kahaan ho paanee ka sthaan vaastu anusaar

कहां हो पानी का स्थान वास्तु अनुसार – वास्तु और कक्ष दशा – kahaan ho paanee ka sthaan vaastu anusaar – vastu aur kaksha dasham

पानी का बर्तन रसोई के उत्तर-पूर्व या पूर्व में भरकर रखें। घर में पानी सही स्थान पर और सही दिशा में रखने से परिवार के सदस्यों का स्वास्थ्य अनुकूल रहता है और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।
पानी का स्थान ईशान कोण है अतः पानी का भण्डारण अथवा भूमिगत टैंक या बोरिंग पूर्व, उत्तर या पूर्वोत्तर दिशा में होनी चाहिए। पानी को ऊपर की टंकी में भेजने वाला पंप भी इसी दिशा में होना चाहिए।
दक्षिण-पूर्व, उत्तर-पश्चिम अथवा दक्षिण-पश्चिम कोण में कुआं अथवा ट्यूबवेल नहीं होना चाहिए। इसके लिए उत्तर-पूर्व कोण का स्थान उपयुक्त होता है। इससे वास्तु का संतुलन बना रहता है।
अन्य दिशा में कुआं या ट्यूबवेल हो, तो उसे भरवा दें और यदि भरवाना संभव न हो, तो उसका उपयोग न करें। नहाने का कमरा पूर्व दिशा में शुभ होता है। ध्यान रखें, घर के किसी नल से पानी नहीं रिसना चाहिए अन्यथा भुखमरी की स्थिति पैदा हो सकती है।
ओवर हेड टैंक उत्तर और वायव्य कोण के बीच होना चाहिए। टैंक का ऊपरी भाग गोल होना चाहिए।

कहां हो पानी का स्थान वास्तु अनुसार – kahaan ho paanee ka sthaan vaastu anusaar – वास्तु और कक्ष दशा – vastu aur kaksha dasham

 

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