saral aur upyogi vastu tips!!!

सरल और उपयोगी वास्तु टिप्स!!! – वास्तुशास्त्र – saral aur upyogi vastu tips!!! – vastu shastra

ईशान कोण यानी भवन के उत्तर-पूर्वी हिस्से वाला कॉर्नर पूजास्थल होकर पवित्रता का प्रतीक है इसलिए यहां झाड़ू-पोंछा, कूड़ादान नहीं रखना चाहिए।
प्रात:काल नाश्ते से पूर्व घर में झाड़ू अवश्य लगानी चाहिए।
संध्या समय जब दोनों समय मिलते हैं, घर में झाड़ू-पोंछे का काम नहीं करना चाहिए।
घर में जूतों का स्थान प्रवेश द्वार के दाहिने तरफ न रखें।
घर में टूटे दर्पण, टूटी टांग का पाटा तथा किसी बंद मशीन का रखा होना सुख-समृद्धि की दृष्टि से अशुभकारक है।
घर के अग्रभाग के दाएं ओर कमरे में जेवर, गहने, सोने-चांदी का सामान, लक्जरी आर्टिकल्स रखने से खुशियां प्राप्त होती हैं।
ड्राइंग-हॉल को अपने बेडरूम की तरह उपयोग में लेने पर पति, पत्नी को प्यार करता है और दोस्तों से अच्छे संबंध रखता है।
अनाज वाले कमरे में गहने, पैसे, कपड़े रखने वाला गृहस्वामी पैसा उधार देने का काम करता है या भौतिक सुख-सुविधा की चीजें या बड़े सौदों से अर्जन करता है।
घर के मुख्य द्वार पर शुभ चिह्न अंकित करना चाहिए। इससे सुख-समृद्धि बनी रहती है।
घर में पूजास्थल में एक जटा वाला नारियल रखना चाहिए।
घर में सजावट में हाथी, ऊंट को सजावटी खिलौने के रूप में उपयोग शुभ होता है।
ऐसे शयनकक्ष जिनमें दंपति सोते हैं, वहां हंसों के जोड़े अथवा सारस के जोड़े के चित्र लगाना अति शुभ माना गया है। ये चित्र शयनकर्ताओं के सामने रहें, इस तरह लगाना चाहिए।
घर के ईशान कोण पर कूड़ा-करकट भी इकट्ठा न होने दें।
घर में देवस्थल पर अस्त्र-शस्त्रों को रखना अशुभ है।
घर में तलघर में परिवार के किसी भी सदस्यों के फोटो न लगाएं तथा वहां भगवान और देवी-देवताओं की तस्वीरें या मूर्तियां भी न रखें।
तीन व्यक्तियों का एक सीध में एकाकी फोटो हो, तो उसे घर में नहीं रखें और न ही ऐसे फोटो को कभी भी दीवार पर टांगें।

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