rasoi ghar - vastu dosh nivaran

रसोई घर – वास्तु दोष निवारण – वास्तु दोष निवारण – rasoi ghar – vastu dosh nivaran – vastu dosh nivaran

वास्तु दोष निवारण रसोई घर
रसोई बनवाते समय हमेशा इस बात का ख्याल रखें कि उसका दरवाजा कभी भी दक्षिण दिशा में न हो। अगर रसोई का दरवाजा किसी कारण दक्षिण की तरफ है तो तब आप वास्तु दोष को दूर करने के लिए रसोई के मुख्य द्वार में माँ लक्ष्मी जी की प्रतिमा को लगा सकते है। इससे वास्तु दोष का निवारण होता है। रसोई के वास्तु दोष को दूर करने के लिए एक बहुत ही सरल और आसान उपाय है कि आप अपने रसोई के अग्निकोण यानी दक्षिण पूर्व दिशा में एक लाल रंग का Bulb लगाएं जब भी आप खाना बनाने जाएं तो इस बल्ब को जलाकर रखें। इससे आपके रसोई के वास्तु दोष दूर होगे और नकरात्मक उर्जा का वासा नहीं होगा। अनाज रखने के लिए रसोई के दक्षिण और पश्चिमी क्षेत्रों का उपयोग करें। इन दिशाओं में जितना भी अधिक रसोई का सामान रखें, ताकि यह दिशा हमेशा भरी रहे। कभी भी रसोई का चूल्हा घर के मुख्य द्वार से नहीं दिखाई देना चाहिए। अगर आपकी रसोई मुख्य द्वार के ठीक सामने है तो वास्तु दोष से बचने के लिए आप उनके बीच में एक मोटा-सा पर्दा लगा सकते है। जिससे लोगों की नज़र डायरेक्ट आपके रसोई घर में ना जा सके. वास्तु शास्त्र के अनुसार अगर आपकी रसोई आग्नेय कोण दक्षिण दिशा में नहीं बनी हुई है तो रसोई के वास्तु दोष को दूर करने के लिए आप अपने रसोई में कुछ इस तरह के चित्र लगाएं जिनमें ऋषि-मुनि हवन यज्ञ कर रहे हो। ऐसा करने से आपकी रसोई का वास्तु दोष खत्म हो जाएगा और आपके परिवार में यदि कोई आर्थिक तंगी चल रही है तो वो भी खत्म होकर धनगमन शुरू होने लगेगा। भोजन बनाते समय पहली रोटी अग्निदेव अर्पित करें या गाय खिलाएं, धनागम के स्रोत बढ़ेंगे। भोजन यथासंभव आग्नेय दिशा यानी पूर्व दक्षिण के कोने में पूर्व की ओर मुंह करके बनाना तथा पूर्व की ओर ही मुंह करके खाना भी चाहिए। रसोईघर का स्थान घर के दक्षिण-पूर्व (अग्नि) में होना चाहिए। यदि यह व्यावहारिक नहीं हो, तो आप इसे पूर्व क्षेत्र में भी रख सकते हैं। रसोई घर के लिए सबसे उचित रंग ऑरेंज, पीला, रेड, डार्क ब्राउन और चॉकलेट आदि माना जाता है। रेफ्रिजरेटर के लिए अनुकूल दिशा अग्नि, दक्षिण, पश्चिम या उत्तर हैं। इशान मे रेफ्रिजरेटर को ना रखे क्योंकि इससे नकरात्मक ऊर्जा का वास होता है। शौचालय और बेडरूम के ऊपर या नीचे रसोई के स्थान ना बनवाए। खाना बनाते समय पूर्व की ओर देखते हुए खाना पकाएं। रसोई घर में रखे चूल्हे और सिंक में हमेशा दूरी होनी चाहिए। रसोई घर के चुहले को दीवार से कुछ इंच दूर ही रखें। रसोई घर में बने हुए सिंक को ईशान कोण (उत्तर दिशा) में बनवाना उत्तम माना जाता हैं। रसोई घर में पीने के पानी को ईशान कोण (उत्तर दिशा) में ही रखा चाहिए। ”

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