वास्तुशास्त्र में हर समस्या का निदान छिपा है। वास्तु से अच्छा स्वास्थ्य भी प्राप्त किया जा सकता है। कहा जाता है कि यदि वास्तु के सभी नियमों का पालन करें तो घर के सभी सदस्य निरोगी रहते है। –
बच्चों के लिए सोने का कमरा घर की पूर्व या दक्षिण-पूर्व दिशा में बनवाएं।
– दक्षिण-पूर्व, उत्तर-पूर्व या पूर्व दिशा के कमरे नविवाहित पुत्रों के लिए ठीक नहीं है। इन दिशाओं के कमरों में निवास करने से वे बीमार हो जायेंगे।
– पुत्री का कक्ष दक्षिण दिशा में रखें। पुत्र का कक्ष पश्चिम दिशा में होना चाहिए।
– बच्चों का पलंग का सिरहाना पूरब दिशा की ओर सिराहना रखें। – अच्छे स्वास्थय के लिए शयन कक्ष में क्रिस्टल का गोला या विंड चाइम लगाएं।
– घर में अगर कोई बच्चा बहुत दिनों से बीमार हैं, तो उसे नेऋत्य कोण में सुलाएं।
क्यों लगाएं घर में पेड़-पौधे?
फेंगशुई का मानना है कि पेड़-पौधे समृद्धि के प्रतीक है। घर में नकारात्मक उर्जा को नष्ट करते हैं। यदि आप भी चाहते हैं कि आपका जीवन सुखी और समृद्ध हो तो घर में पौधे जरूर लगाएं।
– गोल आकार की पत्तियों वाले पौधे ऊर्जा दृष्टिकोण से बहुत शुभ होते हैं।
– लंबे और सीधे पत्ते वाले पौधे कम शुभ होते हैं।
– नींबु का पौधा एक मांगलिक पौधा है।
– छोटे व शुभ पौधों को मकान की पूर्व दिशा में उगाएं। इससे घर के मालिक का स्वास्थय सही रहता है। परिवार के लोग भी सुखी रहते हैं।
– घर या दफ्तर में कैक्टस का पौधा न लगाएं क्योंकि ये नकारात्मक उर्जा प्रदान करते हैं।
– फूल वाले पौधे प्रमाणिक उर्जा के बहाव में मदद करता है।
– व्यवसाय में सफलता प्राप्ति के लिए अपने ऑफिस में पूर्व दिशा में फूलों का पौधा लगाएं। फूल के पौधे से आश्चर्यजनकरूप से उर्जा वृद्धि करते हैं।
– पौधों के लिए गमला लेते समय ध्यान रखें गमला प्लास्टिक का ना हो।
– पौधे को लटकाने वाली टोकरी में लगाएं और इन्हे प्रत्येक को खिड़की के आगे लटका दें। सही दिशा में खिड़कियां देती हैं समृद्धि हम सभी के घर में दो तरह की उर्जा रहती है सकारात्मक उर्जा और नकारात्मक। सकारात्मक उर्जा समृद्धि देती है। नकारात्मक उर्जा सुख चैन छीन लेती है। यदि आप चाहते हैं कि आपका घर सकारात्मक उर्जा से भरा रहे तो इसके लिए आवश्यक है कि घर में खिड़कियां सही दिशा में हों। खिड़कियों से आने वाली सूर्य की रोशनी से घर का माहौल हमेशा सकारात्मक बना रहता है।
– भवन में उत्तर दिशा की खिड़कियों को अधिक समय तक खुला रखें। इससे भवन में रहने वाले सदस्यों के स्वास्थ्य को बहुत लाभ पहुंचता है।
– वास्तुशास्त्र के अनुसार पश्चिम दिशा में पूर्व व उत्तर की तुलना में कम खिड़कियां रखनी चाहिए।
– भवन के उत्तर में कम खिड़कियां रखनी चाहिए। इससे निवासियों को स्वस्थ संबंधी समस्याओं से निजात मिलती है।
– घर के पश्चिम भाग में खिसकाने वाली खिड़की हो होने से सिर दर्द, चिड़चिड़ापन आदि की समस्या होती है।
मकान की खिड़कियों के शीशे टूटे हुए न हो, न ही उनमें कोई दरार ना पड़े। इसका ध्यान रखें नहीं तो निवासियों को रक्त से संबंधित रोग हो सकता है।
बच्चे कभी बीमार नहीं होगें अगर – bachche kabhee beemaar nahin hogen agar – वास्तु और सकारात्मक ऊर्जा – vastu aur sakaratmak oorja