वास्तु शास्त्र

vighnaharta hai vastu shastra

विघ्नहर्ता है वास्तुशास्त्र – वैदिक वास्तु शास्त्र – vighnaharta hai vastu shastra – vedic vastu shastra

जैसे आरोग्य शास्त्र के नियमों का विधिवत पालन करके मनुष्य सदैव स्वस्थ जीवन व्यतीत कर सकता है, उसी प्रकार वास्तुशास्त्र के सिद्धांतों के अनुसार भवन निर्माण करके प्रत्येक मनुष्य अपने जीवन को सुखी बना सकता है! चिकित्सा शास्त्र में जैसे डाक्टर असाध्य रोग पीडि़त रोगी को उचित औषधि में एवं आपरेशन द्वारा मरने से बचा […]

विघ्नहर्ता है वास्तुशास्त्र – वैदिक वास्तु शास्त्र – vighnaharta hai vastu shastra – vedic vastu shastra Read More »

vaidik kal ke devta

वैदिक काल के देवता – वैदिक वास्तु शास्त्र – vaidik kal ke devta – vedic vastu shastra

एकशीतिपद वास्तु में जो कि सर्वाधिक प्रचलन में है, 45 देवता विराजमान रहते हैं! मध्य में 13 व बाहर 32 देवता निवास करते हैं, ईशान कोण से क्रमानुसार नीचे के भाग में शिरवी, पर्जन्य, जयन्त, इन्द्र, सूर्य, सत्य भ्रंश व अंतरिक्ष तथा अग्निकोण में अनिल विराजमान हैं! नीचे के भाग में पूषा, वितथ, वृहत, क्षत,

वैदिक काल के देवता – वैदिक वास्तु शास्त्र – vaidik kal ke devta – vedic vastu shastra Read More »

vaidik kal darpan vaastu

वैदिक काल दर्पण वास्‍तु – वैदिक वास्तु शास्त्र – vaidik kal darpan vaastu – vedic vastu shastra

वातावरण में व्‍याप्‍त सकारात्‍म्‍क ऊर्जाओं का उपयोग एवं नकारात्‍मक ऊर्जाओं का प्रतिरोध ही वास्‍तु है! दर्पण के द्वारा भी इन ऊर्जाओं को प्राप्‍त किया जा सकता है! इस पुस्‍तक में दर्पणों के सकारात्‍मक एवं नकारात्‍मक उपयोगों का सचित्र वर्णन किया गया है सकारात्‍मक उपयोग जीवन में लाभकारी एवं नकारात्‍मक उपयोग हानिकारक सिद्ध हो सकते हैं!

वैदिक काल दर्पण वास्‍तु – वैदिक वास्तु शास्त्र – vaidik kal darpan vaastu – vedic vastu shastra Read More »

vaidik kaal vaastu shaastr

वैदिक काल वास्तु शास्त्र – वैदिक वास्तु शास्त्र – vaidik kaal vaastu shaastr – vedic vastu shastra

प्राचीन काल में ब्रह्मा नेविश्व की सृष्टि से पूर्व वासतु की सृष्टि की तथा लोकपालों की कल्पना की! ब्रह्मा ने जो मानसी सृष्टि की उसे मूर्त रूप देने हेतु विश्वकर्मा ने अपने चारों मानस पुत्र जय, विजय, सिद्धार्थ व अपराजित को आदेशित करते हुए कहा कि ‘मैंने देवताओं के भवन इत्यादि (यथा इन्द्र की अमरावती)

वैदिक काल वास्तु शास्त्र – वैदिक वास्तु शास्त्र – vaidik kaal vaastu shaastr – vedic vastu shastra Read More »

vaidik kal kya hai vastu purush?

वैदिक कालक्या है वास्तुपुरुष? – वैदिक वास्तु शास्त्र – vaidik kal kya hai vastu purush? – vedic vastu shastra

वास्तु पुरुष की कल्पना भूखंड में एक ऐसे औंधे मुंह पड़े पुरुष के रूप में की जाती है, जिससे उनका मुंह ईशान कोण व पैर नैऋत्य कोण की ओर होते हैं! उनकी भुजाएं व कंधे वायव्य कोण व अग्निकोण की ओर मुड़ी हुई रहती है! देवताओं से युद्ध के समय एक राक्षस को देवताओं ने

वैदिक कालक्या है वास्तुपुरुष? – वैदिक वास्तु शास्त्र – vaidik kal kya hai vastu purush? – vedic vastu shastra Read More »

vaastushaastr batae kaise pati-patnee mein pyaar badhaen

वास्तुशास्त्र बताए कैसे पति-पत्नी में प्यार बढ़ाएं – वैदिक वास्तु शास्त्र – vaastushaastr batae kaise pati-patnee mein pyaar badhaen – vedic vastu shastra

पति और पत्नी के बीच प्यार बना रहे इससे बढ़कर दांपत्य जीवन का और कोई सपना नहीं होता! आइए जानते हैं सरल वास्तु टिप्स जिन्हें अपना कर आपस में प्यार का धागा मजबूत किया जा सकता है- पति-पत्नी का कमरा दक्षिण-पश्चिम दिशा में हो! कमरा आयताकार हो तो दांपत्य जीवन में प्यार बना रहता है!

वास्तुशास्त्र बताए कैसे पति-पत्नी में प्यार बढ़ाएं – वैदिक वास्तु शास्त्र – vaastushaastr batae kaise pati-patnee mein pyaar badhaen – vedic vastu shastra Read More »

vaastushaastr mukhy saiddhaantik baaten

वास्तुशास्त्र मुख्य सैद्धांतिक बातें – वैदिक वास्तु शास्त्र – vaastushaastr mukhy saiddhaantik baaten – vedic vastu shastra

घर का मुख्य द्वार किसी अन्य के घर के मुख्य द्वार के ठीक सामने न बनाएं ! घर के आंगन में तुलसी का पौधा लगाएं और आंगन का कुछ भाग मिट्टी वाला भी रखें ! ईशान कोण किसी भी मकान का मुख कहलाता है ! अतः इस कोण को सदैव पवित्र रखना चाहिए ! रसोई

वास्तुशास्त्र मुख्य सैद्धांतिक बातें – वैदिक वास्तु शास्त्र – vaastushaastr mukhy saiddhaantik baaten – vedic vastu shastra Read More »

vastudosh bhi door karta hai bhagavaan shree ganesh

वास्तुदोष भी दूर करते हैं भगवान श्री गणेश – वैदिक वास्तु शास्त्र – vastudosh bhi door karta hai bhagavaan shree ganesh – vedic vastu shastra

बिना तोड़-फोड़ वास्तुदोष दूर करना है तो पूजें श्री गणेश को वक्रतुंड महाकाय कोटिसूर्यसमप्रभ! नि‍र्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा!! कई वास्तुदोषों का निवारण भगवान गणपति जी की पूजा से होता है! वास्तु पुरुष की प्रार्थना पर ब्रह्माजी ने वास्तुशास्त्र के नियमों की रचना की थी! यह मानव कल्याण के लिए बनाया गया था इसलिए

वास्तुदोष भी दूर करते हैं भगवान श्री गणेश – वैदिक वास्तु शास्त्र – vastudosh bhi door karta hai bhagavaan shree ganesh – vedic vastu shastra Read More »

vaas‍tushaas‍tr aur ghar ka inteeri‍yar

वास्‍तुशास्‍त्र और घर का इंटीरि‍यर – वैदिक वास्तु शास्त्र – vaas‍tushaas‍tr aur ghar ka inteeri‍yar – vedic vastu shastra

मकान की सजावट हमेशा वास्तु के हिसाब से करनी चाहिए! ऐसा करने वाला व्यक्ति या गृह स्वामी सदैव प्रसन्न, सुखी व निरोगी रहता है! यहाँ कुछ महत्वपूर्ण टिप्स दिए जा रहे हैं, जिन्हें ध्यान में रखकर आप अपने घर की सजावट कर सकते हैं – 1. मकान के ड्राइंग रूम में फर्नीचर जैसे सोफा, टेबल,

वास्‍तुशास्‍त्र और घर का इंटीरि‍यर – वैदिक वास्तु शास्त्र – vaas‍tushaas‍tr aur ghar ka inteeri‍yar – vedic vastu shastra Read More »

vastu shastra kee vyaakhya

वास्तुशास्त्र की ब्याख्या – वैदिक वास्तु शास्त्र – vastu shastra kee vyaakhya – vedic vastu shastra

वास्तुशास्त्र भवन निर्माण की एक अदभुत कला है जिसमें सभी दोषों को दूर करके भवन निर्माण की सभी खूबियों का ध्यान रखते हुए निर्माण किया जाता है जिसमें रहने वाले के लिए सभी सुखों का अनुभव हो एवं आनंद की प्राप्ति होती हो तथा सम्पूर्ण विकास की प्राप्ति हो ऐसी कला को वास्तु शास्त्र कहते

वास्तुशास्त्र की ब्याख्या – वैदिक वास्तु शास्त्र – vastu shastra kee vyaakhya – vedic vastu shastra Read More »

Scroll to Top