घरेलू उपचार

garbhashay ki sujan

गर्भाशय की सूजन – घरेलू उपचार – garbhashay ki sujan – gharelu upchar

कारण: ऋतुकालीन (माहवारी) असावधानियों का कुप्रभाव यदि गर्भाशय को प्रभावित करता है तो उसमें शोथ (सूजन) उत्पन्न हो जाती है। इसमें रोगी महिला को बहुत अधिक कष्ट उठाना पड़ता है। लक्षण: गर्भाशय की सूजन होने पर महिला को पेडू में दर्द और जलन होना सामान्य लक्षण हैं, किसी-किसी को दस्त भी लग सकते हैं तो […]

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garbhavastha ka bhojan

गर्भावस्था का भोजन – घरेलू उपचार – garbhavastha ka bhojan – gharelu upchar

1. नारंगी: गर्भवती स्त्री को प्रतिदिन दो नारंगी दोपहर में पूरे गर्भकाल में खिलाते रहने से होने वाला शिशु बहुत सुन्दर होता है। 2. मौसमी: मौसमी के फल में कैल्शियम अधिक मात्रा में मिलता है। गर्भवती स्त्रियों और गर्भाशय के बच्चे को शक्ति प्रदान करने के लिए इसका रस पौष्टिक होता है। 3. नारियल: नारियल

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garbhaavastha kee pahachaan

गर्भावस्था की पहचान – घरेलू उपचार – garbhaavastha kee pahachaan – gharelu upchar

परिचय: गर्भधारण हो जाने के बाद औरतों में कुछ खास लक्षण प्रकट होते हैं जिसके आधार पर आसानी से गर्भावस्था की पहचान हो जाती है। लक्षण: सर्वप्रथम यह लक्षण है कि नियमित रूप से आने वाला ऋतुस्राव बंद हो जाता है। यद्यपि यह पूर्ण भरोसे का लक्षण नहीं है क्योंकि गर्भाशय और डिम्बकोष सम्बन्धी अन्य

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garbhpat ke baad ki kashti mein

गर्भपात के बाद के कष्टों में – घरेलू उपचार – garbhpat ke baad ki kashti mein – gharelu upchar

चिकित्सा:1. सोंठ: सोंठ दरदरी कूटकर, खरबूजे के बीज 10 ग्राम, गोखरू दरदरे कूटे 5 ग्राम को 250 मिलीलीटर पानी में उबालें जब यह एक चौथाई रह जाए तो इसे छानकर इसमें खाण्ड मिलाकर सुबह-शाम को पीना चाहिए। इससे गर्भपात के बाद होने वाले सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। गर्भपात के बाद के कष्टों में

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garbhpat na ho aur putra utpann ho

गर्भपात न हो और पुत्र उत्पन्न हो – घरेलू उपचार – garbhpat na ho aur putra utpann ho – gharelu upchar

चिकित्सा: 1. गुलाब: लड़की को अपना मासिक-धर्म शुरू होने पर 3 दिन तक लगातार सुबह-शाम सफेद गुलाब के फूलों का गुलकंद बनाकर 125 ग्राम की मात्रा में खाने से और ऐसे ही लगातार 3 दिन में 750 ग्राम गुलकंद खाने से उसको होने वाली संतान लड़के के रूप में होती है। 2. लौकी: जिन महिलाओं

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mahwari ka adhik aana

माहवारी का अधिक आना – घरेलू उपचार – mahwari ka adhik aana – gharelu upchar

चिकित्सा: 1. लोध्र: 10 ग्राम पिसी हुई लौध्र में खांड 10 ग्राम की मात्रा में मिलाकर रख लें। इसे 2-2 ग्राम की मात्रा में सुबह-शाम पानी से सेवन करने से माहवारी के अधिक आने की समस्या समाप्त हो जाती है। 2. धाय: धाय के बीज 20 ग्राम को पीसकर रख लें, फिर इसे 5-6 ग्राम

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sardi adhik lagana

सर्दी अधिक लगना – घरेलू उपचार – sardi adhik lagana – gharelu upchar

परिचय : सर्दी के मौसम में कुछ स्वस्थ व्यक्तियों को जरूरत से ज्यादा सर्दी लगती है। ऐसे लोग सर्दी के दिनों में अधिक ठंड़ न होने पर भी अधिक ठंड़ का अनुभव करते हैं। इसमें व्यक्तियों को ऐसे ठंड़ लगती है जैसे कि मलेरिया के रोग से ग्रस्त रोगी को अधिक ठंड़ लगती है। विभिन्न

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jukam ya pratishyaya

जुकाम या प्रतिश्याय – घरेलू उपचार – jukam ya pratishyaya – gharelu upchar

परिचय- जुकाम एक प्राकृतिक रूप से उत्पन्न होने वाला शारीरिक रोग है, जो सांस नली और फेफड़े को साफ करने के लिए उत्पन्न होता है। जुकाम के कारण ही शरीर के अन्दर की गन्दगी नाक के द्वारा बाहर निकल जाती है और सांस की नली साफ हो जाती है। इस रोग में नाक और गले

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influenza

इन्फ्लूएंजा – घरेलू उपचार – influenza – gharelu upchar

परिचय : इन्फ्लुएंजा रोग छुआ-छूत और अधिक फैलने वाला रोग है। इस रोग का वायरस अचानक फैलता है जो इन्फ्लुएंजा नामक वायरस के कारण से फैलता है। जब ये कीटाणु शरीर में किसी प्रकार से प्रवेश कर जाते हैं तो इसके बाद एक से दो दिन तक शरीर में कड़मड़ाहट रहती हैं और कुछ भी

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gale ka dard

गले का दर्द – घरेलू उपचार – gale ka dard – gharelu upchar

परिचय :- कई कारणों से गले में दर्द होता है। जब किसी चीज से गले पर चोट लगती है, गला छील जाता है, अधिक गर्म पदार्थ खाने या पीने के कारण गला जल जाने पर गले में दर्द होता है। गले में सूजन आ जाने या कफ बनने के कारण भी दर्द होता है। विभिन्न

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