हाथ,उंगलियाँ अथवा भुजा पर तिल का महत्त्व
1 हाथ के पंजे में अगर किसी भी ग्रह के स्थान पर यदि तिल है तो वह उसे ग्रह को कमजोर करता है तथा हानि ही करता है. तिल हाथपर अन्दर की तरफ हो या फ़िर बहार की तरफ़ प्रभाव यही रहता है. कुछ लोगों को यह भ्रान्ति है की हाथ के पंजे का तिल शुभ होता है. परन्तु ऐसा नही होता.
2 तर्जनी ऊँगली (पहली ऊँगली) पर कहीं भी तिल हों तो ऐसा व्यक्ति कितना भी धन कमाए उसके पास पैसा कभी नही टिकता. ऐसे व्यक्ति को आँखों में कमजोरी की शिकायत रहती है तथा कम आत्मविश्वाशी होता है. तर्जनी ऊँगली के नीचे बृहस्पत का पर्वत होता है इसलिए अगर उस पर्वत पर तिल है तो वह व्यक्ति अपने पूर्वजो के रखे हुए धन को भी गवा देता है तथा अंत समय में दरिद्र होके रहता है.
3 मध्यमा ऊँगली में कही भी तिल है तो यह व्यक्ति अनेको बार दुर्घटना का शिकार होता है, एवं पुलिस, थाना अथवा कचहरी का आना जाना लगा रहता है. ऐसे व्यक्ति को जीवन भर हर कार्य के लिए बहुत संघर्ष करना पड़ता है साथ ही साथ कोई भी काम में स्थिर नही रह पता है. मध्यमा उंगली के नीचे शनि का पर्वत होता है. शनि पर यदि तिल है तो इस व्यक्ति की आकाल मृत्यु अवश्य निश्चित हैअन्यथा उसे आजीवन कारावास झेलना निश्चित है.
4 अनामिका ऊँगली में कही भी तिल होंतो ऐसे व्यक्ति का पढ़ाई में मन कम लगता है तथा उसकी प्रतिभा धूमिल होती है. ऐसे व्यक्ति ह्रदय सम्बन्धी रोग का शिकार होते हैं. अनामिका ऊँगली के नीचे सूर्य का पर्वत होता है. अगर इस पर्वत पर तिल है तो यह व्यक्ति अपने जीवन में किसी भी कार्य में सफल नही होता है. साथ ही साथ बदनामी भी झेलनी पड़ती है और मृत्यु ह्रदय रोग से होती है.
5 कानी अथवा कनिष्क ऊँगली पर यदि तिल हों तो ऐसे व्यक्ति का अपने जीवनसाथी के साथ हमेशा विवाद होता रहता है, साथ ही उसे चर्म रोग (सफ़ेद दाग) की शिकायत रहती है. कानी ऊँगली के नीचे बुद्ध का पर्वत होता है.यदि तिल इस पर्वत पर है तो ऐसे व्यक्ति की शल्य चिकित्सा जरुर होती है. ऐसे स्त्रियों के बच्चे भी शल्य चिकत्सा के बाद होते है.
6 अंगूठे पर तिल होने पर उस व्यक्ति को यश नही मिलता. अंगूठे के नीचे शुक्र का पर्वत होता है. यदि शुक्र पर्वत पर तिल है तो ऐसे व्यक्ति को गुप्त रोगों की शिकायत रहती है.ऐसे लोगों को पुत्र कष्ट होता है.
7 यदि जीवनरेखा पर तिल हो तो ऐसे व्यक्ति की कम आयु में ही किसी विशेष रोग से मृत्यु होती है. शुक्र और बृहस्पत पर्वत के बीच में मंगल का स्थान होता है, इस स्थान पर यदि तिल हो तो उस व्यक्ति को मानसिक बीमारी होने की सम्भावना रहती है. यदि दिमाग रेखा पर तिल हो ऐसे व्यक्ति भी मस्तक सम्बन्धी रोग से पीड़ित होते है साथ ही साथ नौकरी में अनेको प्रकार की बाधाएं होती हैं. ह्रदय रेखा पर यदि तिल हो तो ह्रदय सम्बन्धी रोगों के कारन कम आयु में ही मृत्यु होती है. चन्द्र रेखा पर तिल होने पर ऐसे व्यक्ति मानसिक रोग से पीड़ित होते है एवं इनके शरीर पर तापमान का अधिक प्रभाव होता है. राहू ग्रह के पर्वत पर तिल होने पर ऐसे व्यक्ति किसी भी व्यवसाय में सफल नही होते और आजीवन उदर रोग से परेशान रहते हैं. केतु ग्रह पर यदि तिल हो तो ऐसे व्यक्ति पर चरित्रहीनता का आरोप लगता रहता है तथा जोडो में आजीवन दर्द रहता है.
8 मणिबंध (कलाई) पर अगर तिल हो तो ऐसे व्यक्ति को यश नही मिलता है. ऐसे व्यक्ति को पुत्र कष्ट भी होता है.
यदि यही सारे तिल हाथ, उँगलियों पर ऊपर की तरफ़ हो तो सारे वही प्रभाव रहते है परन्तु उनका असर 50 प्रतिषत कम हो जाता है. यदि तिल दाँए हाथ में है तो किसी पूजा या अनुष्ठान से उसके प्रभाव को कम किया जा सकता है परन्तु यदि वही तिल बाएँ हाथ में है तो उसका प्रभाव कम नही हो सकता और व्यक्ति को उस तिल के प्रभाव झेलने ही पड़ते हैं