharya vigyan Read More »

education to live a moderate life

संयमी जीवन जीने की शिक्षा – ब्रह्मचर्य विज्ञान | Education to live a moderate life – brahmacharya vigyan

  विद्युत शक्ति के साथ खिलवाड़ किया जाएँ तो वो झटका मार देती है परन्तु यदि नियन्त्रित कर लिया जाए तो वह वरदान बन जाती है यह बात वासना एवं ब्रह्मचर्य के विषय में भी स्टीक बैठती है इसलिए ऋषि पतंजलि समाज को संयमी जीवन जीने की शिक्षा देते है। यद्यपि भारतीय धर्मग्रन्थों में ब्रह्मचर्य

संयमी जीवन जीने की शिक्षा – ब्रह्मचर्य विज्ञान | Education to live a moderate life – brahmacharya vigyan Read More »

pusvan samskar

पुंसवन संस्कार – ब्रह्मचर्य विज्ञान | Pusvan Samskar – brahmacharya vigyan

  यह संस्कार गर्भावस्था के दूसरे व तीसरे माह में किया जाता है। इसका उदेश्य गर्भस्थ शिशु को पौरुषयुक्त अर्थात् बलवान, हृष्ट-पुष्ट,निरोगी, तेजस्वी, एवं सुन्दरता के लिए किया जाता है। चरक संहिता के अनुसार उकडूं बैठने, ऊंचे-नीचे स्थानों में फिरने, कठिन आसन पर बैठने, वायु-मलमूत्रादि के वेग को रोकने, कठोर परिश्रम करने, गर्म तथा तेज

पुंसवन संस्कार – ब्रह्मचर्य विज्ञान | Pusvan Samskar – brahmacharya vigyan Read More »

what is the need of celibacy

ब्रह्मचर्य की क्या जरूरत है – ब्रह्मचर्य विज्ञान | What is the need of celibacy – brahmacharya vigyan

  जो लोग ब्रह्मचर्य को सिर्फ पुराना और किताबी मानकर अपने मन मुखी जीवन का आनंद उठाने की ललक मे रहते हैं और अपने को वैज्ञानिक समझ वालों की श्रेणी मे समझते हैं, वे ब्रह्मचर्य की ऊर्जा के आनंद से रीते रह जाते हैं. हमारे भीतर एक जीवनी ऊर्जा शक्ति होती है, वह जब बढती

ब्रह्मचर्य की क्या जरूरत है – ब्रह्मचर्य विज्ञान | What is the need of celibacy – brahmacharya vigyan Read More »

brahmacharya sixteen rites

ब्रह्मचर्य सोलह संस्कार – ब्रह्मचर्य विज्ञान | Brahmacharya Sixteen Rites – brahmacharya vigyan

  ► गर्भाधान संस्कार स्वस्थ सुसंस्कृत युवक एवं युवती जो आयु परिपुष्ट हों सुमन, सुचित्त होकर परिवार हेतु सन्तान प्राप्ति के उद्देश्य से इस संस्कार को करते हैं। वैदिक संस्कृति में गर्भाधान को श्रेष्ठ गुण, कर्म, स्वभाववाली आत्मा को बुलाने के लिए धार्मिक पवित्र यज्ञ माना गया है। जैसे अच्छे वृक्ष या खेती के लिए

ब्रह्मचर्य सोलह संस्कार – ब्रह्मचर्य विज्ञान | Brahmacharya Sixteen Rites – brahmacharya vigyan Read More »

Scroll to Top