viniyog

विनियोग – इन्द्रजाल द्वारा पति-पत्नी के बीच अनबन को दूर करने के मंत्र – viniyog – indrajaal dwara pati-patni mantr

ॐ अस्य श्री ऋण हरणकर्ता गणपति स्तोत्र मंत्रस्य सदाशिव ऋषि:, अनुष्टुप छन्द: श्री ऋण हरणकर्ता गण‍पति देवता, ग्लौं बीजम्, ग: शक्ति:, गौं कीलकम् मम सकल ऋण नाशने जपे विनियोग: (जल छोड़ दें) ऋषियादि न्यास- ॐ सदा‍‍शिव ऋषिये नम: शिरसि, अनुष्टुप छन्दसे नम: मुखे, श्री ऋणहर्ता गणेश देवतायै नम: हृदि, ग्लौं बीजाय नम: गुह्ये, ग: शक्तये …

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