वास्तु शास्त्र

vaidik vaastu shaastr ke anusaar kaisa ho aapaka pooja ghar

वैदिक वास्तु शास्त्र के अनुसार कैसा हो आपका पूजा घर – वैदिक वास्तु शास्त्र – vaidik vaastu shaastr ke anusaar kaisa ho aapaka pooja ghar – vedic vastu shastra

हर घर में पूजा घर तो होते ही हैं! पूजा घर बनाते समय अधिकांश लोग कुछ बातों पर ध्यान नहीं देते! यदि पूजा घर भी वास्तु के नियमों के अनुसार बनाया जाए तो बेहतर होता है! वास्तु शास्त्र के अनुसार पूजा घर की दिशा, उसकी जगह, किस धातु से बना है मंदिर आदि.. और भी […]

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vaidik vaastu shaastr ke anusaar kaise ho bhagavaan ganesh

वैदिक वास्तु शास्त्र के अनुसार कैसे हो भगवान गणेश – वैदिक वास्तु शास्त्र – vaidik vaastu shaastr ke anusaar kaise ho bhagavaan ganesh – vedic vastu shastra

वास्तु में गणपति की मूर्ति एक, दो, तीन, चार और पांच सिरों वाली पाई जाती है! इसी तरह गणपति के 3 दांत पाए जाते हैं! सामान्यत: 2 आंखें पाई जाती हैं, किंतु तंत्र मार्ग संबंधी मूर्तियों में तीसरा नेत्र भी देखा गया है! भगवान गणेश की मूर्तियां 2, 4, 8 और 16 भुजाओं वाली भी

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vaidik vastu shastra mein ishan kon ka mahatva

वैदिक वास्तु शास्त्र में ईशान कोण का महत्व – वैदिक वास्तु शास्त्र – vaidik vastu shastra mein ishan kon ka mahatva – vedic vastu shastra

जमीन के उत्तर-पूर्व कोने को ईशान कोण कहा जाता है! यह माना जाता है कि इस कोण पर देवताओं और आध्यात्मिक शक्ति का वास रहता है! इसलिए यह घर का सबसे पवित्र कोना होता है! * भगवान शिव का एक नाम ईशान भी है! चूंकि भगवान शिव का आधिपत्य उत्तर-पूर्व दिशा में होता है इसीलिए

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vaidik vastu shastra ka udbhav

वैदिक वास्तुशास्त्र का उदभव – वैदिक वास्तु शास्त्र – vaidik vastu shastra ka udbhav – vedic vastu shastra

'वैदिक शास्त्रों में वास्तु का अर्थ है गृह निर्माण योग्य भूमि! अर्थात् जिस भूमि पर अधिक सुरक्षा व सुविधा प्राप्त हो सके, इस प्रकार के मकान को भवन व महल आदि जिसमें मनुष्य रहते हैं या काम करते हैं वास्तु कहते है। इस ब्रह्मण्ड में सबसे शाक्तिशाली प्राकृति है क्योंकि यही सृष्टि का विकास करती

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vaidik vaas‍tushaas‍tr laksh‍mee pravesh kaise ho

वैदिक वास्‍तुशास्‍त्र लक्ष्‍मी प्रवेश कैसे हो – वैदिक वास्तु शास्त्र – vaidik vaas‍tushaas‍tr laksh‍mee pravesh kaise ho – vedic vastu shastra

सुखी और सफल जीवन महालक्ष्‍मी की कृपा के बिना संभव नहीं है! शेषशैया पर सोने वाले भगवान विष्‍णु की अर्धागिनी मां लक्ष्‍मी कैसे हमारे जीवन में सहजता व सफलता से सारी कमियां पूरी कर दें! यही बतलाती है वैदिक वास्‍तुशास्‍त्र पर दैवज्ञ शिरोमणि वास्‍तु इंजीनियर पंडित गोपाल शर्मा व नरसिंह लाल जी की यह अनुपम

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vaidik vastu devata- pooja vidhana

वैदिक वास्तु देवता- पूजा विधान – वैदिक वास्तु शास्त्र – vaidik vastu devata- pooja vidhana – vedic vastu shastra

मत्स्य पुराण के अध्याय 251 के अनुसार अंधकार के वध के समय जो श्वेत बिन्दु भगवान शंकर के ललाट से पृथ्वी पर गिरे, उनसे भयंकर आकृति वाला पुरुष उत्पन्न हुआ! उसने अंधकगणों का रक्तपान किया तो भी उसकी तृप्ति नहीं हुई! त्रिलोकी का भक्षण करने को जब वह उद्यत हुआ, तो शंकर आदि समस्त देवताओं

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vaidik vastu purush ke dosh

वैदिक वास्तु पुरुष के दोष – वैदिक वास्तु शास्त्र – vaidik vastu purush ke dosh – vedic vastu shastra

यह एक कठिन विद्या है, जिसमें भौतिक निर्माण कृत्य में कब कौन देवता क्रोधित हो जाए व क्या परिणाम देंगे, इनका ज्ञान आवश्यक है! कुछ सामानय गृह दोष व उनके परिणाम बताए जा रहे हैं, जो जनोपयोगी हैं! सामान्य जन इनका बिना किसी विशेषज्ञ की मदद से भी उपयोग कर सकते हैं! देवतागण यदि रुष्ट

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vaidik vastu shastra

वैदिक वास्तु शास्त्र – वैदिक वास्तु शास्त्र – vaidik vastu shastra – vedic vastu shastra

वैदिक वास्तु शास्त्र में मुख्य रूप से आठ दिशाओं , पंच तत्वो,के बारे मे वर्णन किया गया है,इन्ही का सन्तुलन करके हम अपने स्थान का पूर्ण सुख प्राप्त कर सकते है | आठ दिशाएं निम्न है- 1. पूर्व (East) 2. पश्चिम(West) 3. उत्तर(North) 4. दक्षिण(South) 5. ईशान(North East) 6. अग्नि(South East) 7. वायव्य(North West) 8.

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vaidik vastu shastra aur aapka kichan

वैदिक वास्तु शास्त्र और आपका किचन – वैदिक वास्तु शास्त्र – vaidik vastu shastra aur aapka kichan – vedic vastu shastra

महिलाओं का अधिकतम समय किचन में ही बीतता है! वास्तुशास्त्रियों के मुताबिक यदि वास्तु सही न हो तो उसका विपरीत प्रभाव महिला पर, घर पर भी पड़ता है! किचन बनवाते समय इन बातों पर गौर करें! किचन की ऊंचाई 10 से 11 फीट होनी चाहिए और गर्म हवा निकलने के लिए वेंटीलेटर होना चाहिए! यदि

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vaidik vastu shastra kee bhoomika

वैदिक वास्तु शास्त्र की भूमिका – वैदिक वास्तु शास्त्र – vaidik vastu shastra kee bhoomika – vedic vastu shastra

वास्तु शास्त्र की भूमिका ओम प्रकाश दार्शनिक आज मानवीय सृष्टि में जो कुछ भी और जैसे भी हो रहा है, वह यदि अवांछित ढंग से न होकर विधि सापेक्ष रूप में हो तो निश्चित ही बहुत से अमंगल टल सकते हैं! वास्तुशास्त्र इस मांगल्य की स्थापना में हमारा सहायक अथवा मार्गदर्शक हो सकता है! भली-भांति

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