लक्षण :
कुकूणक दूध पीने वाले बच्चों का रोग है। इसमें रोगी का वर्त्म (पलक) सूजन वाला, लालिमा, कंडू (खुजली) और पानी बहने वाला होता है। बालक लगातार अपना ललाट (माथा), नेत्र (आंख) और नाक रगड़ता रहता है और धूप नहीं देख सकता है।
कुकूणक का विभिन्न औषधियों से उपचार:
आमलकी फल:
आमलकी फल त्वक (चूर्ण), लकुच फल और जम्बू के पत्तों के काढ़े से आंखों को धोना चाहिए।
पिप्पली:
बराबर मात्रा में लिए गए 7 से 14 मिलीलीटर हरीतकी फल त्वक् द्राक्षा और पिप्पली फल के काढ़े को बच्चे को दूध पिलाने वाली मां को दिन में 2 बार देना चाहिए।
पटोलफल:
बराबर मात्रा में 7 से 14 मिलीलीटर पटोलफल, मुस्तकमूल, द्राक्षा, गुडूची का तना और त्रिफला का काढ़ा बच्चे को दूध पिलाने वाली मां को दिन में 2 बार देना चाहिए।






