किसी मनुष्य के ललाट में स्वच्छ, सरल, गम्भीर, पूर्ण तथा स्पष्ट रेखा होने से, वह व्यक्ति सुखी एंव दीर्घायु होता है। छिन्न-भिन्न रेखा से दुःखी और अल्पायु माना जाता है। ललाट में उद्धव रेखा, त्रिशूल व स्वास्तिक आदि के बने होने से, धन पुत्र एंव स्त्री युक्त होकर मनुष्य सुखमय जीवन व्यतीत करता हैं।
