वास्तु शास्त्र

uttar disha ke dosh

उत्तर दिशा के दोष – वास्तु और स्वास्थ्य – uttar disha ke dosh – vastu aur swasthya

(१)- यदि उत्तर दिशा ऊँची हो और उसमें चबूतरे बने हो तो घर में गुर्दों का रोग, पीलिया, कान के रोग, रक्त सम्बन्धी बीमारियाँ, थकावट, घुटने की बिमारियां परिवार के पुरुष व् महिला सदस्यों को लगने की पूरी पूरी संभावना रहती हैं. तथा परिवार में रहने वाले बुजुर्ग सदस्यों का स्वभाव भी चिढ़चिढ़ा बनता हैं. […]

उत्तर दिशा के दोष – वास्तु और स्वास्थ्य – uttar disha ke dosh – vastu aur swasthya Read More »

yagya ka rahasya.

यज्ञ का रहस्य। – वास्तु और स्वास्थ्य – yagya ka rahasya. – vastu aur swasthya

वेदानुसार यज्ञ पाँच प्रकार के होते हैं-(1) ब्रह्मयज्ञ (2) देवयज्ञ (3) पितृयज्ञ (4) वैश्वदेव यज्ञ (5) अतिथि यज्ञ। यज्ञ का अर्थ है- शुभ कर्म। श्रेष्ठ कर्म। सतकर्म। वेदसम्मत कर्म। सकारात्मक भाव से ईश्वर-प्रकृति तत्वों से किए गए आह्वापन से जीवन की प्रत्येक इच्छा पूरी होती है। (1) ब्रह्मयज्ञ : जड़ और प्राणी जगत से बढ़कर

यज्ञ का रहस्य। – वास्तु और स्वास्थ्य – yagya ka rahasya. – vastu aur swasthya Read More »

vaastu bhi kehta hai mahak-mahak jain aap

वास्तु भी कहता है महक-महक जाएं आप – वास्तु के अनुसार सज्जा – vaastu bhi kehta hai mahak-mahak jain aap – vastu ke anusaar sajja

मानव समाज आदिकाल से ही अपने आसपास के वातावरण को खुशनुमा बनाने के लिए विभिन्न प्रकार की खुशबुओं का इस्तेमाल करता रहा है। वास्तुशास्त्र में भी इनके इस्तेमाल का विशेष महत्व बताया गया है। इस मामले में प्रकृति ने भी हमारी खूब मदद की है और हमें विभिन्न प्रकार के सुगंधित पेड़-पौधे, जड़ी-बूटियां, फल-फूल उपहार

वास्तु भी कहता है महक-महक जाएं आप – वास्तु के अनुसार सज्जा – vaastu bhi kehta hai mahak-mahak jain aap – vastu ke anusaar sajja Read More »

karobar aur dhan sambandhi dikkat door karatee hai oont kee moorti

कैरियर और धन संबंधी दिक्कतें दूर करती है ऊंट की मूर्ति – वास्तु के अनुसार सज्जा – karobar aur dhan sambandhi dikkat door karatee hai oont kee moorti – vastu ke anusaar sajja

अगर आपको कैरियर में बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। लगातार प्रयास करने के बाद भी सफलता आपसे कोसों दूर है तो सफलता तक पहुंचने के लिए आप ऊंट का सहारा ले सकते हैं। चीनी वास्तु विज्ञान फेंगशुई के अनुसार ऊंट नौकरी, व्यावसायिक एवं आर्थिक बाधाओं को दूर करने में सहायक होता है। फेंगशुई

कैरियर और धन संबंधी दिक्कतें दूर करती है ऊंट की मूर्ति – वास्तु के अनुसार सज्जा – karobar aur dhan sambandhi dikkat door karatee hai oont kee moorti – vastu ke anusaar sajja Read More »

vaastu : aise sajaen ghar ki khushiyaan svaagat karen

वास्तु : ऐसे सजाएं घर कि खुशियां स्वागत करें – वास्तु के अनुसार सज्जा – vaastu : aise sajaen ghar ki khushiyaan svaagat karen – vastu ke anusaar sajja

घर का वास्तु उत्तम हो तो आपको कोई भी चीज परेशान नहीं कर सकती। इन आसान से वास्तु टिप्स को आजमाकर आप अपनी जिंदगी को और भी ज्यादा बेहतर तरीके से जी सकते हैं। घर की सजावट ऐसे करें कि खुशियां भी आपका स्वागत मुस्कुरा कर करें। 1. घर के मुख्य द्वार की सजावट करें।

वास्तु : ऐसे सजाएं घर कि खुशियां स्वागत करें – वास्तु के अनुसार सज्जा – vaastu : aise sajaen ghar ki khushiyaan svaagat karen – vastu ke anusaar sajja Read More »

soory jeevan pradaata hai.

सूर्य जीवन प्रदाता है। – वास्तु और स्वास्थ्य – soory jeevan pradaata hai. – vastu aur swasthya

पृथ्वी के प्र्राणियों के लिए सूर्य का बहुत ज्यादा महत्व है।समस्त धरा पर निवास कर रहे प्राणि जगत हेतु सूर्य जीवन प्रदाता है।सूर्य वह पिंड या ग्रह है जिससे हमें ऊर्जा प्राप्त होती है। सूर्य से प्राप्त ऊर्जा ही है जो इस संसार को चलायमान बनाए हुए है।सूर्य को भगवान विष्णु के बाद इस प्राणि

सूर्य जीवन प्रदाता है। – वास्तु और स्वास्थ्य – soory jeevan pradaata hai. – vastu aur swasthya Read More »

sar dard athava migraine

सर दर्द अथवा माइग्रेन – वास्तु और स्वास्थ्य – sar dard athava migraine – vastu aur swasthya

सर दर्द अथवा माइग्रेन जैसे रोग को दूर करने के लिये बेड के उत्तर पश्चिम कोने में सफेद माल जिसका किनारा भूरे रंग का हो, दबा कर रखने से समस्या का हल हो जाता है. इसके अलावे बेड कवर सफेद अथवा हल्के रंग का प्रयोग में लायें. मधुमेह की बढ़ती समस्या को नियंत्रित करने लिये

सर दर्द अथवा माइग्रेन – वास्तु और स्वास्थ्य – sar dard athava migraine – vastu aur swasthya Read More »

dakshin disha ke dosh

दक्षिण दिशा के दोष – वास्तु और स्वास्थ्य – dakshin disha ke dosh – vastu aur swasthya

दक्षिण दिशा का प्रतिनिधि ग्रह मंगल हैं.मंगल ग्रह कालपुरुष की कुण्डली अनुसार बायां सीना, बायां फेफढ़ा और गुर्दा होता हैं. जन्म कुण्डली अनुसार मंगल ग्रह दशम भाव का कारक भी माना गया हैं. वास्तु के नियमों के अनुसार मंगल ग्रह का शुभ-अशुभ फल दक्षिण दिशा को देता हैं. दक्षिण दिशा में अत्यंत सावधानी रखने की

दक्षिण दिशा के दोष – वास्तु और स्वास्थ्य – dakshin disha ke dosh – vastu aur swasthya Read More »

paschim disha ke dosh

पश्चिम दिशा के दोष – वास्तु और स्वास्थ्य – paschim disha ke dosh – vastu aur swasthya

वास्तु शास्त्र के नियम बहुत ही सूक्ष्म अध्ययन और अनुभव के आधार पर बने हैं.इसमे पंच मूलभूत तत्त्वो का भी समावेश किया गया हैं. ये पंच मूलभूत तत्त्व हैं – आकाश, पृथ्वी, जल, वायु और अग्नि, वास्तु मात्र भवन निर्माण नहीं, अपितु वो सम्पूर्ण देश, नगर, उपनगर,निर्माण योजना से लेकर छोटे छोटे भवन और उसमे

पश्चिम दिशा के दोष – वास्तु और स्वास्थ्य – paschim disha ke dosh – vastu aur swasthya Read More »

poorv disha mein dosh

पूर्व दिशा में दोष – वास्तु और स्वास्थ्य – poorv disha mein dosh – vastu aur swasthya

* यदि भवन में पूर्व दिशा का स्थान ऊँचा हो, तो व्यक्ति का सारा जीवन आर्थिक अभावों, परेशानियों में ही व्यतीत होता रहेगा और उसकी सन्तान अस्वस्थ, कमजोर स्मरणशक्ति वाली, पढाई-लिखाई में जी चुराने तथा पेट और यकृत के रोगों से पीडित रहेगी. * यदि पूर्व दिशा में रिक्त स्थान न हो और बरामदे की

पूर्व दिशा में दोष – वास्तु और स्वास्थ्य – poorv disha mein dosh – vastu aur swasthya Read More »

Scroll to Top