संपूर्ण ज्योतिष ज्ञान

brain according to vedic astrology

वैदिक ज्योतिष अनुसार मस्तिष्क – वैदिक ज्योतिष शास्त्र | Brain according to vedic astrology – vaidik jyotish Shastra

  ईश्वर नें इस ब्राह्मंड को पूर्णतय: स्वचालित बनाया है। इसमे विधमान समस्त ग्रह अपने निश्चित मार्ग पर निश्चित गति से निरंतर भ्रमणशील रहते हैं। और भ्रमण के दौरान ये किसी व्यक्ति की जन्मकुडंली के जिस भाव में स्थित होते हैं. उसी से सम्बद्ध उस व्यक्ति के मस्तिष्क के भाग को प्रभावित करते हैं। ► […]

वैदिक ज्योतिष अनुसार मस्तिष्क – वैदिक ज्योतिष शास्त्र | Brain according to vedic astrology – vaidik jyotish Shastra Read More »

there are 94 elements in the rigveda.

ऋग्वेद में 94अवयव कहे गये है – वैदिक ज्योतिष शास्त्र | There are 94 elements in the Rigveda. – vaidik jyotish Shastra

  ऋग्वेद में 94अवयव कहे गये है तुर्भि: साकं नवति च नामभिश्चक्रं न वृतं व्यतीखींविपत। बृहच्छरीरो विमिमान ऋक्कभियुर्वाकुमार: प्रत्येत्याहवम॥ (ऋ.म.१.सू.१५५.म.६.) उक्त मंत्र में गति विशेष द्वारा विविध स्वभाव शाली काल के ९४ अंशों को चक्र की तरह वृत्ताकार कहा गया है। उक्त कालावयवों में १ सम्वतसर २ अयन ५ ऋतुयें १२ माह २४ पक्ष ३०

ऋग्वेद में 94अवयव कहे गये है – वैदिक ज्योतिष शास्त्र | There are 94 elements in the Rigveda. – vaidik jyotish Shastra Read More »

eclipse sum

ग्रहण योग – वैदिक ज्योतिष शास्त्र | Eclipse sum – vaidik jyotish Shastra

  ग्रहण योग को वैदिक ज्योतिष के अनुसार कुंडली में बनने वाला एक अशुभ योग माना जाता है जिसका किसी कुंडली में निर्माण जातक के जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में समस्याएं पैदा कर सकता है। वैदिक ज्योतिष में ग्रहण योग की प्रचलित परिभाषा के अनुसार यदि किसी कुंडली में सूर्य अथवा चन्द्रमा के साथ राहु

ग्रहण योग – वैदिक ज्योतिष शास्त्र | Eclipse sum – vaidik jyotish Shastra Read More »

moon and rasi zodiac

चंद्रमा और रासी / राशि – वैदिक ज्योतिष शास्त्र | Moon and Rasi / Zodiac – vaidik jyotish Shastra

  भारतीय ज्योतिष में चंद्रमा को बहुत महत्व दिया जाता है क्योंकि यह पृथ्वी के सबसे नजदीक है इसलिए यह हम पर बहुत प्रभाव भी डालता है | चंद्रमा की गुरुत्वाकर्षण के कारण समुन्द्र में ज्वार-भाटा पैदा होता है और इसके साथ ही पौधे जानवर व मनुष्य भी इससे प्रभावित होतें हैं | एक की

चंद्रमा और रासी / राशि – वैदिक ज्योतिष शास्त्र | Moon and Rasi / Zodiac – vaidik jyotish Shastra Read More »

three differences of mathematics astrology

गणित ज्योतिष के तीन भेद – वैदिक ज्योतिष शास्त्र | Three differences of mathematics astrology – vaidik jyotish Shastra

  गणित ज्योतिष के तीन भेद 1. तंत्र गणित 2. करण गणित 3. सिद्धान्त गणित जिस गणित के द्वारा कल्प से लेकर आधुनैक काल तक के किसी भी इष्ट दिन के खगोलीय स्थितिवश गत वर्ष मास दिन आदि सौर सावन चान्द्रभान को ज्ञात कर सौर सावन अहर्गण बनाकर मध्यमादि ग्रह स्पष्टान्त कर्म किये जाते है,उसे

गणित ज्योतिष के तीन भेद – वैदिक ज्योतिष शास्त्र | Three differences of mathematics astrology – vaidik jyotish Shastra Read More »

duddhara yoga

दुर्धरा योग – वैदिक ज्योतिष शास्त्र | Duddhara Yoga – vaidik jyotish Shastra

  वैदिक ज्योतिष में दुर्धरा योग की प्रचलित परिभाषा के अनुसार यदि किसी कुंडली में चन्द्रमा से पिछले घर में तथा चन्द्रमा से अगले घर में कोई ग्रह स्थित हो तो कुंडली में दुर्धरा योग बनता है जो जातक को शारीरिक सुंदरता, स्वास्थ्य, संपत्ति तथा समृद्धि प्रदान कर सकता है। कुछ ज्योतिषी यह मानते हैं

दुर्धरा योग – वैदिक ज्योतिष शास्त्र | Duddhara Yoga – vaidik jyotish Shastra Read More »

pulse

नाडी – वैदिक ज्योतिष शास्त्र | Pulse – vaidik jyotish Shastra

  भारत में ज्योतिष के इन शाखाओं के अलावा, नाडी ज्योतिष या नाडी शास्त्र जैसी चीज भी है जो १२, २४, ४८ सेकंड्स के अंतराल पर पैदा हुए लोगों की जीवन की तस्वीरें व भाग्य का नमूना दर्शाता है | ये हमारे प्राचीन ऋषिओं द्वारा ताड़ के पत्त्तों पर लिखा गया है | बहुत कम

नाडी – वैदिक ज्योतिष शास्त्र | Pulse – vaidik jyotish Shastra Read More »

chanting sage in the absence of watches

घडियों के अभाव मे मंत्रद्रष्टा ऋषि – वैदिक ज्योतिष शास्त्र | Chanting sage in the absence of watches – vaidik jyotish Shastra

  वेदास्तावद यज्ञकर्मप्रवृता: यज्ञा प्रोक्तास्ते तु कालाश्रयेण, शास्त्रादस्मात काबोधो यत: स्याद वेदांगत्वं ज्योतिषस्योक्तमस्सात। शब्दशास्त्रं मुखं ज्योतिषं चक्षुषी श्रोत्रमुक्तं निरुक्तं कल्प: करौ, या तु शिक्षा‍ऽस्य वेदस्य नासिका पादपद्मद्वयं छन्दं आद्यैर्बुधै:॥ वेदचक्षु: किलेदं स्मृतं ज्यौतिषं मुख्यता चान्गमध्येऽस्य तेनोच्यते, संयुतोऽपीतरै: कर्णनासादिभिश्चक्षुषाऽगेंन हीनो न किंचित कर:। तस्मात द्विजैर्ध्ययनीयमेतत पुंण्यं रहस्यं परमंच तत्वम, यो ज्योतिषां वेत्ति नर: स सम्यक धर्मार्थकामान

घडियों के अभाव मे मंत्रद्रष्टा ऋषि – वैदिक ज्योतिष शास्त्र | Chanting sage in the absence of watches – vaidik jyotish Shastra Read More »

unfa yoga

अनफा योग – वैदिक ज्योतिष शास्त्र | Unfa Yoga – vaidik jyotish Shastra

  वैदिक ज्योतिष में अनफा योग की प्रचलित परिभाषा के अनुसार यदि किसी कुंडली में चन्द्रमा से पिछले घर में कोई ग्रह स्थित हो तो कुंडली में अनफा योग बनता है जो जातक को स्वास्थ्य, प्रसिद्धि तथा आध्यात्मिक विकास प्रदान कर सकता है। कुछ ज्योतिषी यह मानते हैं कि इस योग की गणना के लिए

अनफा योग – वैदिक ज्योतिष शास्त्र | Unfa Yoga – vaidik jyotish Shastra Read More »

methodology of astrology

ज्योतिष की कार्यप्रणली – वैदिक ज्योतिष शास्त्र | Methodology of astrology – vaidik jyotish Shastra

  हम सभी जानते है की वैदिक ज्योतिष का सम्बन्ध १२ घर १२ राशियाँ और नौ ग्रहों से है, लेकिन में यहाँ पर ज्योतिष की कार्यप्रणली के बारे में चर्चा करना चाहता हूँ ! चलो जानने की कोशिश करते है की ज्योतिष किन सिद्धांतो पर कार्य करता है और इसके पीछे छिपे क्या तथ्य है

ज्योतिष की कार्यप्रणली – वैदिक ज्योतिष शास्त्र | Methodology of astrology – vaidik jyotish Shastra Read More »

Scroll to Top