kahan ho tahkhana aur parking

कहाँ हो तहखाना और पार्किंग – वैदिक वास्तु शास्त्र – kahan ho tahkhana aur parking – vedic vastu shastra

तहखाना : आजकल शहरों में स्थानाभाव के कारण लोग मकान में अंडर ग्राउण्ड तहखाने का निर्माण कर रहे हैं! तलधर अथवा तहखाना कहाँ होना चाहिए! यह ध्यान रखना बहुत जरूरी है!
वास्तु शास्त्र के अनुसार तलधर का निर्माण भूमि के पूर्व में या उत्तर दिशा में करें, तो शुभ है! लेकिन यह भी सुनिश्चित करें कि तलधर आवासीय कदापि न हो अर्थात्‌ उसमें आप तथा आपका परिवार निवास नहीं करता हो! अन्यथा आप हमेशा कष्ट में रहेंगे!
तहखाने का निर्माण इस प्रकार करें कि उसके चारों ओर बराबर खाली भूमि छोड़ें! मध्य भाग में निर्माण कार्य करवाएँ! यदि तहखाने का आकार विशाल वस्तु आकार का हो अथवा चूल्हे के आकार का हुआ, तो यकीन मानें आपके तथा आपके परिवार के लिए कतई शुभ नहीं है! भवन का विनाश निश्चित है!
पार्किंग : भवन में पार्किंग वास्तु के अनुसार दक्षिण-पूर्व या उत्तर-पश्चिम दिशा में ही बनवाएँ!
पशुशाला : यदि आप अपने मकान का निर्माण वृहद उद्देश्यों की प्राप्ति को ध्यान में रखकर करने जा रहे हैं, तो पशुशाला का निर्माण मकान में उत्तर-पश्चिम दिशा अर्थात्‌ वायव्य कोण में निर्धारित कर लें! वास्तु शास्त्र के अनुसार यह अत्यंत शुभ होता है!

गायों-दुधारु पशुओं का स्थान वायव्य कोण में ही निर्धारित किया गया है!

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