घर के मुखिया का कमरा नेश्रत्य कोण में होने से, मुखिया अधिकार संपन्न रहता है |
अन्य कमरे घर के उत्तर या पूर्व में या वायव्य कोण में होने चाईए |
ईशान कोण में कमरा बनाने से बचना चाईए |
बेड या बिस्तर के सामने आईना नहीं रखना चाईए, आईना टुटा हुआ नहीं होना चाईए |
बेड या बिस्तर इस प्रकार रखना चाईए की सोते समय सिर दक्षिण और पैर उत्तर की तरफ या सिर पूर्व में और पैर पश्चिम में रहे |
अलमारी या वार्डरोब नेश्रत्य कोण में रखनी चाईए या दक्षिण में रखनी चाईए, और अलमारी का मुख उत्तराभिमुख (कुबेर की दिशा) रखना चाईए |
कमरे में भगवान या देवता की तस्वीर या मूर्ति नहीं रखनी चाईए, और न ही पूजा घर बनाना चाईए | कृष्ण और राधा की संयुक्त तस्वीर (प्रेम प्रतीक) रखी जा सकती है |
चूँकि मुखिया का कमरा नेश्रत्य कोण में हो, वास्तु अनुसार नेश्रत्य कोण को भारी रखना चाईए, इस हेतु कमरे के नेश्रत्य कोण में भारी अलमारी रखी जा सकती है |
बिस्तर या अलमारी के ऊपर लोहे की बीम नहीं आनी चाईए | वैकल्पिक तौर पर बीम के दोनों बाजु में गणेशजी (अमृत दृष्टि हेतु) के स्टीकर या तस्वीर लगनी चाईए जिसका मुख फर्श की तरफ हो |
कमरे/रूम वास्तु – Accommodation Vaastu – kamare/room vaastu – achchommodation vaastu – वैदिक वास्तु शास्त्र – vedic vastu shastra