purush jatak ke ang lakshan

पुरुष जातक के अंग लक्षण – पुरूष शरीर के रहस्य – purush jatak ke ang lakshan – purush sharir ke rahasya

पुरुष जातक के अंग लक्षण और शारीरिक चेष्टाओं के बारे में सामुद्रिक में विस्तार से दिया गया है। उत्तम पुरुष की मुखाकृति दृढ़ होती है, जबड़ा चौड़ा, ठुड्डी सुंदर उभार लिए पर होंठों से आगे निकली न हो, आंखें सीधी, तेज, गर्दन हल्की ऊपर उठी हुई, बाल करीने से जमे, पुष्ट ग्रीवा, होंठ सरल, रक्तिम, स्निग्ध और मृदु होने चाहिएं, दांत पूरे बत्तीस सर्वश्रेष्ठ होते हैं, जीभ सामान्य लंबाई लिए हो और पतली, स्वच्छ, गुलाबी व सरल कोणिक होनी चाहिए। उनके हाथ घुटनों तक लंबे, छाती चौड़ी, पैर मजबूत और तलुवे चिकने होने चाहिएं।

पुरुष जातक के अंग लक्षण – purush jatak ke ang lakshan – पुरूष शरीर के रहस्य – purush sharir ke rahasya

संपूर्ण चाणक्य निति
संपूर्ण चाणक्य निति
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