danton mein dard (toothache)

दांतों में दर्द (Toothache) – पुरुष रोग का प्राकृतिक चिकित्सा – danton mein dard (toothache) – purush rog ka prakritik chikitsa

दांतों में दर्द (Toothache)
जानकारी:-
जब व्यक्ति के दांत में दर्द होता है तो यह दर्द काफी असहनीय होता है, कभी-कभी तो दांत में दर्द होने के कारण मसूढ़ों में सूजन भी हो जाती है। दांतों में दर्द होने के कारण कभी-कभी सिर में दर्द भी होने लगता है। आंखों की रोशनी भी कम हो जाती है। दांत के दर्द का समय पर इलाज न किया जाए तो दांत निकलवाना भी पड़ सकता है।
दांत में दर्द होने के कारण-

खाना खाने के बाद दांतों की ठीक तरह से सफाई न करने के कारण भी दांत में दर्द हो सकता है क्योंकि बाद में ये खाद्य पदार्थ सड़कर दांतों में रोग पैदा करते हैं जिसके कारण से दांतों में कई प्रकार के रोग हो जाते हैं।
दांत में खोखलेपन तथा सुराख होने के कारण भी दांतों में दर्द हो सकता है।
मसूढ़ों के कमजोर होने के कारण भी दांत में दर्द हो सकता है।
पान, सुपारी, तम्बाकू, धूम्रपान, गुटके आदि खाने से दांतों में कई प्रकार के रोग हो जाते हैं और दांतों में दर्द हो जाता है।
कब्ज तथा शरीर में पनपने वाले अन्य रोगों का प्रभाव भी दांतों पर पड़ता है जिसके कारण दांतों में कई प्रकार के रोग हो जाते हैं और दांतों में दर्द होने लग जाता है।
शरीर में विटामिन `सी´, `डी´ तथा कैल्शियम की कमी हो जाने के कारण मसूढ़े तथा दांत कमजोर हो जाते हैं जिसके कारण दांतों में दर्द होता है।
अधिक गर्म या अधिक ठंडे भोजन का सेवन करने के कारण भी दांतों में दर्द हो सकता है।
खाने को चबा-चबाकर न खाने के कारण तथा अधिक मुलायम चीजों का सेवन करने के कारण दांतों का ठीक तरह से व्यायाम नहीं हो पाता है जिसके कारण दांतों में दर्द हो सकता है।
चीनी, चीनी से बने पदार्थ, मिठाइयां, टॉफी तथा चॉकलेट का अधिक सेवन करने से दांतों में कई प्रकार के रोग हो जाते हैं जैसे- मसूढ़ों का सूजना, दांत का सड़ना तथा दांतों का कमजोर हो जाना आदि।

दांत दर्द का प्राकृतिक चिकित्सा से उपचार:-

दांत दर्द होने पर सबसे पहले दांत में दर्द होने के कारणों को दूर करना चाहिए। इसके बाद प्राकृतिक चिकित्सा से इसका उपचार करना चाहिए।
दांत दर्द का इलाज करने के लिए रोगी व्यक्ति को आंवला, नींबू, संतरा, मौसमी तथा गाजर का रस अधिक मात्रा में पीना चाहिए।
नारियल पानी, सफेद पेठा का रस पीना भी दांत में दर्द के रोग में काफी फायदेमंद होता है।
पालक तथा गाजर का रस का अधिक मात्रा में सेवन करने से पायरिया रोग ठीक हो जाता है और रोगी के दांतों का दर्द भी ठीक हो जाता है।
दांत दर्द से पीड़ित रोगी को विटामिन `सी´, `डी´ तथा कैल्शियम की मात्रा वाले खाद्य-पदार्थों का भोजन में अधिक सेवन करना चाहिए।
दांत दर्द से पीड़ित रोगी को कभी भी चीनी से बने पदार्थों तथा चीनी और डिब्बा बंद खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए।
दांत दर्द से पीड़ित रोगी को प्रतिदिन गर्म पानी में नमक डालकर कुल्ला करना चाहिए इससे दांत दर्द में बहुत अधिक लाभ मिलता है।
दांत दर्द से पीड़ित रोगी को नीम के पत्तों को उबालकर उस पानी से कुल्ला करना चाहिए इससे रोगी को बहुत अधिक लाभ मिलता है।
उंगुली पर नींबू या आंवला का रस लगाकर मसूढ़ों पर रगड़ने से दांत का दर्द ठीक हो जाता है।
लोंग के तेल को रूई के फाये पर लगाकर दांत के पास रखने से दांत दर्द ठीक हो जाता है।
सरसों के तेल में नमक और हल्दी मिलाकर उंगुली से रोजाना मसूढ़ों तथा दांतों को रगड़कर साफ करने से कुछ ही दिनों में दांत दर्द ठीक हो जाता है।
पायरिया के रोगी को प्रतिदिन सुबह, दोपहर तथा शाम लगभग नीम के 8-10 पत्ते चबाने से लाभ होता है।
बादाम के छिलके तथा फिटकरी को भूनकर फिर पीसकर एकसाथ मिलाकर एक शीशी की बोतल में भर दीजिए। इस मंजन से दांतों पर रोजाना मलने से पायरिया रोग जल्दी ही ठीक हो जाता है और दांतों का दर्द भी ठीक हो जाता है।
इस रोग से पीड़ित रोगी को घास चबानी चाहिए जिसके फलस्वरूप दांत के बहुत से रोग ठीक हो जाते हैं और इससे दांतों से निकलने वाला रक्त भी बंद हो जाता है और दांत दर्द ठीक हो जाता है।
प्रतिदिन होठों के आसपास व ठोड़ी पर मिट्टी की पट्टी लगाने से पायरिया रोग तथा दांतों के कई प्रकार के रोग ठीक हो जाते हैं और दांत में दर्द होना बंद हो जाता है।
दांतों के कई प्रकार के रोगों को ठीक करने के लिए दांतों पर स्थानीय चिकित्सा करने के साथ-साथ पूरे शरीर की प्राकृतिक साधनों द्वारा चिकित्सा करनी चाहिए जो इस प्रकार हैं- उपवास, एनिमा, मिट्टी पट्टी, कटिस्नान, गला लपेट, धूपस्नान तथा जलनेति आदि।
शीतकारी शीतला प्राणायाम करने से भी दांत दर्द से पीड़ित रोगी को बहुत अधिक लाभ मिलता है।
मुद्रा, सर्वांगासन, मत्सयासन तथा पश्चिमोत्तानासन करने से भी दांत दर्द जल्दी ठीक हो जाता है।
अमरूद के पत्तों को उबालकर उस पानी से कुल्ला करने से दांत दर्द जल्दी ही ठीक हो जाता है।
मुंह में लौंग रखकर चूसनें से भी दांत दर्द जल्दी ही ठीक हो जाता है।
दांत दर्द होने पर हल्दी के चूर्ण को दांतों पर मलने से दांत दर्द बंद हो जाता है।
तुलसी के रस में कपूर को मिलाकर, फिर इस मिश्रण के रस को रूई के फाये में लगाकर इसकों जिस दांत में दर्द हो उसके नीचे दबा लें । इससे दांत दर्द कुछ ही समय में दूर हो जायेगा।
रूई के फाये को शहद में भिगोंकर दांत के नीचे दबाने से कुछ ही समय में दांत दर्द ठीक हो जाता है।
जिस समय दांत में दर्द हो रहा हो उस दांत के पास कपूर रखकर चबाने से दांत दर्द ठीक हो जाता है।
फिटकरी के पानी से कुल्ला करने से दांत दर्द ठीक हो जाता है।
यदि दांत खट्टे हो जाये तो तिल चबाने से बहुत आराम मिलता है।
5 लौंग को पानी में उबालकर उस पानी से कुल्ला करने से दांत दर्द ठीक हो जाता है।
दांत दर्द होने पर अपने पेशाब से कुल्ला करने से दांत दर्द ठीक हो जाता है।
जिस दांत में दर्द हो रहा हो उस ओर के गाल पर सिंकाई और ठंडे कपड़े की लपेट करने से दांत दर्द ठीक हो जाता है।
उपवास रखने से अन्य दूसरी तरह के संक्रमणों से बचने में मदद मिलती है और दांत दर्द ठीक हो जाता है।
मुंह के जिस भाग में सूजन हो उस भाग पर गर्म पानी से सिंकाई करने से सूजन कम हो जाती है और दांत में दर्द कम हो जाता है।
कम से कम 5 घंटे तक मेंहदी की कुछ पत्तियां पानी में भिगों दें। इस पानी से दिन में 3-4 बार गरारे करने से दांत दर्द ठीक हो जाता है।
अजवाइन का पाउडर तथा एक चुटकी नमक पानी में डालकर इस पानी को उबाल लें। इस पानी को गुनगुना करके इससे कुल्ला करने से दांतों का दर्द ठीक हो जाता है।
एक चुटकी कपूर, एक चम्मच आंवले के रस में मिलाएं तथा उसे दांतों और मसूढ़ों पर लगाएं। इससे दांतों में दर्द तथा मसूढ़ों की सूजन ठीक हो जाती है।
दांतों के दर्द तथा मसूढ़ों की सूजन को ठीक करने के लिए 10 ग्राम लौंग को पीस लें और फिर इसमें नींबू का रस मिलाकर इससे मालिश करें।
जब दांतों में दर्द हो रहा हो तो सबसे पहले रोगी को अपने सिर को धोकर उसके बाद सिर पर गमछा रख लेना चाहिए। फिर दो मिनट के लिए गर्म जल से कुल्ला करना चाहिए। इस क्रिया को कम से कम दिन में तीन बार करने से दांत दर्द में लाभ मिलता है।
यदि दांत का दर्द काफी पुराना हो तो रोगी को दर्द को दूर करने के लिए 3 दिन तक उपवास रखना चाहिए। इसके बाद पेट में कब्ज को दूर करना चाहिए। फिर प्रतिदिन एनिमा लेना चाहिए। फिर फल, दूध या मठ्ठा तथा साग-सब्जी खानी चाहिए और प्राकृतिक चिकित्सा से दांत दर्द का उपचार करना चाहिए।

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