ज्योतिष विद्या कैसे सीखें

kaisa hoga kundli mein guru ka paribhraman

कैसा होगा कुंडली में गुरु का परिभ्रमण – दूसरा दिन – Day 2 – 21 Din me kundli padhna sikhe – kaisa hoga kundli mein guru ka paribhraman – Doosara Din

प्रथम भाव में– आर्थिक कष्ट, चिंताएं घेरती है, यात्रा होती है। साथ ही रिश्तेदारों से मनमुटाव होता है। द्वितीय भाव में– घर में खुशी आती है। अविवाहित का विवाह होता है। गृहस्थी वाले के घर बच्चे का जन्म होता है। धन की प्राप्ति होती है, अर्थात् पूर्ण सुख मिलता है। इसी के साथ शत्रुओं का […]

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study of constellations in astrology

ज्योतिष विद्या में नक्षत्रों का अध्ययन – वैदिक ज्योतिष शास्त्र | Study of constellations in astrology – vaidik jyotish Shastra

  भारतीय वैदिक ज्योतिषशास्त्र या ज्योतिष विद्या में नक्षत्रों का अध्ययन किया जाता है जो कि चंद्रमा द्वारा सितारों के संबंध में एक चक्र पूरा करने लगनेवाले अनुमानित संख्या पर आधारित हैं। प्राचीन भारतीय वैदिक ज्योतिष में विंशोत्तरी दशा चंद्र कैलेंडर के अनुसार चंद्रमा की स्थिति की भविष्यवाणी भारतीय परंपरा में सदियों से लागू की

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bhadra yoga

भद्र योग – वैदिक ज्योतिष शास्त्र | Bhadra Yoga – vaidik jyotish Shastra

  भद्र योग को वैदिक ज्योतिष के अनुसार किसी कुंडली में बनने वाले बहुत शुभ योगों में से एक माना जाता है तथा यह योग पंचमहापुरुष योग में से एक है। पंच महापुरुष योग में आने वाले शेष चार योग हंस योग, माल्वय योग, रूचक योग एवम शश योग हैं। वैदिक ज्योतिष में भद्र योग

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astrological indicator

ज्योतिषीय संकेतक – वैदिक ज्योतिष शास्त्र | Astrological indicator – vaidik jyotish Shastra

  भारत में भारतीय वैदिक ज्योतिष के अनुसार सभी खगोलीय पिंडों, चाहे सूर्य , चंद्र , ग्रह या सितारें हो स्थलीय घटनाओं को प्रभावित करते हैं या अपने विभिन्न विन्यासओं द्वारा ऐसी घटनाओं के संकेत देते हैं। जन्म के समय ग्रहों और तारों का विन्यास एक आधारभूत जीवन की प्रवृत्ति, लक्षण, ताकत, कमजोरी का निर्धारण

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interest totals

रूचक योग – वैदिक ज्योतिष शास्त्र | Interest totals – vaidik jyotish Shastra

  रूचक योग को वैदिक ज्योतिष के अनुसार किसी कुंडली में बनने वाले बहुत शुभ योगों में से एक माना जाता है तथा यह योग पंचमहापुरुष योग में से एक है। पंच महापुरुष योग में आने वाले शेष चार योग हंस योग, माल्वय योग, भद्र योग एवम शश योग हैं। वैदिक ज्योतिष में रूचक योग

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vedic astrology

वेदिक ज्योतिषशास्त्र – वैदिक ज्योतिष शास्त्र | Vedic astrology – vaidik jyotish Shastra

  भारत में ज्योतिष शास्त्र के अध्ययन की जड़ें वैदिक काल से देखी जाती है। ज्योतिषीय परंपराओं की झलक भारत के सबसे पवित्र ग्रंथों में से एक अथर्ववेद में दिखाई देती है। भारत में प्राचीन भारतीय वैदिक ज्योतिष शास्त्र जो कि ज्योतिष के नाम से प्रसिद्घ था, ज्योतिष का आधार कुछ तुलनात्मक स्थिर तारों के

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malavya yoga

मालव्य योग – वैदिक ज्योतिष शास्त्र | Malavya Yoga – vaidik jyotish Shastra

  मालव्य योग को वैदिक ज्योतिष के अनुसार किसी कुंडली में बनने वाले बहुत शुभ योगों में से एक माना जाता है तथा यह योग पंचमहापुरुष योग में से एक है। पंच महापुरुष योग में आने वाले शेष चार योग हंस योग, रूचक योग, भद्र योग एवम शश योग हैं। वैदिक ज्योतिष में मालव्य योग

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originator of ancient scripture

आदिकालीन शास्त्र के प्रवर्तक – वैदिक ज्योतिष शास्त्र | Originator of ancient scripture – vaidik jyotish Shastra

  जो विद्वान इस विद्या के मर्म को जानते है, इसके गहन तत्वों को आत्मसात कर चुके है, वो भलीभान्ती जानते है कि इस आदिकालीन शास्त्र के प्रवर्तक ऋषियों-मुनियों,महर्षियों नें कहीं भी किसी ऎसे निर्दयी विधाता की सत्ता की कल्पना नहीं की,जो जैसे चाहे,जब चाहे,मनुष्य के साथ खेल खेलता रहे. इसके विपरीत यहाँ तो स्पष्ट

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swan yoga

हंस योग – वैदिक ज्योतिष शास्त्र | Swan yoga – vaidik jyotish Shastra

  हंस योग को वैदिक ज्योतिष के अनुसार किसी कुंडली में बनने वाले बहुत शुभ योगों में से एक माना जाता है तथा यह योग पंचमहापुरुष योग में से एक है। पंच महापुरुष योग में आने वाले शेष चार योग माल्वय योग, रूचक योग, भद्र योग एवम शश योग हैं। वैदिक ज्योतिष में हंस योग

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vedic astrology and karma

वैदिक ज्योतिष और कर्म – वैदिक ज्योतिष शास्त्र | Vedic Astrology and Karma – vaidik jyotish Shastra

  वैदिक ज्योतिष और कर्म सिद्धान्त के आपसी गहन सम्बन्ध की बात की जाए तो,उसके लिए सबसे पहले तो बताना चाहूँगा कि सम्पूर्ण ज्योतिष शास्त्र सिर्फ इसी कर्म-सिद्धान्त की भित्ति पर खडा है.बल्कि यूँ कहें कि कर्म चक्र का ये सिद्धान्त ही तो इस शास्त्र की आत्मा है.यदि इस आत्मा को इससे विलग कर दिया

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