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sapne mein terahvi ka khana dekhna

सपने में तेरहवीं का खाना देखना – मृत्यु भोज क्यों नहीं खाना चाहिए?

अगर आप भी सपने में तेरहवीं का खाना देखना देख रहे है तो आप सही जगह आए है, हम यंहा पे मृत्यु भोज क्यों नहीं खाना चाहिए एसकी महाभारत की कहानी बताने वाले है, तो इसे पूरा पढ़िए।

हिन्दू धर्म में मुख्य रूप से 16 संस्कार होते हैं। इनमें से पहला संस्कार गर्भधारण और अंतिम और 16वां संस्कार अंत्येष्टि है। यानी इन 16 संस्कारों के बाद 17वां संस्कार नहीं होता। अब जब 17वें संस्कार के बारे में कुछ नहीं कहा गया।

आज हम आपको महाभारत में मृत्युभोज से जुड़ी एक कहानी के बारे में बताएंगे, जिससे आप कुछ हद तक समझ जाएंगे कि क्या वास्तव में मृत्युभोज यानि तेरहवीं का खाना खाने जाना उचित है या नहीं?

सपने में तेरहवीं का खाना देखना
सपने में तेरहवीं का खाना देखना

तेरहवीं का खाना शुभ या अशुभ?

इस कथा में स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने मृत्यु भोज – Mrityubhoj या शोक की स्थिति में परोसे गए भोजन को ऊर्जा का नाश करने वाला बताया है।

इस कहानी के अनुसार महाभारत का युद्ध शुरू होने वाला था। भगवान श्री कृष्ण दुर्योधन के घर गए और संधि के लिए आग्रह किया। उन्होंने दुर्योधन के सामने युद्ध न करने का प्रस्ताव रखा। हालांकि दुर्योधन ने श्रीकृष्ण की बात नहीं मानी। दुर्योधन ने संधि करने के अनुरोध को ठुकरा दिया। जिससे श्रीकृष्ण को बहुत कष्ट हुआ। वह वहां से चला गया। जाते समय दुर्योधन ने श्रीकृष्ण से भोजन ग्रहण करने को कहा।

इस पर श्रीकृष्ण ने कहा,

“सम्प्रीति भोज्यानि आपदा भोज्यानि वा पुनैः”

श्रीकृष्ण

अर्थात

हे दुर्योधन, जब खिलाने वाले का मन प्रसन्न हो, खाने वाले का हृदय प्रसन्न हो, तब ही भोजन करना चाहिए। इसके विपरीत जब खिलाने वाले और खाने वाले के मन में पीड़ा और वेदना हो तो ऐसी स्थिति में कभी भोजन नहीं करना चाहिए।

महाभारत की इस कहानी को बाद में मृत्युभोज से जोड़ा गया। जिसके अनुसार हमारे किसी रिश्तेदार की मृत्यु के बाद मन में अपार पीड़ा होती है, उस समय परिवार के सदस्यों को बहुत दुख होता है।

जाहिर सी बात है कि ऐसी स्थिति में कोई भी सुखी अवस्था में भोज का आयोजन नहीं कर सकता, दूसरी ओर मृत्युभोज में आमंत्रित लोग भी खुशी-खुशी भोज में शामिल नहीं होते। कहा जाता है कि इससे ऊर्जा का नाश होता है।

सपने में तेरहवीं का खाना देखना

सपने में तेरहवीं का खाना देखना अशुभ माना जाता है। आप अपना कीमती समय या पैसा ऐसी जगह खर्च करने वाले हैं जिससे आपको कोई फायदा नहीं होगा, इसके उलट आपके नुकसान की आशंका ज्यादा है। ऐसे में यह सपना आपको सलाह देता है कि अपने पैसे और समय को काम में लगाने से पहले अच्छे से सोच विचार कर लें।

सपने मे मृत्यु भोज करना  यह सपना शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य खराब होने का और इशारा करता है ।

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संपूर्ण चाणक्य निति
संपूर्ण चाणक्य निति
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