21 दिनों में कुंडली पढ़ना सीखें

nirmit naag-nagin ki puja karen - amavasya par kare kaal sarp dosh nivaaran ke ye upaay

निर्मित नाग-नागिन की पूजा करें – अमावस्या पर करें कालसर्प दोष निवारण के ये उपाय – बीसवां दिन – Day 20 – 21 Din me kundli padhna sikhe – nirmit naag-nagin ki puja karen – amavasya par kare kaal sarp dosh nivaaran ke ye upaay – Beesavan Din

अमावस्या पर सुबह स्नान आदि करने के बाद चांदी से निर्मित नाग-नागिन की पूजा करें और सफेद पुष्प के साथ इसे बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें। कालसर्प दोष से राहत पाने का ये अचूक उपाय है। निर्मित नाग-नागिन की पूजा करें – अमावस्या पर करें कालसर्प दोष निवारण के ये उपाय – nirmit […]

निर्मित नाग-नागिन की पूजा करें – अमावस्या पर करें कालसर्प दोष निवारण के ये उपाय – बीसवां दिन – Day 20 – 21 Din me kundli padhna sikhe – nirmit naag-nagin ki puja karen – amavasya par kare kaal sarp dosh nivaaran ke ye upaay – Beesavan Din Read More »

chandr grah kee shaanti ke saral upaay

चन्द्र ग्रह की शांति के सरल उपाय – बीसवां दिन – Day 20 – 21 Din me kundli padhna sikhe – chandr grah kee shaanti ke saral upaay – Beesavan Din

कई बार किसी समय-विशेष में कोई ग्रह अशुभ फल देता है, ऐसे में उसकी शांति आवश्यक होती है। गृह शांति के लिए कुछ शास्त्रीय उपाय प्रस्तुत हैं। इनमें से किसी एक को भी करने से अशुभ फलों में कमी आती है और शुभ फलों में वृद्धि होती है। ग्रहों के मंत्र की जप संख्या, द्रव्य

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chaandaal yog - raahu dvaara nirmit yog aur unaka phal

चांडाल योग – राहु द्वारा निर्मित योग और उनका फल – बीसवां दिन – Day 20 – 21 Din me kundli padhna sikhe – chaandaal yog – raahu dvaara nirmit yog aur unaka phal – Beesavan Din

चांडाल योग गुरू और राहु की युति से निर्मित होता है। चांडाल योग अशुभ ग्रह के रूप में माना जाता है। चांडाल योग जिस व्यक्ति की कुण्डली में निर्मित होता है उसे राहु के पाप प्रभाव को भोगना पड़ता है। चांडाल योग में आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है। नीच कर्मो के प्रति झुकाव

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kapat yog - raahu dvaara nirmit yog aur unaka phal

कपट योग – राहु द्वारा निर्मित योग और उनका फल – बीसवां दिन – Day 20 – 21 Din me kundli padhna sikhe – kapat yog – raahu dvaara nirmit yog aur unaka phal – Beesavan Din

दो पापी ग्रह राहु और शनि जब जन्मपत्री में क्रमश: एकादश और षष्टम में उपस्थित होते हैं तो कपट योग बनता है। जिस व्यक्ति की कुण्डली में कपट योग निर्मित होता है वह व्यक्ति अपने स्वार्थ हेतु किसी को भी धोखा देने वाला होता है । इनपर विश्वास करने वालों को पश्चाताप करना होता है।

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pishaach yog - raahu dvaara nirmit yog aur unaka phal

पिशाच योग – राहु द्वारा निर्मित योग और उनका फल – बीसवां दिन – Day 20 – 21 Din me kundli padhna sikhe – pishaach yog – raahu dvaara nirmit yog aur unaka phal – Beesavan Din

पिशाच योग राहु द्वारा निर्मित योगों में यह नीच योग है। पिशाच योग जिस व्यक्ति की जन्मपत्री में होता है वह प्रेत बाधा का शिकार आसानी से हो जाता है। इनमें इच्छा शक्ति की कमी रहती है। इनकी मानसिक स्थिति कमज़ोर रहती है, ये आसानी से दूसरों की बातों में आ जाते हैं। इनके मन

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lagn kaarak yog - raahu dvaara nirmit yog aur unaka phal

लग्न कारक योग – राहु द्वारा निर्मित योग और उनका फल – बीसवां दिन – Day 20 – 21 Din me kundli padhna sikhe – lagn kaarak yog – raahu dvaara nirmit yog aur unaka phal – Beesavan Din

राहु द्वारा निर्मित शुभ योगों में लग्न कारक योग का नाम भी प्रमुख है। लग्न कारक योग मेष, वृष एवं कर्क लग्न वालों की कुण्डली में तब बनता है जबकि राहु द्वितीय, नवम अथवा दशम भाव में नहीं होता है। जिस व्यक्ति की कुण्डली में लग्न कारक योग उपस्थित होता है उसे राहु की अशुभता

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paribhaasha yog - raahu dvaara nirmit yog aur unaka phal

परिभाषा योग – राहु द्वारा निर्मित योग और उनका फल – बीसवां दिन – Day 20 – 21 Din me kundli padhna sikhe – paribhaasha yog – raahu dvaara nirmit yog aur unaka phal – Beesavan Din

जिस व्यक्ति की कुण्डली में राहु परिभाषा योग का निर्माण करता है। वह व्यक्ति राहु के कोप से मुक्त रहता है। यह योग जन्मपत्री में तब निर्मित होता है जब राहु लग्न में स्थित हो अथवा तृतीय, छठे या एकादश भाव में उपस्थित हो और उस पर शुभ ग्रहों की दृष्टि हो। राहु का परिभाषा

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manglik dosh ke upay

मांगलिक दोष के उपाय – उन्नीसवां दिन – Day 19 – 21 Din me kundli padhna sikhe – manglik dosh ke upay – Unnisavaan Din

जन्मकुंडली में मंगल दोष यदि जन्मकुंडली में मंगल दोष हो किन्तु शनि मंगल पर दृष्टिपात करे तो मंगल दोष का परिहार हो जाता है। मकर लग्न में मकर राशि का मंगल व सप्तम स्थान में कर्क राशि का चंद्र हो तो मंगल दोष नहीं रहता है। कर्क व सिंह लग्न कर्क व सिंह लग्न में

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ashtalakshmi yog - raahu dwara nirmit yog aur unka phal

अष्टलक्ष्मी योग – राहु द्वारा निर्मित योग और उनका फल – बीसवां दिन – Day 20 – 21 Din me kundli padhna sikhe – ashtalakshmi yog – raahu dwara nirmit yog aur unka phal – Beesavan Din

वैदिक ज्योतिष में राहु नैसर्गिक पापी ग्रह के रूप में जाना जाता है। इस ग्रह की अपनी कोई राशि नहीं है अत: जिस राशि में होता है उस राशि के स्वामी अथवा भाव के अनुसार फल देता है। राहु जब छठे भाव में स्थित होता है और केन्द्र में गुरू होता है तब यह अष्टलक्ष्मी

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grahan yog ya dosh

ग्रहण योग या दोष – उन्नीसवां दिन – Day 19 – 21 Din me kundli padhna sikhe – grahan yog ya dosh – Unnisavaan Din

जब सूर्य या चन्द्रमा की युति राहू या केतु से हो जाती है तो इस दोष का निर्माण होता है। चन्द्र ग्रहण और सूर्य ग्रहण दोष की अवस्था में जातक डर व घबराहट महसूस करता है। चिडचिडापन उसके स्वभाव का हिस्सा बन जाता है। माँ के सुख में कमी आती है। किसी भी कार्य को

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