वास्तु शास्त्र

vastu dosh nivaran yantra.

वास्तु दोष निवारक यन्त्र। – वास्तुशास्त्र – vastu dosh nivaran yantra. – vastu shastra

सिद्ध गणपति स्थापना।पिरामिड यन्त्र। ४दृ हरे पौधे।५दृ दर्पण। ६दृ प्रकाश। ७दृ शुभ चिन्ह। ८दृ जल। ९दृ क्रिस्टल बाल। १०दृ रंग।११दृ घंटी। १२दृ बांसुरी ।१३दृ स्वास्तिक यन्त्र। १४दृ वास्तुशांति हवन।१५दृ मीन। १६दृ शंख। १७दृ अग्निहोत्र।हमारे पहले वास्तु दोषों को समझना होगा ये निम्न प्रकार के होते हैं :-१दृ भूमि दोष :- भूमि का आकार, ढ़लान उचित […]

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bhoomi kee pareeksha

भूमि की परीक्षा – वास्तुशास्त्र – bhoomi kee pareeksha – vastu shastra

पहले भूमि की परीक्षा कर फिर बाद में वहाँ गृह का निर्माण करना चाहिये। श्वेत, लाल, पीली और काली- इन चार वर्णों वाली पृथिवी क्रमश: ब्राह्मणादि चारों वर्णों के लिये प्रशंसित मानी गयी है। इसके बाद उसके स्वाद की परीक्षा करनी चाहिये। ब्राह्मण के लिये मधुर स्वाद वाली, क्षत्रिय के लिये कड़वी, वैश्य के लिये

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vastu aur vigyan

वास्तु और विज्ञान – वास्तुशास्त्र – vastu aur vigyan – vastu shastra

सूर्य की ऊर्जा को अधिक समय तक भवन में प्रभाव बनाए रखने के लिए ही दक्षिण और पश्चिम भाग की अपेक्षा पूर्व एवं उत्तर के भवन निर्माण तथा उसकी सतह को नीचा रखे जाने का प्रयास किया जाता है। प्रात:कालीन सूर्य रशिमयों में अल्ट्रा वॉयलेट रशिमयों से ज्यादा विटामिन ”डी” तथा विटामिन ”एफ” रहता है।

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vastu aur hum

वास्तु और हम – वास्तुशास्त्र – vastu aur hum – vastu shastra

वास्तु विज्ञान और ज्योतिष शास्त्र एक ही गाड़ी के दो पहिये है ! इंसान के जीवन की कुछ समस्याएं ज्योतिष दूर कर सकता है और कुछ वास्तु शास्त्र ! जो लोग इसे जानते नहीं है वे यकीन नहीं करेगे पर सही अर्थों में वास्तु को जाने वाला आप के बिना बताये ही ,केवल आप के

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vastu tips : 20 upyogi baten

वास्तु टिप्स : 20 उपयोगी बातें – वास्तुशास्त्र – vastu tips : 20 upyogi baten – vastu shastra

पवन घंटियां (विंड चाइम) घर में सौभाग्य बढ़ाने का अद्भुत स्रोत हैं। पवन घंटियां बैठक तथा घर में स्थापित मंदिर के दरवाजे पर लटकाने से शुभ्रता प्रदान करती है। व्यावसायिक कार्यालयों में दक्षिण दिशा में संस्थान के मालिक की फोटो लगाएं। पूर्वजों के चित्र उत्तर-पश्चिम में रखें, तो ज्यादा अच्‍छा होगा। अलमारी या कपड़ों की

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nae makan ke liye jaroori vastu tips

नए मकान के लिए जरूरी वास्तु टिप्स – वास्तुशास्त्र – nae makan ke liye jaroori vastu tips – vastu shastra

यदि आपका प्लॉंट वर्गाकार है, तब उसमें आगे की जगह छोड़ते हुए पीछे की तरफ मकान बनाना चाहिए। यदि आपका प्लॉंट आयताकार है, तब उसमें मकान आगे ही बनाना चाहिए। यदि आपका टेपरिंग प्लॉंट है, तब भी उसमें आयताकार प्लॉंट की तरह ही मकान बनाएं तथा बिलकुल पीछे दोनों कोनों पर एक-एक तेज लाइट लगाएं।

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naya ghar shubh hoga ya ashubh

नया घर शुभ होगा या अशुभ – वास्तुशास्त्र – naya ghar shubh hoga ya ashubh – vastu shastra

नया घर बाँधने या नया फ्लैट लेने से पहले यह जान लेना नितांत जरूरी है कि वह घर आपके लिए उन्नतिकारक होगा या नहीं। इस हेतु घर की ‘आय व व्यय’ की गणना की जाती है। आय की गणना : घर का क्षेत्रफल निकालें। इस क्षेत्रफल को 8 से भाग दें। जो संख्‍या बाकी रहे

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panchmahabhoot ka mahatva

पंच महाभूतों का महत्व – वास्तुशास्त्र – panchmahabhoot ka mahatva – vastu shastra

दर्शन, विज्ञान एवं कला से संबंधित प्राय सभी शास्त्र यह मानते है कि मानव सहित सभी प्राणी पंचमहाभूतों से बने हैं। अत: मानव का तन, मन एवं जीवन इन महाभूतों के स्वत: स्फूर्त और इनके असन्तुलन से निश्क्रिय सा हो जाता है। वास्तु शास्त्र में इन्हीं पॉंच महाभूतों का अनुपात में तालमेल बैठाकर प्रयोग कर

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bina tod-fod ke vastu sudhar

बिना तोड़-फोड़ के वास्तु सुधार – वास्तुशास्त्र – bina tod-fod ke vastu sudhar – vastu shastra

आजकल पूर्व निर्मित गृह को वास्तु अनुसार करने हेतु तरह-२ की सलाह दी जाती है जो ठीक जो है लेकिन उसको कार्य रूप देना हर परिवार या इंसान के लिए एक कठिन कार्य हो गया है। जैसा कि विज्ञान ने आज बहुत ज्यादा उन्नति कर ली है उसी तरह वास्तु विज्ञान में भी आज बिना

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bhawan nirman mein vastu shastra

भवन निर्माण में वास्तुशास्त्र – वास्तुशास्त्र – bhawan nirman mein vastu shastra – vastu shastra

वास्तु की दृष्टि से भवन निर्माण के समय पाँच प्राकृतिक तत्वों का ठीक अनुपात रखें तो हर तत्व का हम समुचित लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इनमें भी जल व अग्नि का महत्व सबसे अधिक है। फिर भी इससे दूसरे तत्वों का महत्व कम नहीं होता। जल तत्व से घर की शांति बनी रहती है।

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