What is brahmacharya?

how to follow brahmacharya?

ब्रह्मचर्य का पालन कैसे करें? – ब्रह्मचर्य विज्ञान | How to follow Brahmacharya? – brahmacharya vigyan

  क्या आपको चोरी करना पसंद है? क्या आपको झूठ बोलना अच्छा लगता है? क्या आपको हत्या करना अच्छा लगता है? नहीं? तो फिर इस विषय में ऐसा क्या है कि आप इसें पसंद करते हैं। ये मात्र गलत मान्यता के कारण है। लोगों ने कहा इसलिए आपने विश्वास किया कि विषय में सुख है, […]

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remedies for celibacy

ब्रह्मचर्य रक्षा के उपाय – ब्रह्मचर्य विज्ञान | Remedies for celibacy – brahmacharya vigyan

  ► परिचय उपर्युक्त प्रकार के मैथुन के त्याग के अतिरिक्त निम्नलिखित साधन भी ब्रह्मचर्य की रक्षा में सहायक हो सकते हैं ► भोजन में उत्तेजक पदार्थों का सर्वथा त्याग कर देना भोजन में उत्तेजक पदार्थों का सर्वथा त्याग कर देना चाहिए | मिर्च, राई, गरम मसाले, अचार, खटाई, अधिक मीठा और अधिक गरम चीजें

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8 types of copulation

8 प्रकार के मैथुन के त्याग – ब्रह्मचर्य विज्ञान | 8 types of copulation – brahmacharya vigyan

  ► स्मरण किसी सुन्दर युवती स्त्री के रूप-लावण्य अथवा हाव, भाव, कटाक्ष एवं श्रृंगार का स्मरण करना, कुत्सित पुरुषों की कुत्सित क्रियाओं का स्मरण करना, अपने द्वारा पूर्व में घटी हुई मैथुन आदि क्रिया का स्मरण करना, भविष्य में किसी स्त्री के साथ मैथुन करने का संकल्प अथवा भावना करना, माला, चन्दन, इत्र, फुलेल,

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men and women

स्त्री-पुरुष के परस्पर विरुद्ध ध्रुवों का संयोजन – ब्रह्मचर्य विज्ञान | Men and women – brahmacharya vigyan

  ► परिचय अतएव ब्रह्मचर्य का संपूर्ण नैष्ठिक पालन करने वाली व्यक्ति को शास्त्रकारों ने विजातिय व्यक्ति का तनिक भी स्पर्श करने की या उसके सामने स्थिर दृष्टि से देखने की, उसके साथ बहुत लंबे समय तक बातचीत की या मन से उसका विचार करने की मनाई की है| इन नव नियमों का बडी कडाई

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wedding ceremony

विवाह संस्कार – ब्रह्मचर्य विज्ञान | Wedding ceremony – brahmacharya vigyan

  विद्या, विनय, शील, रूप, आयु, बल, कुल, शरीरादि का परिमाण यथायोग्य हो जिन युवक युवती का उनका आपस में सम्भाषण कर माता-पिता अनुमति से गृहस्थ धर्म प्रवेश विवाह है। अर्थात् पूर्ण ब्रह्मचर्यव्रत विद्या बल को प्राप्त करके, सब प्रकार के शुभगुण-कर्म-स्वभावों में तुल्य, परस्पर प्रीतियुक्त हो, विधि अनुसार सन्तानोत्पत्ति और अपने वर्णाश्रमानुकूल उत्तम कर्म

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observing celibacy fast

ब्रह्मचर्य व्रत का पालन – ब्रह्मचर्य विज्ञान | Observing celibacy fast – brahmacharya vigyan

  परिचय वर्तमान समय में इस देश की कुछ ऐसी दुर्दशा हो रही है कि जितने धनी तथा गणमान्य व्यक्ति हैं उनमें 99 प्रतिशत ऐसे हैं जो अपनी सन्तान-रूपी अमूल्य धन-राशि को अपने नौकर तथा नौकरानियों के हाथ में सौंप देते हैं। उनकी जैसी इच्छा हो, वे उन्हें बनावें ! मध्यम श्रेणी के व्यक्‍ति भी

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inclusion ceremony

समावर्तन संस्कार – ब्रह्मचर्य विज्ञान | Inclusion ceremony – brahmacharya vigyan

  परिणीत युवक, परिणीता युवती, नव्य-नव्य युवक, नव्या-नव्या युवती जो ब्रह्ममय, वेदमय उदात्त विचारों के आधुनिकतम सन्दर्भों के आध्यात्मिक, आधिभौतिक, आधिदैविक विज्ञानों में निष्णांत हों उनके लिए यह संस्कार किया जाता है। 24 वर्ष के वसु ब्रह्मचारी अथवा 36 वर्ष के रुद्र ब्रह्मचारी या 48 वर्ष के आदित्य ब्रह्मचारी जब सांगोपांग वेदविद्या, उत्तम शिक्षा, और

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ways-to-live-celibate-life

ब्रह्मचर्य जीवन जीने के उपाय – ब्रह्मचर्य विज्ञान | Ways to live celibate life – brahmacharya vigyan

► परिचय ब्रह्मचर्य जीवन जीने के उपाय- शरीर के अन्दर विद्यमान ‘वीर्य’ ही जीवन शक्ति का भण्डार है। शारीरिक एवं मानसिक दुराचर तथा प्राकृतिक एवं अप्राकृतिक मैथुन से इसका क्षरण होता है। ► कामुक चिंतन आने पर निम्र उपाय करें जिस प्रकार गन्ने का रस बाहर निकल जाने के पश्चात ‘छूछ’ कोई काम का नहीं

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vedambha rites

वेदारम्भ संस्कार – ब्रह्मचर्य विज्ञान | Vedambha Rites – brahmacharya vigyan

  यह उपनयन के साथ-साथ ही किया जाता है। इस संस्कार को करके वेदाध्ययन प्रारम्भ किया जाता था। इसमें बालक में सुश्रव, सुश्रवा, सौश्रवस होने तथा इसके बाद यज्ञ की विधि फिर वेद की निधि पाने की भावना होती है। यह संस्कार महान् अस्तित्व पहचान संस्कार है। इसे संस्कारों का संस्कार कह सकते हैं। इस

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self control

आत्मसंयम – ब्रह्मचर्य विज्ञान | Self-control – brahmacharya vigyan

  जिसने जीभ को नहीं जीता वह विषय वासना को नहीं जीत सकता। मन में सदा यह भाव रखें कि हम केवल शरीर के पोषण के लिए ही खाते हें, स्वाद के लिए नहीं। जैसे पानी प्यास बुझाने के लिए ही पीते है, वैसे ही अन्न केवल भूख मिटाने के लिए ही खाना चाहिए। हमारे

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