shauchalay ka sahee sthal

शौचालय का सही स्थान – वास्तु और कक्ष दशा – shauchalay ka sahee sthal – vastu aur kaksha dasham

घर के दरवाजे के सामने शौचालय का दरवाजा नहीं होना चाहिए, ऐसी स्थिति होने से उस घर में हानिकारक ऊर्जा का संचार होगा।
सोते वक्त शौचालय का द्वार आपके मुख की ओर नहीं होना चाहिए।
शौचालय अलग-अलग न बनवाते हुए एक के ऊपर एक होना चाहिए।
ईशान कोण में कभी भी शौचालय नहीं होना चाहिए, नहीं तो ऐसा शौचालय सदैव हानिकारक ही रहता है।
शौचालय का सही स्थान दक्षिण-पश्चिम में हो या दक्षिण दिशा में होना चाहिए। वैसे पश्चिम दिशा भी इसके लिए ठीक रहती है।

शौचालय बनाते वक्त काफी सावधानी रखना चाहिए, नहीं तो ये हमारी सकारात्मक ऊर्जा को नष्ट कर देते हैं और हमारे जीवन में शुभता की कमी आने से मन अशांत महसूस करता है।
इसमें आर्थिक बाधा का होना, उन्नति में रुकावट आना, घर में रोग घेरे रहना जैसी घटना घटती रहती है।
शौचालय को ऐसी जगह बनाएँ जहाँ से सकारात्मक ऊर्जा न आती हो व ऐसा स्थान चुनें जो खराब ऊर्जा वाला क्षेत्र हो।

शौचालय का सही स्थान – shauchalay ka sahee sthal – वास्तु और कक्ष दशा – vastu aur kaksha dasham

 

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