नाड़ी क्या है

at what age does a person become rich

किस उम्र में व्यक्ति बनता है धनवान – नाड़ी ज्योतिष | At what age does a person become rich – nadi jyotish

  प्राचीन भारतीय ज्योतिष के महान ग्रंथ भृगु संहिता के फलित का न तो कोई विकल्प है और न ही कोई चुनौती क्योंकि यह अद्वितीय आध्यात्मिक ज्ञान की पराकाष्ठा से प्रकट हुई प्रज्ञा का परिणाम है। ज्योतिषशास्त्र के प्रवर्तक प्रमुख रूप से 18 ऋषि माने जाते हैं। स्वयं ब्रह्माजी ने इस ज्योतिष का ज्ञान सूर्य […]

किस उम्र में व्यक्ति बनता है धनवान – नाड़ी ज्योतिष | At what age does a person become rich – nadi jyotish Read More »

planetary time

ग्रहों का फल देने का समय – नाड़ी ज्योतिष | Planetary time – nadi jyotish

  ► सूर्य ग्रह अपनी दशा अन्तर्दशा में तो अपना फल देते ही हैं बल्कि कुछ और भी जीवन में ऐसे मौके आते हैं जब ग्रह अपना पूरा प्रभाव व्यक्ति के जीवन पर डालते हैं | जितना कुछ मेरे मस्तिष्क में है वह सब तो मैं व्यक्त नहीं कर सकता परन्तु आवश्यक नियम इस प्रकार

ग्रहों का फल देने का समय – नाड़ी ज्योतिष | Planetary time – nadi jyotish Read More »

importance of bhrigu samhita

भृगु संहिता महत्व – नाड़ी ज्योतिष | Importance of Bhrigu Samhita – nadi jyotish

  ऋषि भृ्गु ने अनेक ज्योतिष ग्रन्थों की रचना की. जिसमें से भृगु स्मृ्ति, भृगु संहिता ज्योतिष भृगु संहिता शिल्प भृगु सूत्र, भृगु उपनिषद भृगु गीता आदि प्रमुख है. वर्तमान में भृगु संहिता की जो भी प्रतियां उपलब्ध है, वह अपूर्ण अवस्था में है. इस शास्त्र से प्रत्येक व्यक्ति की तीन जन्मों की जन्मपत्री बनाई

भृगु संहिता महत्व – नाड़ी ज्योतिष | Importance of Bhrigu Samhita – nadi jyotish Read More »

bhrigu samhita idea

भृगु संहिता विचार – नाड़ी ज्योतिष | Bhrigu Samhita idea – nadi jyotish

  ऋषि भृगु उन 18 ऋषियों में से एक है जिन्होने ज्योतिष का प्रादुर्भाव किया था. ऋषि भृगु के द्वारा लिखी गई भृगु संहिता ज्योतिष के क्षेत्र में माने जाने वाले बहुमूल्य ग्रन्थों में से एक है. भृगु संहिता के विषय में यह मान्यता है, कि इस शास्त्र को पूजन, आरती इत्यादि करने के बाद

भृगु संहिता विचार – नाड़ी ज्योतिष | Bhrigu Samhita idea – nadi jyotish Read More »

vascular disease

नाड़ी दोष से रोग – नाड़ी ज्योतिष | Vascular disease – nadi jyotish

  ► नाड़ियाँ 1.इड़ा (नाभि से बाईं नासिका), 2. पिंगला (नाभि से दाईं नासिका),3. सुषुम्ना (नाभि से मध्य में), 4.शंखिनी(नाभि से गुदा), 5. कृकल (नाभि से लिंग तक), 6.पूषा (नाभि से दायाँ कान), 7.जसनी (नाभि से बाया कान), 8.गंधारी (नाभि से बायीं आँख), 9.हस्तिनी (नाभि से दाईं आँख), 10.लम्बिका (नाभि से जीभ)। ► अस्वस्थ होने

नाड़ी दोष से रोग – नाड़ी ज्योतिष | Vascular disease – nadi jyotish Read More »

vascular defect

नाड़ी दोष – नाड़ी ज्योतिष | Vascular defect – nadi jyotish

  ► परिचय नक्षत्र मेलापक के अष्ट कूटों में नाड़ी सबसे महत्त्वपूर्ण है। यह व्यक्ति के मन एवं मानसिक ऊर्जा की सूचक होती है। व्यक्ति के निजी सम्बन्ध उसके मन एवं उसकी भावना से नियंत्रित होते है। जिन-जिन व्यक्तियों में भावनात्मक पूरकता होती है, उनके संबंधो में घनिष्टता और जिनमें भावनात्मक समानता, या प्रतिद्वंदिता होती

नाड़ी दोष – नाड़ी ज्योतिष | Vascular defect – nadi jyotish Read More »

mangla nadi

मंगला नाडी – नाड़ी ज्योतिष | Mangla Nadi – nadi jyotish

  ► परिचय मंगल के नाम से जानी जाने वाली मंगला नाडी दो प्रकार की मानी जाती है,पहली सौभागिनी और दूसरी दुर्भाग्यनी,इन दोनो नाडियों की विशेषता के बारे में अलग अलग नाडी शास्त्रों का अलग अलग विचार देखा गया है। जिसे दुर्भाग्य की दाता बताया जाता है वह नाडी कलयुग जैसे काल में लोगों के

मंगला नाडी – नाड़ी ज्योतिष | Mangla Nadi – nadi jyotish Read More »

durbhaga nadi

दुर्भगा नाडी – नाड़ी ज्योतिष | Durbhaga Nadi – nadi jyotish

  ► परिचय स्त्री या पुरुष दोनो के लिये ही दुर्भगा नाडी अपने अपने अनुसार जीवन को नर्क बना देने के लिये अपना असर देती है। इस नाडी काल में जन्म होने पर किसी विवाह सम्बन्धी बात पक्की करने पर बच्चे के पैदा होने पर सन्तान की शादी में किसी धार्मिक कार्य करने पर किसी

दुर्भगा नाडी – नाड़ी ज्योतिष | Durbhaga Nadi – nadi jyotish Read More »

Scroll to Top