ब्रह्मचर्य के नुकसान

annaprashan sanskar

अन्नप्राशन संस्कार – ब्रह्मचर्य विज्ञान | Annaprashan Sanskar – brahmacharya vigyan

  जीवन में पहले पहल बालक को अन्न खिलाना इस संस्कार का उद्देश्य है। पारस्कर गृह्यसूत्र के अनुसार छठे माह में अन्नप्राशन संस्कार होना चाहिए। कमजोर पाचन शिशु का सातवे माह जन्म दिवस पर कराए। इसमें ईश्वर प्रार्थना उपासना पश्चात शिशु के प्राण-अपानादि श्वसन व्यवस्था तथा पंचेन्द्रिय परिशुद्धि भावना का उच्चारण करता घृतमय भात पकाना […]

अन्नप्राशन संस्कार – ब्रह्मचर्य विज्ञान | Annaprashan Sanskar – brahmacharya vigyan Read More »

benefits of semen protection

वीर्यरक्षा से लाभ – ब्रह्मचर्य विज्ञान | Benefits of semen protection – brahmacharya vigyan

  ► वीर्यरक्षा से कितने लाभ होते हैं वीर्यरक्षा से कितने लाभ होते हैं यह बताते हुए डॉ. मोलविल कीथ (एम.डी.) कहते हैं- “वीर्य तुम्हारी हड्डियों का सार, मस्तिष्क का भोजन, जोड़ों का तेल और श्वास का माधुर्य है। यदि तुम मनुष्य हो तो उसका एक बिन्दु भी नष्ट मत करो जब तक कि तुम

वीर्यरक्षा से लाभ – ब्रह्मचर्य विज्ञान | Benefits of semen protection – brahmacharya vigyan Read More »

evacuation ceremony

निष्क्रमण संस्कार – ब्रह्मचर्य विज्ञान | Evacuation ceremony – brahmacharya vigyan

  निष्क्रमण का अर्थ है बाहर निकलना। घर की अपेक्षा अधिक शुद्ध वातावरण में शिशु के भ्रमण की योजना का नाम निष्क्रमण संस्कार है। बच्चे के शरीर तथा मन के विकास के लिए उसे घर के चारदीवारी से बाहर ताजी शुद्ध हवा एवं सूर्यप्रकाश का सेवन कराना इस संस्कार का उद्देश्य है। गृह्यसूत्रों के अनुसार

निष्क्रमण संस्कार – ब्रह्मचर्य विज्ञान | Evacuation ceremony – brahmacharya vigyan Read More »

psychiatrist and sexual sciences

मनोचिकित्सक और यौन विज्ञान के ज्ञाता – ब्रह्मचर्य विज्ञान | Psychiatrist and sexual sciences – brahmacharya vigyan

  आज कल के मनोचिकित्सक और यौन विज्ञान के ज्ञाता जो समाज को अनैतिकता, मुक्त साहचर्य (Free Sex) और अनियंत्रित विकारी सुख भोगने का उपदेश देते हैं उनको डॉ. निकोलस की बात अवश्य समझनी चाहिए। डॉ. निकोलस कहते हैं- “वीर्य को पानी की भाँति बहाने वाले आज कल के अविवेकी युवकों के शरीर को भयंकर

मनोचिकित्सक और यौन विज्ञान के ज्ञाता – ब्रह्मचर्य विज्ञान | Psychiatrist and sexual sciences – brahmacharya vigyan Read More »

Scroll to Top