उन्नतोदर ताल द्वारा सूर्य की किरणें – राशि रत्न | Rays of the sun by the advanced rhythm – Rashi Ratna – Zodiac Stones
उन्नतोदर ताल द्वारा सूर्य की किरणें एकत्रित कर हीरे पर डालने पर जल जाता है।
उन्नतोदर ताल द्वारा सूर्य की किरणें एकत्रित कर हीरे पर डालने पर जल जाता है।
मेष राशि :– इस राशि के व्यक्ति यदि मोती धारण करते है तो उन्हें मानसिक शान्ति, विद्या सुख, गृह सुख और मातृ सुख का भरपूर लाभ मिलता है. यदि मोती को मंगल के रत्न मूंगा के साथ धारण किया जाये तो विशेष धन का लाभ होने लगता है. वृष राशि :– इस राशि के
हीरे की चमक स्थायी व ताप में शीतल होती है।
हीरे की चमक – राशि रत्न | Diamond shine – Rashi Ratna – Zodiac Stones Read More »
मेष राशि :– मेष राशि मंगल की राशि है. मेष राशि का व्यक्ति बुद्धि बल प्राप्त करने आत्मोन्नति, सन्तान सुख, प्रसिद्धि, राज्य कृपा के लिए माणिक्य धारण कर सकता है. सूर्य की महादशा में माणिक्य श्रेष्ठ फलदायक होता है. वृष राशि :– इस राशि के व्यक्ति को माणिक्य नहीं धारण करना चाहिए. क्योंकि यह
बकरी के ताजे दूध में रखने पर कुछ समय उपरांत हीरा टूक-टूक हो जाता है।
बकरी के ताजे दूध – राशि रत्न | Goat’s fresh milk – Rashi Ratna – Zodiac Stones Read More »
हीरा बिजली का कुचालक होता है, अतः हाथ में हीरे की अंगूठी पहनने पर बिजली के झटके का प्रभाव नहीं पड़ता है।
हीरा सबसे अधिक कठोर होता है, जिससे किसी भी वस्तु से हीरे पर रगड़ या खरोंच का निशान या रगड़ने का भी निशान नहीं पड़ता।
रत्न धारण करते समय कुछ सावधानियों का ख्याल रखना आवश्यक होता है. जिस ग्रह की दशा अन्तर्दशा के समय अशुभ प्रभाव मिल रहा हो उस ग्रह से सम्बन्धित रत्न पहनना शुभ फलदायी नहीं होता है. इस स्थिति में इस ग्रह के मित्र ग्रह का रत्न एवं लग्नेश का रत्न धारण करना लाभप्रद होता है.
रत्न और सावधानी – राशि रत्न | Gems and Caution – Rashi Ratna – Zodiac Stones Read More »
कर्म से ही भाग्य चमकता है. कहा भी गया है “जैसी करनी वैसी भरनी” ज्योतिष की दष्टि से कहें तो जैसा कर्म हम करते हैं भाग्य फल भी हमें वैसा ही मिलता है. भाग्य को पब्रल बनाने में कर्म का महत्वपूर्ण स्थान होता है. भाग्य भाव उत्तम हो और कर्म भाव पीड़ित तो इस
कर्म भाव और रत्न – राशि रत्न | Deeds and gems – Rashi Ratna – Zodiac Stones Read More »
जन्म कुण्डली का तीसरा घर पराक्रम का घर कहा जाता है. जीवन में भाग्य का फल प्राप्त करने के लिए पराक्रम का होना आवश्यक होता है. अगर व्यक्ति में साहस और पराक्रम का अभाव हो तो उत्तम भाग्य होने पर भी व्यक्ति उसका लाभ प्राप्त करने से वंचित रह जाता है. आत्मविश्वास का अभाव
तृतीय भाव और रत्न – राशि रत्न | Third house and gemstones – Rashi Ratna – Zodiac Stones Read More »