अंग की परिभाषा

5. baaharee ang

5. बाहरी अंग – पुरुष रोग का योगा द्वारा उपाय – 5. baaharee ang – purush rog ka yoga dwara upaay

5. बाहरी अंगजबकि शरीर भीतर से स्वस्थ और ताकतवर बनेगा तो स्वाभाविक रूप से ही बाहरी अंगों और चमड़ी को इसका लाभ मिलेगा। संपूर्ण देह कांतिमय, सुंदर और स्वस्थ नजर आएगी। आसनों के द्वारा शरीर को एक सुंदर शेप दिया जा सकता है। 5. बाहरी अंग – 5. baaharee ang – पुरुष रोग का योगा …

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4. bhitari ang

4. भीतरी अंग – पुरुष रोग का योगा द्वारा उपाय – 4. bhitari ang – purush rog ka yoga dwara upaay

4. भीतरी अंगयोग के आसनों को निरंतर करते रहने से शरीर के भीतरी अंगों में जमा मल और जहर बाहर निकल जाता है जिससे कि वह पुन: सुचारू रूप से कार्य करने लगते हैं। इस क्रिया से वे लम्बे काल तक स्वस्थ बने रहते हैं। 4. भीतरी अंग – 4. bhitari ang – पुरुष रोग …

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