घरेलू उपचार

lingodrek

लिंगोद्रेक – घरेलू उपचार – lingodrek – gharelu upchar

परिचय : बिना कारण अथवा बिना इच्छा के लिंग की उत्तेजना बढ़ने को लिंगोद्रेक कहते हैं। यह जन्मजात दोष और मूत्रमार्ग संक्रमण के कारण होता है। विभिन्न औषधियों से उपचार: कपूर लगभग 1 ग्राम का चौथा भाग कपूर रोजाना सुबह-शाम सेवन करने से लिंग की उत्तेजना कम हो जाती है। बर्फ अगर किसी का लिंग […]

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ling ki ulti chamadi

लिंग की उल्टी चमड़ी – घरेलू उपचार – ling ki ulti chamadi – gharelu upchar

परिचय : लिंग मुण्ड (सुपारी) को ढकने वाली चर्म जब पीछे की ओर खिंची होती है और सुपारी को ढक नहीं पाती तो उसे लिंग की उल्टी चमड़ी का रोग कहा जाता है। कारण : लिंग मुण्ड (सुपारी) की त्वचा इसलिए उल्टी हो जाती है क्योंकि जब लिंग की मुन्ड अधिक देर तक खुली रह

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andkosh ki jalan

अण्डकोष की जलन – घरेलू उपचार – andkosh ki jalan – gharelu upchar

परिचय : इस रोग में अण्डग्रंथि या इनकी आवरण झिल्ली में प्रदाह या जलन उत्पन्न होने से जो सूजन होती है। उससे अण्डकोष के आकार में काफी वृद्धि हो जाती है। इसी को अण्डकोष की जलन कहते है। इसमें पानी जमने की शिकायत नहीं होती है। केवल जलन उत्पन्न सूजन होती है। भोजन तथा परहेज

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andkosh ki ek sire ka badna

अण्डकोष के एक सिरे का बढ़ना – घरेलू उपचार – andkosh ki ek sire ka badna – gharelu upchar

परिचय : जब अण्डकोष में पानी जमा होने लगता है तो अण्डकोष धीरे-धीरे आकार में भी बढ़ने लगता है। ऊपर का चमड़ा भी कड़ा हो जाता है। कभी-कभी एक तरफ का मांस भी बढ़ जाता है। यह अण्डकोष के एक सिरे का बढ़ना कहलाता है। इस रोग के शुरूआत में ध्यान न देने से यह

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andkosh ka badhana

अण्डकोष का बढ़ना – घरेलू उपचार – andkosh ka badhana – gharelu upchar

परिचय : यह रोग अण्डों में किसी पर आघात के पहुंचने के कारण उत्पन्न होते हैं जैसे रस और खून आदि की वृद्धि होने से अण्डकोष वृद्धि हो जाती है। इसी को अण्डवृद्धि कहते है। यह रोग ज्यादा बढ़ने पर परेशानी उत्पन्न करता है। कुपित हुए दोष जब अण्डकोष वाहिनी धमनी में प्राप्त होकर, उन

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bachchon ke yakrit dosh

बच्चों के यकृत दोष – घरेलू उपचार – bachchon ke yakrit dosh – gharelu upchar

परिचय : बच्चों के खाने-पीने पर ध्यान नहीं देने से यकृत (जिगर) में खराबी आने से प्रदाह (जलन), शोथ (सूजन) आदि आ जाते हैं। बच्चों के यकृत दोष का उपचार: अजवायन: अजवायन को पानी में पीसकर कालानमक डालकर रखें। एक चम्मच बच्चों को देने से यकृत (लीवर) के अनेक रोग सही हो जाते हैं। शराब

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sookha rog

सूखा रोग – घरेलू उपचार – sookha rog – gharelu upchar

कारण : सूखा रोग (रिकेट्स) ज्यादातर उन बच्चों में होता है, जिनके शरीर में विटामिन `डी´ और कैल्शियम की कमी होती है। यदि पाचन-क्रिया (भोजन हजम करने की क्रिया) खराब होती है, तो बच्चों को दूध और अन्य ठोस पदार्थ आसानी से नहीं पच पाते हैं। ऐसी हालत में बच्चे का शरीर बिल्कुल सूख जाता

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balatisara on raktatisara

बालातिसार एवं रक्तातिसार – घरेलू उपचार – balatisara on raktatisara – gharelu upchar

रक्तातिसार लक्षण : रक्तातिसार (खूनी दस्त) रोग में बच्चे को पीला, नीला मल (टट्टी) या उसके साथ खून आता है। इससे शरीर में पानी की कमी हो जाती है। दूसरे लक्षण हैं- पिपासा (बार-बार प्यास लगना), जलन की अनुभूति (शरीर में जलन होना), मूर्च्छा (बेहोशी) और गुदापाक। बालातिसार लक्षण : बच्चों का मल गुलाबी, पीला,

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bistar par peshab karna

बिस्तर पर पेशाब करना – घरेलू उपचार – bistar par peshab karna – gharelu upchar

कारण : बच्चे दिन भर हर समय कुछ न कुछ खाते रहते हैं। बार-बार कुछ खाने से बच्चों की पाचन क्रिया खराब हो जाती है। कुछ बच्चे ज्यादा ठंडे पदार्थ खाते हैं तो कुछ बच्चे ज्यादा गरिष्ठ (भारी) खाने वाले पदार्थो का सेवन करते हैं। गरिष्ठ (भारी) भोजन बहुत देर में पचता है। गरिष्ठ (भारी)

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ahiputana

अहिपूतना – घरेलू उपचार – ahiputana – gharelu upchar

परिचय : यह रोग बच्चों में गंदगी के कारण उत्पन होता है जिसे अहिपूतना कहते हैं। इस प्रकार के रोग में बच्चों को स्वच्छ-साफ रखना अति आवश्यक होता है। इस रोग में बच्चों के तौलिया या नैपकीन गीला या गन्दा होने पर बदलते रहें। लक्षण : इस रोग में शिशुओं (बच्चे) की गुदा के आस-पास

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