mangal kharab hone ke lakshan

mangal mahadasha upachara - mahadasha ka upachaar

मंगल महादशा उपचार – महादशाओं का उपचार – उन्नीसवां दिन – Day 19 – 21 Din me kundli padhna sikhe – mangal mahadasha upachara – mahadasha ka upachaar – Unnisavaan Din

मंगल की महादशा होने पर बन्दरों को गुड़ चना देना चाहिए। सात शनिवार हनुमान जी को लाल लंगोट चढाएं। प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करें। लाल वस्त्र ब्राह्मणों को दान दें। सोने अथवा ताम्बे में मूगा दाएं हाथ की अनामिका उंगली में धारण करना चाहिए। मंगल महादशा उपचार – महादशाओं का उपचार – mangal mahadasha […]

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mangal ke anisht mein hone par karen yah upaay

मंगल के अनिष्ट में होने पर करें यह उपाय – नौवां दिन – Day 9 – 21 Din me kundli padhna sikhe – mangal ke anisht mein hone par karen yah upaay – Nauvan Din

किसी जातक के गोचर में मंगल निर्बल व पाप ग्रस्त हो तथा कुंडली में चौथे व आठवें भाव में अकेला विराजमान हो तो इस अकारक अवस्था के कारण रक्त विकार, क्रोध, तीव्र सिर दर्द, नेत्र रोग व संतान हानि जैसी समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। क्या उपाय करें : बुआ अथवा बहन को लाल कपड़ा

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mangal ka doosra shubh yog

मंगल का दूसरा शुभ योग – तीसरा दिन – Day 3 – 21 Din me kundli padhna sikhe – mangal ka doosra shubh yog – Teesara Din

– मंगल से बनने वाले पंच-महापुरुष योग को रूचक योग कहते हैं। – जब मंगल मजबूत स्थिति के साथ मेष, वृश्चिक या मकर राशि में हो तो रूचक योग बनता है। – यह योग इंसान को राजा, भू-स्वामी, सेनाध्यक्ष और प्रशासक जैसे बड़े पद दिलाता है। – इस योग वाले व्यक्ति को कमजोर और गरीब

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mangal ka chautha ashubh yog

मंगल का चौथा अशुभ योग – तीसरा दिन – Day 3 – 21 Din me kundli padhna sikhe – mangal ka chautha ashubh yog – Teesara Din

मंगल का एक और अशुभ योग है जो बहुत खतरनाक है। इसे शनि मंगल (अग्नि योग) कहा जाता है। इसके कारण इंसान की जिंदगी में बड़ी और जानलेवा घटनाओं का योग बनता है। – ज्योतिष में शनि को हवा और मंगल को आग माना जाता है। – जिनकी कुंडली में शनि मंगल (अग्नि योग) होता

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shani mangal (agni yog) ke lie upaay

शनि मंगल (अग्नि योग) के लिए उपाय – तीसरा दिन – Day 3 – 21 Din me kundli padhna sikhe – shani mangal (agni yog) ke lie upaay – Teesara Din

– शनि मंगल (अग्नि योग) दोष के प्रभाव को कम करने के लिए रोज सुबह माता-पिता के पैर छुएं। – हर मंगलवार और शनिवार को सुंदरकांड का पाठ करने से इस योग का प्रभाव कम होगा। शनि मंगल (अग्नि योग) के लिए उपाय – shani mangal (agni yog) ke lie upaay – तीसरा दिन –

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mangal ka pahla shubh yog

मंगल का पहला शुभ योग – तीसरा दिन – Day 3 – 21 Din me kundli padhna sikhe – mangal ka pahla shubh yog – Teesara Din

मंगल के शुभ योग में भाग्य चमक उठता है। लक्ष्मी योग मंगल का पहला शुभ योग है। – चंद्रमा और मंगल के संयोग से लक्ष्मी योग बनता है। – यह योग इंसान को धनवान बनाता है। – जिनकी कुंडली में लक्ष्मी योग है, उन्हें नियमित दान करना चाहिए। मंगल का पहला शुभ योग – mangal

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mangal ka teesra ashubh yog

मंगल का तीसरा अशुभ योग – तीसरा दिन – Day 3 – 21 Din me kundli padhna sikhe – mangal ka teesra ashubh yog – Teesara Din

नीचस्थ मंगल तीसरा सबसे अशुभ योग है। जिनकी कुंडली में यह योग बनता है, उन्हें अजीब परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। – इस योग में कर्क राशि में मंगल नीच का यानी कमजोर हो जाता है। – जिनकी कुंडली में नीचस्थ मंगल योग होता है, उनमें आत्मविश्वास और साहस की कमी होती है। –

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mangal ka pehla ashubh yog

मंगल का पहला अशुभ योग – तीसरा दिन – Day 3 – 21 Din me kundli padhna sikhe – mangal ka pehla ashubh yog – Teesara Din

– किसी कुंडली में मंगल और राहु एक साथ हों तो अंगारक योग बनता है। – अक्सर यह योग बड़ी दुर्घटना का कारण बनता है। – इसके चलते लोगों को सर्जरी और रक्त से जुड़ी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। – अंगारक योग इंसान का स्वभाव बहुत क्रूर और नकारात्मक बना देता है।

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mangal ka doosra ashubh yog

मंगल का दूसरा अशुभ योग – तीसरा दिन – Day 3 – 21 Din me kundli padhna sikhe – mangal ka doosra ashubh yog – Teesara Din

अंगारक योग के बाद मंगल का दूसरा अशुभ योग है मंगल दोष। यह इंसान के व्यक्तित्व और रिश्तों को नाजुक बना देता है। – कुंडली के पहले, चौथे, सातवें, आठवें और बारहवें स्थान में मंगल हो तो मंगलदोष का योग बनता है। – इस योग में जन्म लेने वाले व्यक्ति को मांगलिक कहते हैं। –

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