aaee phloo ka ghareloo upaay

आई फ्लू का घरेलू उपाय – घरेलू उपचार – aaee phloo ka ghareloo upaay – gharelu upchar

कंजंक्टिवाइटिस को बोलचाल की भाषा में आई फ्लूआंख आना कहते हैं। इसकी वजह से आंखें लाल, सूजन युक्त, चिपचिपी [कीचड़युक्त] होने के साथ-साथ उसमें बाल जैसी चुभने की समस्याएं हो सकती हैं। आमतौर पर बैक्टीरिया या वायरस के इंफेक्शन अथवा एलर्जी के कारण यह तकलीफ होती है।
☞ बैक्टीरियल कंजंक्टिवाइटिस :दोनों आंखों से बहुत अधिक कीचड़ आना।
समाधानी — डॉक्टरी सलाह से एंटीबायोटिक ड्रॉप्स या ऑइंटमेंट का इस्तेमाल करें।
☞ वायरल कंजंक्टिवाइटिस: कीचड़युक्त पानी काम आना, एक आंख से पानी आना।
समाधानी — गुनगुने या फिर नमक मिले पानी अथवा बोरिक एसिड पाउडर से दिन में कई बार आंखों को धोएं। डॉक्टरी सलाह लें।
☞ एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस: दोनों आंखों से पानी आना, खुजली होना और लाली आना
समाधानी— वायरल कंजंक्टिवाइटिस में बताए उपायों पर अमल करें।
बैक्टीरियल और वायरल कंजंक्टिवाइटिस बहुत तेजी से फैलने वाला रोग है। यह परिवार और डॉक्टर की क्लिनिक में आए लोगों में बहुत तेजी से फैल सकता है। यदि आप या आपका बच्चा “आई इंफेक्शन” का शिकार हो गया है, तो परिवार के सभी सदस्य साफ सफाई पर खास तवज्जों दें। अच्छी तरह हाथ धोएं, रोगी के टॉवेल, रूमाल का इस्तेमाल न करें और तकिए का कवर रोजाना बदलें। धैर्य रखें, डॉक्टर के बताएं निर्देशों का पालन करें, कुछ दिनों में कंजंक्टि वाइटिस ठीक हो जाती है।
आई फ्लू की बीमारी आंखों से पानी निकलता है, आंखों में चुभन महसूस होती है।

बचाव के उपाय

    आई फ्लू होने पर चश्मे का प्रयोग करें।
    किसी व्यक्ति से हाथ नहीं मिलाना चाहिए।
    आंखों को हाथ से नहीं रगड़ना चाहिए।
    यदि बच्चों के आंख में हो गया हो, तो उसे स्कूल नहीं भेजना चाहिए।
    आंखों को तीन-चार बार गुनगुने पानी से धोना चाहिए।
    तीन-चार दिन रोगी को आराम करना चाहिए।
    किसी दूसरे को तौलिया, रुमाल इस्तेमाल नहीं करना चाहिए

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