हीरा बिजली का कुचालक होता है – राशि रत्न | Diamond is a bad conductor of electricity – Rashi Ratna – Zodiac Stones
हीरा बिजली का कुचालक होता है, अतः हाथ में हीरे की अंगूठी पहनने पर बिजली के झटके का प्रभाव नहीं पड़ता है।
हीरा बिजली का कुचालक होता है, अतः हाथ में हीरे की अंगूठी पहनने पर बिजली के झटके का प्रभाव नहीं पड़ता है।
हीरा सबसे अधिक कठोर होता है, जिससे किसी भी वस्तु से हीरे पर रगड़ या खरोंच का निशान या रगड़ने का भी निशान नहीं पड़ता।
रत्न धारण करते समय कुछ सावधानियों का ख्याल रखना आवश्यक होता है. जिस ग्रह की दशा अन्तर्दशा के समय अशुभ प्रभाव मिल रहा हो उस ग्रह से सम्बन्धित रत्न पहनना शुभ फलदायी नहीं होता है. इस स्थिति में इस ग्रह के मित्र ग्रह का रत्न एवं लग्नेश का रत्न धारण करना लाभप्रद होता है.
रत्न और सावधानी – राशि रत्न | Gems and Caution – Rashi Ratna – Zodiac Stones Read More »
कर्म से ही भाग्य चमकता है. कहा भी गया है “जैसी करनी वैसी भरनी” ज्योतिष की दष्टि से कहें तो जैसा कर्म हम करते हैं भाग्य फल भी हमें वैसा ही मिलता है. भाग्य को पब्रल बनाने में कर्म का महत्वपूर्ण स्थान होता है. भाग्य भाव उत्तम हो और कर्म भाव पीड़ित तो इस
कर्म भाव और रत्न – राशि रत्न | Deeds and gems – Rashi Ratna – Zodiac Stones Read More »
जन्म कुण्डली का तीसरा घर पराक्रम का घर कहा जाता है. जीवन में भाग्य का फल प्राप्त करने के लिए पराक्रम का होना आवश्यक होता है. अगर व्यक्ति में साहस और पराक्रम का अभाव हो तो उत्तम भाग्य होने पर भी व्यक्ति उसका लाभ प्राप्त करने से वंचित रह जाता है. आत्मविश्वास का अभाव
तृतीय भाव और रत्न – राशि रत्न | Third house and gemstones – Rashi Ratna – Zodiac Stones Read More »
जीवन में भाग्य का बहुत ही महत्वपूर्ण होता है. भाग्य कमज़ोर होने पर जीवन में कदम कदम पर असफलताओं का मुंह देखना पड़ता है. भाग्य मंदा होने पर कर्म का फल भी संतोष जनक नहीं मिल पाता है. परेशानियां और कठिनाईयां सिर उठाए खड़ी रहती है. मुश्किल समय में अपने भी पराए हो जाते
भाग्य भाव और रत्न – राशि रत्न | Fortune and gems – Rashi Ratna – Zodiac Stones Read More »
लग्न स्थान को शरीर कहा गया है. कुण्डली में इस स्थान का अत्यधिक महत्व है. इसी भाव से सम्पूर्ण व्यक्तित्व का विचार किया जाता है. लग्न स्थान और लग्नेश की स्थिति के अनुसार जीवन में सुख दु:ख एवं अन्य ग्रहों का प्रभाव भी देखा जाता है. कुण्डली में षष्टम, अष्टम और द्वादश भाव में
लग्न और रत्न – राशि रत्न | Ascendant and Gemstone – Rashi Ratna – Zodiac Stones Read More »
रत्नों में अद्भूत शक्ति होती है. रत्न अगर किसी के भाग्य को आसमन पर पहुंचा सकता है तो किसी को आसमान से ज़मीन पर लाने की क्षमता भी रखता है. रत्न के विपरीत प्रभाव से बचने के लिए सही प्रकर से जांच करवाकर ही रत्न धारण करना चाहिए. ग्रहों की स्थिति के अनुसार रत्न
रत्नों की शक्ति – राशि रत्न | Power of gems – Rashi Ratna – Zodiac Stones Read More »
मेष राशि :– इस राशि के लोग शनि की दशा में नीलम रत्न धारण कर सकते है. इस राशि के लिए शनि लाभदायक हो सकता है. अपनी दशा में.. इसका रत्न धारण करने से लाभ में वृद्धि होगी. राज्य से सम्बंधित लोगो से मेलजोल लाभकारी सिद्ध होगा. भवन तथा जमीन का लाभ देगा. वायु सम्बंधित
मेष राशि :— इस राशि के व्यक्तिओं को हीरा कभी भी धारण नहीं करना चाहिए. क्योंकि इसे धारण करने से धन तथा साझेदारी के कार्यों में कष्टकारी तथा आयु की कमी होगी. पति – पत्नी में अलगाव पैदा करेगा तथा वाणी में विकार पैदा करेगा, व्यभिचारी बनायेगा. वृष राशि :– इस राशि वाले व्यक्ति को