drawing room room - vastu dosh nivaran

ड्राइंग रूम रूम – वास्तु दोष निवारण – वास्तु दोष निवारण – drawing room room – vastu dosh nivaran – vastu dosh nivaran

वास्तु दोष निवारण ड्राइंग रूम
वास्तु के अनुसार घर में ड्राइंग रूम उत्तर-पश्चिम यानि कि वायव्य कोण की दिशा के मध्य में होना चाहिए। ड्राइंग रूम कभी भी किसी प्रकार की डरावनी पेंटिग या सीनरी को नहीं लगाना चाहिए। ड्राइंग रूम वह स्थान है जहां घर के सदस्य एक साथ बैठकर न केवल वार्तालाप करते हैं, बल्कि अनेक विषयों पर विचार विमर्श भी वहीं किया जाता हैं। फर्नीचर रखते समय एक बात का खास ध्यान रखें कि घर के मुखिया का मुंह बैठते समय पूर्व या उत्तर दिशा की तरफ हो। ये दिशा घर के मालिक के लिए शुभ का संकेत देने वाली होती है। आजकल के समय में टी.वी ड्राइंग रूम का इक लोकप्रिय अंग बन चुका है। इस उपकरण को अग्नि कोण यानी दक्षिण-पश्चिम कोने में रखा जाना शुभ माना जाता है। साथ ही इससे नकरात्मक उर्जा का घर में वास नहीं होता है। ड्राइंग रूम में टेलीफोन को उत्तर-पूर्व दिशा में रखना अशुभ संकेत देने वाला माना जाता है इसलिए वास्तु अनुसार आप ड्राइंग रूम में हमेशा टेलीफोन को दक्षिण पश्चिम कोने यानी नेत्रत्य कोण की तरफ ही रखे। ये शुभ संकेत देने वाली जगह मानी जाती है। आप अपने ड्राइंग रूम में घड़ी को हमेशा पूर्व या उत्तर की दीवार पर लगाये। आपके बैठने के स्थान के सामने घड़ी लगाना अति शुभकारी माना गया है, क्योंकि घड़ी समय का प्रतीक है और समय को हमेशा आगे चलना चाहिए। यदि आप ड्राइंग रूम में अक्वेरियम या फिर पानी का फव्वारा आदि रखे तो उसके लिए उत्तर-पूर्व कोना यानी ईशान कोण बढ़िया माना गया है। यह घर के वास्तुदोष को भी दूर करने में सहायक माना गया है। ड्राइंग रूम के दरवाजे और खिड़कियों के लिए हरे, नीले, सुनहरे, मरून रंग के पर्दे अच्छे माने जाते है । पर्दों की डिजाईन यदि लहरदार हो तो और अच्छा माना जाता है। ड्राइंग रूम में भारी वस्तुएं जैसे- फर्नीचर, शो-केस आदि चीज़े वास्तु अनुसार दक्षिण-पश्चिम दिशा यानी नैऋत्य कोण में रखना शुभ माना जाता है। साथ ही बेहतर वास्तु परिणाम पाने के लिए फर्नीचर हमेशा लकडियों के ही बनवाने चाहिए। ”

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