वास्तु शास्त्र

griharambh ki neev

गृहारंभ की नींव – सम्पूर्ण वास्तु दोष – griharambh ki neev – sampurna vastu dosh nivaran

गृहारंभ की नींव :- वैशाख, श्रावण, कार्तिक, मार्गशीर्ष और फाल्गुन इन चंद्रमासों में गृहारंभ शुभ होता है। इनके अलावा अन्य चंद्रमास अशुभ होने के कारण निषिद्ध कहे गये हैं। वैशाख में गृहारंभ करने से धन धान्य, पुत्र तथा आरोग्य की प्राप्ति होती है। श्रावण में धन, पशु और मित्रों की वृद्धि होती है। कार्तिक में […]

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ghar ka mukhy dwaar vastu shastra ke anusaar kaisa aur kahaan hona chaahie?

घर का मुख्य द्वार वास्तु शास्त्र के अनुसार कैसा और कहाँ होना चाहिए? – सम्पूर्ण वास्तु दोष – ghar ka mukhy dwaar vastu shastra ke anusaar kaisa aur kahaan hona chaahie? – sampurna vastu dosh nivaran

ऐसा माना जाता है कि हमारे शरीर में जितना महत्व मुख का होता है उतना ही महत्व घर के मुख्य द्वार का होता है। घर का मुख्य द्वार घर के बाकी सभी द्वारों से बड़ा होना चाहिए।मुख्य द्वार के लिए पूर्व या उत्तर दिशा सबसे अच्छी मानी जाती है और जहाँ तक संभव हो, घर

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ghar ka mukhy dwaar vastu shastra ke anusaar kaisa aur kahaan hona chaahie? 1

घर का मुख्य द्वार वास्तु शास्त्र के अनुसार कैसा और कहाँ होना चाहिए? 1 – सम्पूर्ण वास्तु दोष – ghar ka mukhy dwaar vastu shastra ke anusaar kaisa aur kahaan hona chaahie? 1 – sampurna vastu dosh nivaran

अगर घर दक्षिण या पश्चिम मुखी हो तो उसमें कभी भी सिर्फ एक ही मुख्य द्वार नहीं बनवाना चाहिए।मुख्य द्वार हमेशा अंदर और घड़ी की दिशा में ही खुलना चाहिए।मुख्य द्वार को खोलने और बंद करने में किसी तरह की आवाज़ नहीं होनी चाहिए।अगर एक द्वार के ऊपर दूसरा द्वार बनवाना पड़े तो ये ध्यान

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chandrahasan mein vastu

चंद्रमासों में वास्तु – सम्पूर्ण वास्तु दोष – chandrahasan mein vastu – sampurna vastu dosh nivaran

महाकवि कालिदास और महर्षि वशिष्ठ अनुसार तीन-तीन चंद्रमासों में वास्तु पुरुष की दिशा निम्नवत् रहती है।भाद्रपद, कार्तिक, आश्विन मास में ईशान की ओर। फाल्गुन, चैत्र, वैशाख में नैत्य की ओर। ज्येष्ठ, आषाढ, श्रावण में आग्नेय कोण की ओर।मार्गशीर्ष, पौष, माघ में वायव्य दिशा की ओर वास्तु पुरुष का मुख होता है। वास्तु पुरुष का भ्रमण

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jaanie kee kese karen bina tod-phod ke vaastu sudhaar/vaastu dosh nivaaran? 1

जानिए की केसे करें बिना तोड़-फोड़ के वास्तु सुधार/वास्तु दोष निवारण? 1 – सम्पूर्ण वास्तु दोष – jaanie kee kese karen bina tod-phod ke vaastu sudhaar/vaastu dosh nivaaran? 1 – sampurna vastu dosh nivaran

पूर्व दिशा में बिना तोड़-फोड़ के वास्तु दोषों का निवारण- दोष : भवन की पूर्व दिशा का भाग अन्य दिशाओं की अपेक्षा ऊंचा होना। उपाय : उपरोक्त दोष निवारण के लिए भवन में टी.वी. का ऐन्टीना नैत्य कोण में लगा लें, जिसकी ऊंचाई भवन के पूर्वी एवं उत्तरी भाग की दीवारों से अधिक हो, ऐन्टीना

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vaidik vaastushaastr- dishaon aur konon ka vigyaan

वैदिक वास्तुशास्त्र- दिशाओं और कोणों का विज्ञान – वैदिक वास्तु शास्त्र – vaidik vaastushaastr- dishaon aur konon ka vigyaan – vedic vastu shastra

आज किसी भी भवन निर्माण में वास्तुशास्त्री की पहली भूमिका होती है, क्योंकि लोगों में अपने घर या कार्यालय को वास्तु के अनुसार बनाने की सोच बढ़ रही है! यही वजह है कि पिछले करीब एक दशक से वास्तुशास्त्री की मांग में तेजी से इजाफा हुआ है! वास्तु ऐसा विषय है, जिस पर पुरातन काल

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saral vaastu tips 1 - kya karen

सरल वास्तु टिप्स 1 – क्या करें, क्या न करें – वैदिक वास्तु शास्त्र – saral vaastu tips 1 – kya karen, kya na karen – vedic vastu shastra

भवन निर्माण या वास्तु दोषों से मुक्ति हेतु कुछ वैज्ञानिक प्रयासों को अंजाम देकर परिवार में सुख, शांति और व्यापारिक संस्थानों को श्रीसमृद्धि से युक्त बनाया जा सकता है! वास्तु टिप्स का लाभ उठा कर अपने बौद्धिक साहस का परिचय दीजिए! चमत्कारों का सूर्य आपको आभायुक्त बना देगा! भवन निर्माण में दरवाजे और खिड़कियां सम

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saral vaastu tips 2 - kya karen

सरल वास्तु टिप्स 2 – क्या करें, क्या न करें – वैदिक वास्तु शास्त्र – saral vaastu tips 2 – kya karen, kya na kare – vedic vastu shastra

भवन निर्माण या वास्तु दोषों से मुक्ति हेतु कुछ वैज्ञानिक प्रयासों को अंजाम देकर परिवार में सुख, शांति और व्यापारिक संस्थानों को श्रीसमृद्धि से युक्त बनाया जा सकता है! वास्तु टिप्स का लाभ उठा कर अपने बौद्धिक साहस का परिचय दीजिए! चमत्कारों का सूर्य आपको आभायुक्त बना देगा! धन-समृद्धि के लिए धन की पेटी (कैश

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saral vaastu tips 3 - kya karen

सरल वास्तु टिप्स 3 – क्या करें, क्या न करें – वैदिक वास्तु शास्त्र – saral vaastu tips 3 – kya karen, kya na kare – vedic vastu shastra

भवन निर्माण या वास्तु दोषों से मुक्ति हेतु कुछ वैज्ञानिक प्रयासों को अंजाम देकर परिवार में सुख, शांति और व्यापारिक संस्थानों को श्रीसमृद्धि से युक्त बनाया जा सकता है! वास्तु टिप्स का लाभ उठा कर अपने बौद्धिक साहस का परिचय दीजिए! चमत्कारों का सूर्य आपको आभायुक्त बना देगा! घर में कांटेदार पौधे, युद्ध के दृश्य,

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uttarmukhi bhookhand ke vastu doshon ka nivaran

उत्तरोन्मुखी भूखंड के वास्तु दोषों का निवारण – सम्पूर्ण वास्तु दोष – uttarmukhi bhookhand ke vastu doshon ka nivaran – sampurna vastu dosh nivaran

दोष : इस भूखंड पर बनाए गये घर उत्तरी भाग उन्नत होना। उपाय : इस दोष के निवारण हेतु दक्षिण भाग को ऊंचा करने के लिए टी.वी. का ऐन्टीना, झंडा या लोहे का रॉड उत्तरी भाग से ऊंचा लगा दें तथा साथ ही घर में भारी सामान दक्षिण दिशा में ही रखें। छत के ऊपर

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