अगर आप के घर में आमदनी अच्छी होने के बावजुद भी हमेशा धन की कमी बनी रहती हो। पैसा टिकता ना हो तो नीचे लिखे वास्तु उपाय अपनाएं। इन उपायों से आपके घर में लक्ष्मी स्थाई रूप से निवास करने लगेगी।
– घर के उत्तर पूर्व में शीशे की बोतल में जल भरकर रखने से तथा इस जल का सेवन एक दिन पश्चात करने से घर वालों का स्वास्थ्य सही रहता है।
– सुबह एवं शाम सम्पूर्ण घर में कपूर का धुंआ लगाने से वास्तु दोषों में कमी आती है।
– भवन का मध्य भाग खुला रखने से परिवार में सभी सदस्य मेल जोल से रहते हैं।
– धन लाभ के लिये चारदीवारी की दक्षिणी एवं पश्चिमी दीवार उत्तर एवं पूर्व से ऊंची एवं मजबूत रखें।
– घर के उत्तर में द्वार व खिड़कियाँ रखना से धनागमन होता है।
– भूखण्ड के उत्तर पूर्व में अण्डरग्राउण्ड पानी का टैंक रखने से स्थिर व्यवसाय एवं लक्ष्मी का वास होता है।
– उत्तर पूर्व के अण्डरग्राउण्ड टैंक से रोजाना पानी निकाल कर पेड़ पौधे सीचने से धन वृद्धि होती है।
– भवन के उत्तर पूर्व का फर्श सबसे नीचा होना चाहिए तथा दक्षिण पश्चिम का फर्श सबसे ऊंचा रखने से आय अधिक, व्यय कम रहता है। भूखण्ड के उत्तर में चमेली के तेल का दीपक जलाने से धन लाभ होता है।
– भवन के मुख्यद्वार को सबसे बड़ा रखना चाहिए यह सबसे सुंदर भी होना चाहिए। मुख्यद्वार के ऊपर गणेश जी बैठाने से घर में सभी प्रकार की सुख सुविधा रहती है।
– घर में यदि पॉजिटीव ऊर्जा नहीं हो तो रोजाना नमक युक्त पानी का पौंछा लगाना चाहिए। भूखण्ड के उत्तर पूर्व में साबुत नमक की डली रखने से भी घर में पॉजिटीव ऊर्जा का संचालन होता है। इसे 4-5 दिन में बदलते रहना चाहिए।
– अपने ड्राइंग रूम के उत्तरी पूर्व में फिश एक्वेरियम रखें। ऐसा करने से धन लाभ होता है।
अगर चाहते हैं कभी ना हो पैसों की कमी….
कुछ वास्तु नियम ऐसे होते हैं जिनका पालन ना करने पर घर में पैसों की कमी हमेशा बनी रहती है। आमदनी से अधिक खर्च ऐसे घरों की आम समस्या होती है। यदि आप चाहते हैं कि आपको कभी पैसों की कमी ना हो तो नीचे लिखे वास्तुटिप्स जरूर अपनाएं।
– सोने के कमरे में, और खासकर विवाहित जोड़े के कमरे में, पूजाघर कदापि न बनाएं।
– यदि स्थानाभाव के कारण ऐसा करना ही पड़े, तो पूजास्थल को हर तरफ से पर्दे में रखें।
– पूजा-स्थान सदा साफ-सुथरा रखना चाहिए। इसे उत्तर-पूर्व अर्थात ईशान कोण – पूजा-घर में कीमती वस्तुएं, धन आदि छिपाकर न रखें।
– अलमारियां खिड़की के बाहर से दिखाई न दें।
– चेक बुक, बैंक और व्यापार के कागजात, नकद, आभूषण आदि अलमारी की तिजोरी में इस प्रकार रखें कि वह दक्षिण या नैर्ऋत्य की ओर न खुले अन्यथा धन की हानि होगी।
– तिजोरी शयनकक्ष में नहीं रखें। यदि रखनी ही हो, तो दक्षिण भाग में इस तरह रखें कि उसका मुंह उत्तर अर्थात कुबेर की दिशा की ओर खुले, धन लाभ होगा
जब आप हो परेशान पैसों की कमी से – jab aap ho pareshan paiso ki kami se – वास्तु और सकारात्मक ऊर्जा – vastu aur sakaratmak oorja