कलाकृतियाँ सिर्फ कला दीर्घाओं की ही शोभा नहीं बढ़ातीं बल्कि घर को इनसे एक अलग पहचान मिलती है। लोग इन्हें वास्तु के हिसाब से भी सजाते हैं। पेंटिंग आपके घर के इंटीरियर में चार चाँद तो लगाती ही है, लेकिन अगर आप सही पेंटिंग का चयन करें तो यह घर में खुशी और समृद्धि भी लाती है। वास्तुशास्त्री आनंद भारद्वाज मानते हैं कि इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। अगर पेंटिंग के चयन में सावधानी बरती जाए तो यह काफी लाभदायक सिद्ध होती है।
कैसा हो कलर कोड : पेंटिंग में रंगों का एक अलग स्थान होता है। हरियाली से युक्त, सूर्य की चमकती रोशनी और साफ नीले आसमान वाली पेंटिंग लिविंग रूम के लिए अच्छी मानी जाती है। ऐसी कलात्मक चीजें दक्षिण-पूर्व दिशाओं के लिए बेहतर हैं। गौर करने वाली बात है कि पेंटिंग ऐसी हो, जो ऊर्जा प्रदायिनी तथा प्रसन्नता देने वाली हो।
नीले रंग की पेंटिंग उत्तर दिशा की दीवार पर बेहतर मानी जाती है। हरे या उससे मिलते-जुलते रंग पूर्व दिशा की दीवार पर लगाने से घर में खुशहाली आती है। लाल या संतरी रंग दक्षिण दिशा में हो तो बेहतर रहता है। बच्चों के कमरे में पेंटिंग लगाते समय गुलाबी, जामुनी या नीले रंग का प्रयोग करना चाहिए। क्रीम तथा सफेद रंग का प्रयोग कहीं भी किया जा सकता है।
गुलाबी रंग की पेंटिंग : नवविवाहित जोड़े के कमरे में गुलाबी रंग की पेंटिंग बेहतर होगी। घर में रनिंग वॉटर जैसे फाउंटेन और समुद्र की पेंटिंग डंइग रूम या लॉबी में कहीं भी लगाई जा सकती है, लेकिन बेडरूम में इस तरह की पेंटिंग का प्रयोग करने से बचना चाहिए।
दिशाओं का महत्व : घर में सकारात्मक ऊर्जा के संचार में दिशाओं का महत्वपूर्ण योगदान होता है, इसीलिए पेंटिंग लगाते समय दिशाओं का भी खास खयाल रखना चाहिए। पूरब की दिशा में उगते हुए सूरज की पेंटिंग लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसी तरह धार्मिक चिह्न जैसे ओम या स्वस्तिक उत्तर-पूर्व कमरे की पूर्व दीवार पर हो तो काफी अच्छा रहता है। इससे घर में सुख और शान्ति आती है।
परिवार के सदस्यों की तस्वीर या पेंटिंग दक्षिण दिशा में होनी चाहिए। बच्चों की तस्वीर, लैंडस्केप या हरे जंगल पश्चिम दिशा में हो, तो इसका घर में सकारात्मक असर पड़ता है। नवविवाहित जोड़े की पेंटिंग कमरे की दक्षिण दिशा में लगानी चाहिए।
समृद्धि व बेहतर स्वास्थ्य कारक : पेंटिंग न केवल घर में सकारात्मक परिवेश और ऊर्जा प्रदान करती है, बल्कि यह समृद्धि का कारक भी है। घर में सही पेंटिंग लगाने से व्यापार को बढ़ावा मिलता है। कमरे की दक्षिण दीवार पर मैप लगाने से व्यापार में वृद्धि होती है। अगर कोई व्यक्ति भारत में व्यापार करता है तो उसे भारत का मैप लगाना चाहिए। अगर किसी का व्यापार विदेशों तक फैला है, तो उसे विश्व का मैप लगाना चाहिए।
उड़ते हुए पक्षियों की तस्वीर आपके आर्थिक पक्ष को सुदृढ़ करती है। उगता हुआ सूरज सौभाग्य लेकर आता है, लेकिन पेंटिंग का गलत चयन आपके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव भी डाल सकता है। घर में किसी को दिल संबंधी बीमारी है या कोई व्यक्ति डिप्रेशन का मरीज है, तो घर में लाल रंग की पेंटिंग नहीं लगानी चाहिए। हरा रंग आपके स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है।
ऐसी पेंटिंग से करें परहेज : घर में ऐसी पेंटिंग का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, जिसे देखने से दुख का आभास होता हो। ऐसी पेंटिंग घर में नकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं। पेंटिंग के फायदे हैं लेकिन इस संबंध में कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
भूतहा मकान, खंडहर, तालाब, कुएँ, हथियार, अस्त्र-शस्त्र, रुके हुए पानी, गहरे कष्टकारक रंग, आँखों को चुभने वाले रंगों की पेंटिंग, पशुओं या लड़ाई की तस्वीरें घर में कभी भी नहीं लगानी चाहिए।
वास्तु के अनुरूप सजाएँ कलाकृतियाँ – vastu ke anuroop sajaye kalakritiyan – वास्तु के अनुसार सज्जा – vastu ke anusaar sajja