ketu ka teesare bhaav - ketu grah - prabhaav aur upaay

केतु का तीसरे भाव – केतु ग्रह – प्रभाव और उपाय – आठवाँ दिन – Day 8 – 21 Din me kundli padhna sikhe – ketu ka teesare bhaav – ketu grah – prabhaav aur upaay – Aathavaan Din

केतु का तीसरे भाव में फल तीसरा घर बुध और मंगल से प्रभावित होता है, दोनो ही केतू के शत्रु हैं। तीन की संख्या जातक के जीवन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यदि तीसरे भाव का केतू शुभ है तो जातक के बच्चे अच्छे होंगे। जातक सभ्य और भगवान से डरने वाला होगा। यदि केतू तीसरे भाव में हो और मंगल बारहवें भाव में हो तो जातक को चौबीस साल से पहले पुत्र की प्राप्ति होती है। पुत्र जातक के धन और दीर्घायु के लिए अच्छा होता है। तीसरे भाव के केतू वाला जातक लम्बी यात्राओं वाली नौकरी करता है। यदि तीसरे भाव का केतू अशुभ हो तो लातक मुकदमेबाजी में पैसे खर्च करता है। वह अपनी पत्नी या शालियों से अलग हो जाता है। ऐसा जातक दक्षिण मुखी घर में रहता है। उसे बच्चों से सम्बंधित गंभीर समस्याएं रहती हैं। ऐसा जातक किसी भी बात के लिए न नहीं कहता इसलिए वह हमेशा परेशान रहता है। जातक को अपने भाइयों से परेशानी होती है और वह बेकार की यात्रा करेगा।

उपाय

1. माथे पर केसर का तिलक लगाएं।

2. सोना पहनें।

3. बहते पानी में चावल और गुड़ बहाएं।

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